रूस के सुदूर पूर्वी छोर पर कामचटका प्रायद्वीप पर बुधवार सुबह 8.8 तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद उत्तरी पैसिफिक महासागर में सुनामी की लहरें उठीं, जिससे जापान, हवाई, अलास्का और अन्य तटीय क्षेत्रों में भी चेतावनी जारी की गई। प्रशासन ने लोगों से एहतियात के तौर पर ऊंचे और सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा है। इतना ही नहीं होनुलुलु में भी सुनामी सायरन बज गए और तटीय क्षेत्रों से काफी लोग ऊंचे स्थानों पर चले गए। एनडीटीवी पर सुनामी वॉर्निंग सेंटर के हवाले से कहा गया कि लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए आपात कार्यवाही करनी जरूरी थी।
तटीय क्षेत्रों में भूकंप आने पर सुनामी का खतरा रहता है। ऐसा एक नजारा हम भारत में भी 2004 में देख चुके हैं। इसके अलावा 2011 में जापान की सुनामी भी कोई नहीं भूला होगा। ऐसे में अगर आप इस तरह की परिस्थिति में फंस जाएं तो ये समझना जरूरी है कि कौन सा रास्ता सुरक्षा के लिहाज से सही होगा। आइए जानें
सुनामी से सड़का मार्ग बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। भारी मात्रा में लहरें काफी अंदर तक आने की वजह से तटीय सड़कों पर बाढ़ या उनके बह जाने का खतरा रहता है। पुलों को भी इससे नुकसान पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में बीच के आसपास या निचले क्षेत्रों में जाने से बचें। यातायात में बदलाव का पालन करें और स्थानीय प्रशासन की तरफ से आ रहे अपडेट पर नजर रखें। ऐसे हालात में जीपीएस पर पूरी तरह निर्भर होने से बचें और अपनी गाड़ी में एमर्जेंसी किट के साथ इलाके का मैप जरूर रखें।
सुनामी की स्थिति में तटीय क्षेत्रों में एयरपोर्ट्स अस्थायी रूप से बंद हो सकते हैं। रनवे या हवाई अड्डे के ढांचे को नुकसान होने के कारण ऐसा किया जाता सकता है। हालांकि, ऑपरेशन में दिक्कत न हो तो यातायात का ये साधन दूसरे साधनों के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित होता है। उड़ान भरने से पहले, देरी, उड़ान रद्द होने या हवाई अड्डे के बंद होने के बारे में हमेशा एयरलाइन से संपर्क करें।
सुनामी की वजह से तटीय क्षेत्रों में रेल ट्रैक्स पर पानी भर सकता है या मलबे की वजह से नुकसान हो सकता है। ऐसे में कई बार पटरियां उखड़ जाती हैं या उनके बह जाने का भी खतरा रहता है। इसलिए सुनामी के दौरान स्थिति सामान्य होने तक रेल यातायात बंद किया जा सकता है। रूस और जापान में सुनामी की चेतावनी के बाद एहतियात के तौर पर ट्रेनें रोक दी जाती हैं। लागों को रेलवे स्टेशन पर जाने से पहले ट्रेन की जानकारी आधिकारिक वेबसाइट या एप्स से करनी चाहिए।
सुनामी में फंसने पर क्या करें यात्री
सुनामी की आशंका वाले क्षेत्रों में बचाव के रास्ते आमतौर चिह्नित होते हैं और लोग इनकी मदद से ऊंचे स्थान पर पहुंच सकते हैं।
सड़कें बाधित या क्षतिग्रस्त हो सकती हैं और पब्लिक ट्रांसपोट स्थगित रहते हैं। इसलिए, पैदल पार करने वाले निकासी मार्ग की पहचान करना जरूरी है।
सुनामी की चेतावनी जारी होने पर इवैक्युएशन प्लान का अभ्यास करते रहें।
आधिकारिक मौसम और आपात एलर्ट के जरिए सतर्क रहें और बीच और समुद्र के पास वाले होटलों से दूर रहें।