भारत की खूबसूरत झीलें अपनी साफ पानी, पहाड़ों से घिरे शानदार नजारों और शांत वातावरण के लिए दुनियाभर में फेमस हैं। अगर आप नेचर के साथ समय बिताना चाहते हैं और भीड़भाड़ से दूर किसी शांत जगह की तलाश में हैं, तो ये झीलें आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन हो सकती हैं:
1. पांगोंग त्सो झील, लद्दाख
2. गुरुडोंगमार झील, सिक्किम
उत्तरी सिक्किम में गुरुडोंगमार झील दुनिया की सबसे ऊंची झीलों में शामिल है, जो करीब 17,800 फीट की ऊंचाई पर मौजूद है। चारों तरफ बर्फ से ढकी पहाड़ियों और साफ नीले पानी से घिरी यह झील बेहद खूबसूरत दिखाई देती है। धार्मिक महत्व के कारण भी इसे पवित्र माना जाता है और यहां का शांत वातावरण यात्रियों को एक अलग एक्सपीरियंस देता है। मार्च से मई और अक्टूबर से नवंबर तक यहां घूमने का अच्छा समय होता है। गंगटोक से लाचेन होते हुए सड़क मार्ग से इस झील तक पहुंचा जा सकता है। यहां बर्फीली चोटियां, प्राकृतिक सुंदरता और शांत माहौल सबसे बड़े अट्रैक्शन हैं।
3. त्सोमगो झील (चांगू लेक), सिक्किम
सिक्किम की त्सोमगो झील, जिसे चांगू लेक भी कहा जाता है, पहाड़ों के बीच बसी एक खूबसूरत झील है। करीब 12,310 फीट की ऊंचाई पर यह झील मौसम के अनुसार अपना रूप बदलती रहती है। विंटर में यह पूरी तरह बर्फ से ढक जाती है, जबकि गर्मियों में इसका साफ नीला पानी पहाड़ों की खूबसूरती को और बढ़ा देता है। गंगटोक से करीब 40 किलोमीटर दूर इस झील तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। यहां याक की सवारी, बर्फीले नजारे और आसपास के नेचुरल व्यू टूरिस्ट को काफी अट्रैक्ट करते हैं।
4. चंद्रताल झील, हिमाचल प्रदेश
स्पीति घाटी में चंद्रताल झील अपनी अनोखी सुंदरता और शांत वातावरण के लिए जानी जाती है। करीब 14,100 फीट की ऊंचाई पर इस झील का शेप आधे चांद जैसा है, इसलिए इसे चंद्रताल कहा जाता है। इसका साफ पानी आसपास के पहाड़ों का सुंदर रिफ्लेक्ट दिखाता है। ट्रेकिंग और कैंपिंग पसंद करने वालों के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं है। जून से सितंबर तक यहां जाने का सही समय होता है, क्योंकि बाकी महीनों में भारी बर्फबारी के कारण रास्ते बंद हो सकते हैं। रात में तारों से भरा आसमान और पहाड़ों के बीच कैंपिंग यहां का मेन अट्रैक्शन है।
5. करैरी झील, हिमाचल प्रदेश
धर्मशाला के पास करैरी झील हिमाचल प्रदेश की एक शांत और खूबसूरत मीठे पानी की झील है। यह धौलाधार माउंटेन रेंज के बीच स्थित है और यहां पहुंचने के लिए जंगलों और पहाड़ी रास्तों से होकर ट्रेक करना पड़ता है। रास्ते में मिलने वाले नेचुरल नजारे, हरियाली और पहाड़ों की खूबसूरती इस ट्रिप को खास बना देते हैं। मई से जुलाई और सितंबर से नवंबर तक यहां घूमना बेहतर माना जाता है। यह जगह उन लोगों के लिए शानदार है जो ट्रेकिंग, शांति और नेचुरल ब्यूटी का मजा लेना चाहते हैं।
उत्तराखंड में सत्ताल सात आपस में जुड़ी हुई मीठे पानी की झीलों का समूह है, जो घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरा हुआ है। यह जगह नेचर लवर और शांति पसंद करने वाले ट्रैवलर के लिए बेहतरीन डेस्टिनेशन है। यहां बोटिंग, पक्षी देखने और जंगलों के बीच घूमने जैसी एक्टिविटीज का आनंद लिया जा सकता है। मार्च से जून और सितंबर से दिसंबर तक यहां जाने का अच्छा समय माना जाता है। काठगोदाम रेलवे स्टेशन और नैनीताल से रोड से सत्ताल आसानी से पहुंचा जा सकता है।
ट्रिप से पहले इन बातों का रखें ध्यान
इन ऊंचाई वाली झीलों की ट्रिप करने से पहले कुछ जरूरी तैयारियां करना बेहद जरूरी है। लद्दाख और सिक्किम की कुछ झीलें सीमा के पास हैं, इसलिए वहां जाने के लिए परमिट की जरुरत हो सकती है।
ऊंचाई वाले इलाकों में ऑक्सीजन की कमी महसूस हो सकती है, इसलिए शरीर को मौसम में ढलने के लिए पर्याप्त समय दें। ट्रिप के दौरान गर्म कपड़े, जैकेट, दस्ताने, जरूरी दवाइयां और पानी जरूर पास रखें। जाने से पहले मौसम की जानकारी लेना भी जरूरी है।
सही तैयारी के साथ इन खूबसूरत झीलों की ट्रिप जीवनभर याद रहने वाला एक्सपीरियंस बन सकती है।