पश्चिम बंगाल का एक गांव भारत-भूटान बॉर्डर पर बसा एक ऐसा शहर है, जहां से दूसरे देश की ट्रैवल करना बेहद आसान है। यहां से भूटान की बॉर्डर कुछ ही दूरी पर है, यहां सुबह भारत में नाश्ता करने के बाद भूटान के लिए निकलना और वहां कुछ घंटे घूमना यहां एक खास ट्रैवल एक्सपीरियंस माना जाता है।
आप बिना ज्यादा बजट और कम समय भूटान घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो यह गांव आपके लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है। यहां से बॉर्डर पार करके भूटान के फुंटशोलिंग शहर में घूम सकते हैं, लोकल मार्केट देख सकते हैं, खाना खा सकते हैं और खरीदारी भी कर सकते हैं। इसके बाद शाम तक वापस जयगांव लौटना आसान है।
पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में जयगांव भारत-भूटान बॉर्डर पर बसा प्रमुख शहर है। यहां से पैदल चलकर सीधे भूटान के फुंटशोलिंग शहर में एंट्री किया जा सकता है। भारतीय नागरिकों को भूटान जाने के लिए वीजा की जरूरत नहीं होती, लेकिन एंट्री के लिए परमिट लेना जरूरी है। इसके लिए कम से कम छह महीने वैलिड पासपोर्ट या वोटर आईडी कार्ड इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ में पासपोर्ट साइज फोटो रखना भी जरूरी है। 18 साल से कम उम्र के बच्चों के पास पासपोर्ट नहीं होने पर मूल जन्म प्रमाण पत्र की जरुरत हो सकती है।
भूटान जाने से पहले एंट्री परमिट और Sustainable Development Fee (SDF) से जुड़े नियम जानना जरूरी है। भारतीय यात्रियों के लिए SDF लागू होता है, लेकिन छोटी यात्रा और 24 घंटे के भीतर वापसी को लेकर अलग रेगुलेशन और छूट हो सकती है। फुंटशोलिंग से आगे थिम्फू या पारो जैसे जगहों पर जाने के लिए एक्स्ट्रा परमिट की जरूरत पड़ सकती है।
अपनी गाड़ी से भूटान जाने के नियम
कार या बाइक से जयगांव के रास्ते भूटान जाना चाहते हैं, तो वाहन से जुड़े डॉक्यूमेंट साथ रखना जरूरी है। भारतीय नंबर प्लेट वाले वाहनों को कुछ शर्तों के साथ एंट्री मिल सकती है, लेकिन फुंटशोलिंग से आगे जाने पर अलग परमिट, टैक्स या शुल्क लागू हो सकते हैं। इसलिए ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन के कागजात, इंश्योरेंस और जरूरी परमिट पहले से तैयार रखें।
जयगांव और आसपास घूमने की जगहें
जयगांव सिर्फ भूटान जाने का रास्ता नहीं है, बल्कि इसके आसपास भी कई खूबसूरत जगहें हैं। शहर का भूटान गेट टूरिस्ट के बीच मेन अट्रैक्शन है, जहां भूटानी आर्किटेक्टर और कल्चर की झलक मिलती है। इसके अलावा आसपास के दुआर्स क्षेत्र में जलदापाड़ा नेशनल पार्क और बक्सा टाइगर रिजर्व घूम सकते हैं। तोर्शा नदी के किनारे सिकियाझोरा में शांत माहौल और नौका विहार का मजा लिया जा सकता है। वहीं, चाय बागानों से घिरा हासीमारा भी घूमने के लिए अच्छा ऑप्शन है।
जयगांव पहुंचने के लिए हवाई और रेल दोनों ऑप्शन हैं। बागडोगरा एयरपोर्ट पहुंचकर वहां से सड़क मार्ग से जयगांव जा सकते हैं। ट्रेन से आने वाले ट्रैवलर के लिए अलीपुरद्वार जंक्शन, न्यू अलीपुरद्वार और न्यू कूच बिहार रेलवे स्टेशन हैं। यहां से टैक्सी या लोकल ट्रांसपोर्ट के जरिए जयगांव पहुंचा जा सकता है।
जयगांव बॉर्डर की हलचल, भूटानी संस्कृति,लोकल मार्केट और आसपास के जंगल जयगांव की ट्रिप को खास बनाते हैं। अगर आप भूटान की ट्रिप का प्लान बना रहे हैं, तो डॉक्यूमेंट और परमिट पहले से तैयार रखें और ट्रेवलिंग से पहले फीस व एंट्री रेगुलेशन जरूर चेक करें।