रेलवे ने पैसेंजर तक स्पेशल ट्रेनों की जानकारी पहुंचाने का नया तरीका अपनाया है। अब ट्रेन की तारीख, समय, रूट और स्टॉपेज जैसी जरूरी डिटेल सोशल मीडिया पर शेयर की जाने वाली छोटी रील्स में देखने को मिल रही है। खास बात यह है कि इन वीडियो में सफर से जुड़ी खास जगहों की झलक भी दिखाई जाती है, जिससे पैसेंजर को जानकारी के साथ अपनी ट्रिप की तैयारी करने में भी आसानी होती है।
चंद सेकेंड्स में ट्रेन की पूरी डिटेल्स
स्पेशल ट्रेनों को लेकर बनाई जा रही रील्स में ट्रेन के ऑपरेशन की तारीख, समय और प्रमुख स्टेशनों की इनफार्मेशन दी जाती है। पैसेंजर वीडियो देखकर जल्दी समझ सकते हैं कि ट्रेन कब और कहां से चलेगी। इससे उन्हें लंबी जानकारी पढ़ने या अलग-अलग जगहों पर ट्रेन की डिटेल ढूंढने में ज्यादा समय नहीं लगाना पड़ेगा।
मशहूर टूरिस्ट स्पॉट्स की झलकियां
इन रील्स को सिर्फ ट्रेन की जानकारी तक सीमित नहीं रखा गया है। वीडियो में ट्रेन के रास्ते में आने वाले प्रसिद्ध धार्मिक और ऐतिहासिक जगहों की फोटो और छोटे वीडियो भी शामिल किए जाते हैं। इससे पैसेंजर को रूट का अंदाजा लगाने के साथ यह भी पता चलता है कि सफर के दौरान कौन-कौन सी खास जगहें रास्ते में पड़ सकती हैं।
फेसबुक और व्हाट्सऐप से कनेक्शन
रेलवे की ये रील्स फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और व्हाट्सऐप ग्रुपों जैसे कई प्लेटफॉर्म पर शेयर की जा रही हैं। सोशल मीडिया पर मौजूद पैसेंजर तक जानकारी सीधे उनके मोबाइल पर पहुंच जाती है। छोटी वीडियो होने की वजह से इसे देखना और जरूरी जानकारी समझना भी आसान रहता है।
इनफार्मेशन के साथ एंटरटेनमेंट भी
रेलवे के पीआर प्रोफेशनल्स इन रील्स को पैसेंजर की पसंद और सोशल मीडिया के मौजूदा ट्रेंड को ध्यान में रखकर तैयार करते हैं। वीडियो को अट्रैक्टिव बनाने के लिए ट्रेंडिंग म्यूजिक और आसान विजुअल्स का इस्तेमाल किया जाता है। उदाहरण के तौर पर कानपुर से प्रयागराज होते हुए बेंगलुरु जाने वाली स्पेशल ट्रेन 04132-31 के लिए करीब 38 सेकेंड की रील तैयार की गई है।
रील्स से जानें पसंदीदा स्पेशल ट्रेन
सोशल मीडिया रील्स से सिर्फ नई स्पेशल ट्रेनों की इनफार्मेशन ही नहीं, बल्कि ट्रेन में हुए चेंज और रूट की इनफार्मेशन भी पैसेंजर तक पहुंचाई जा रही है। उदाहरण के लिए प्रयागराज से दादरी के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन को नारायणपुर बाजार तक बढ़ाया गया है।
रेलवे का यह तरीका बदलते समय के साथ पैसेंजर की जरूरतों को समझने की एक अच्छी कोशिश है। आज जब लोग मोबाइल पर कम समय में जानकारी पाना चाहते हैं, ऐसे में आसान तरीके से दी गई जानकारी ज्यादा असरदार हो सकती है। इस तरह की पहल से रेलवे और पैसेंजर के बीच कम्युनिकेशन भी आसान होगा और जरूरी अपडेट लोगों तक पहुंचाने का तरीका और बेहतर बन सकता है।