भक्त रह जाते हैं हैरान! भारत का इकलौता मंदिर जहां सीधे नहीं, उल्टे बैठे हैं बप्पा

भारत में भगवान गणेश के कई ऐसे मंदिर हैं, जो अपनी अनोखी परंपराओं और खास मान्यताओं के लिए जाने जाते हैं। इनमें कुछ मंदिरों में गणपति जी का रूप आम मंदिरों से अलग दिखाई देता है और कहीं उनकी पूजा से जुड़ी मान्यताएं भक्तों के बीच काफी प्रसिद्ध हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद इन मंदिरों में दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। इन मंदिरों की खासियत केवल इनकी प्राचीनता नहीं, बल्कि यहां जुड़ी अलग-अलग धार्मिक मान्यताएं और बप्पा के अनोखे स्वरूप भी हैं।

अपडेटेड Sep 15, 2026 पर 10:28 AM
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गणेश जी को विघ्नहर्ता और सुख-समृद्धि देने वाला देवता माना जाता है। यही वजह है कि देशभर में उनके कई छोटे-बड़े मंदिर देखने को मिलते हैं। हर मंदिर की अपनी अलग कहानी और मान्यता है। कुछ जगहों पर गणपति जी की प्रतिमा अपने खास रूप के कारण लोगों का ध्यान खींचती है। ऐसे ही भारत के 7 गणेश मंदिर हैं, जहां उल्टे गणेश जी की पूजा की परंपरा बताई जाती है और इनके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद इन गणेश मंदिरों की खास मान्यताएं और अनोखे स्वरूप इन्हें बाकी गणेश मंदिरों से अलग पहचान देते हैं।

भारत के सबसे प्रसिद्ध और चमत्कारी गणेश मंदिर

1. सिद्धिविनायक मंदिर, मुंबई

मुंबई का सिद्धिविनायक मंदिर भगवान गणेश के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में गिना जाता है। यहां गणपति जी की प्रतिमा की सूंड दाईं ओर मुड़ी हुई है, जिसे मंदिर की खास विशेषता माना जाता है। सिद्धिविनायक मंदिर मुंबई के प्रभादेवी इलाके में है। मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से यहां सड़क के रास्ते आसानी से पहुंचा जा सकता है। मुंबई लोकल से दादर स्टेशन पहुंचकर आगे कैब या ऑटो लिया जा सकता है। देशभर से भक्त यहां बप्पा के दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं। गणेश उत्सव और मंगलवार के दिन मंदिर में बहुत भीड़ रहती है।


2. श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति मंदिर, पुणे

पुणे का श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति मंदिर गणेश भक्तों के बीच काफी प्रसिद्ध है। यहां भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा सोने के आभूषणों से सजी हुई दिखाई देती है। यह मंदिर पुणे आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। मंदिर पुणे शहर के मध्य इलाके में है। पुणे रेलवे स्टेशन से यहां कैब, ऑटो या बस के जरिए पहुंच सकते हैं। पुणे एयरपोर्ट से भी मंदिर तक टैक्सी आसानी से मिल जाती है।

3. त्रिनेत्र गणेश मंदिर, रणथंभौर

राजस्थान के सवाई माधोपुर में रणथंभौर किले के अंदर स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर काफी खास माना जाता है। यहां भगवान गणेश को त्रिनेत्र रूप में पूजा जाता है और उनके साथ रिद्धि-सिद्धि तथा शुभ-लाभ भी विराजमान हैं। मंदिर से जुड़ी एक प्रसिद्ध मान्यता यह भी है कि लोग अपने शुभ कार्यों और विवाह के निमंत्रण का पहला कार्ड यहां भेजते हैं। सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन मंदिर तक पहुंचने का सबसे आसान विकल्प है। स्टेशन से रणथंभौर किले तक टैक्सी या कैब ली जा सकती है। जयपुर से भी सड़क के रास्ते सवाई माधोपुर पहुंचा जा सकता है।

4. कर्पग विनायगर मंदिर, पिल्लियारपट्टी

तमिलनाडु के शिवगंगा जिले में स्थित कर्पग विनायगर मंदिर अपनी प्राचीन गुफा और चट्टान को काटकर बनाई गई संरचना के लिए जाना जाता है। मंदिर में भगवान गणेश की बड़ी और आकर्षक प्रतिमा स्थापित है। पत्थर की नक्काशी और पुरानी वास्तुकला यहां पहुंचने वाले लोगों का ध्यान खींचती है। पिल्लियारपट्टी तमिलनाडु के कराईकुडी के पास है। कराईकुडी रेलवे स्टेशन से टैक्सी या स्थानीय वाहन लेकर मंदिर तक पहुंच सकते हैं। मदुरै एयरपोर्ट से भी सड़क के रास्ते यहां पहुंचा जा सकता है।

5. मोती डूंगरी गणेश मंदिर, जयपुर

जयपुर का मोती डूंगरी गणेश मंदिर शहर के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में शामिल है। मंदिर में भगवान गणेश की सिंदूरी प्रतिमा विराजमान है और भक्त इसे बेहद शुभ मानते हैं। बुधवार के दिन यहां खास तौर पर भक्तों की भीड़ देखने को मिलती है। मंदिर जयपुर शहर में मोती डूंगरी इलाके के पास है। जयपुर रेलवे स्टेशन और सिंधी कैंप से यहां कैब, ऑटो या बस से आसानी से पहुंचा जा सकता है। जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भी टैक्सी के जरिए मंदिर तक पहुंच सकते हैं। जयपुर घूमने आने वाले लोग आमतौर पर इस मंदिर को अपनी यात्रा में शामिल करते हैं।

6. कनिपक्कम विनायक मंदिर, चित्तूर

आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित कनिपक्कम विनायक मंदिर भगवान गणेश को समर्पित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यहां गणेश जी की स्वयंभू प्रतिमा होने की मान्यता है। मंदिर से जुड़ी सबसे खास बात यह कही जाती है कि प्रतिमा का आकार समय के साथ बढ़ता जा रहा है। कनिपक्कम चित्तूर के पास है। चित्तूर रेलवे स्टेशन से टैक्सी या स्थानीय वाहन के जरिए मंदिर तक पहुंचा जा सकता है। तिरुपति से भी सड़क के रास्ते कनिपक्कम आसानी से पहुंच सकते हैं।

7. उच्छी पिल्लियार मंदिर, त्रिची

तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली यानी त्रिची में रॉकफोर्ट पहाड़ी की चोटी पर उच्छी पिल्लियार मंदिर भगवान गणेश को समर्पित है। पहाड़ी पर बने इस मंदिर तक पहुंचने के दौरान आसपास का नजारा भी काफी शानदार दिखाई देता है। मंदिर से त्रिची शहर का सुंदर दृश्य देखा जा सकता है। त्रिची रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट से मंदिर तक कैब या ऑटो के जरिए पहुंच सकते हैं। रॉकफोर्ट पहाड़ी के पास पहुंचने के बाद मंदिर तक जाने के लिए सीढ़ियों का रास्ता है। इस स्थान से रामायण से जुड़ी कई धार्मिक मान्यताएं भी जुड़ी हुई हैं, जिसके कारण भक्तों के बीच इसका खास महत्व है।

इन गणेश मंदिरों की खासियत केवल इनकी धार्मिक मान्यताओं से ही नहीं, बल्कि इनसे जुड़ी परंपराएं और इतिहास भी इन्हें खास बनाते हैं। अलग-अलग शहरों में स्थित इन मंदिरों में गणपति जी के अलग रूप और पूजा की परंपराएं देखने को मिलती हैं। यदि आप धार्मिक यात्रा के साथ कुछ अनोखे मंदिरों को देखने का अनुभव चाहते हैं, तो इन जगहों को अपनी यात्रा में शामिल कर सकते हैं।

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