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Japan-Russia Tsunami: अगर आप भी फंस जाएं सुनामी में, तो ये बातें ध्यान रखें

Tsunami News: तटीय क्षेत्रों में भूकंप आने पर सुनामी का खतरा रहता है। ऐसे में अगर आप इसमें फंस जाएं तो ये समझना जरूरी है कि आप इससे कैसे बच सकते हैं और कौन से यातायात के साधन का इस्तेमाल करना सुरक्षित रहेगा।

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 30, 2025 पर 6:43 PM
Japan-Russia Tsunami: अगर आप भी फंस जाएं सुनामी में, तो ये बातें ध्यान रखें

रूस के सुदूर पूर्वी छोर पर कामचटका प्रायद्वीप पर बुधवार सुबह 8.8 तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद उत्तरी पैसिफिक महासागर में सुनामी की लहरें उठीं, जिससे जापान, हवाई, अलास्का और अन्य तटीय क्षेत्रों में भी चेतावनी जारी की गई। प्रशासन ने लोगों से एहतियात के तौर पर ऊंचे और सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा है। इतना ही नहीं होनुलुलु में भी सुनामी सायरन बज गए और तटीय क्षेत्रों से काफी लोग ऊंचे स्थानों पर चले गए। एनडीटीवी पर सुनामी वॉर्निंग सेंटर के हवाले से कहा गया कि लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए आपात कार्यवाही करनी जरूरी थी।

तटीय क्षेत्रों में भूकंप आने पर सुनामी का खतरा रहता है। ऐसा एक नजारा हम भारत में भी 2004 में देख चुके हैं। इसके अलावा 2011 में जापान की सुनामी भी कोई नहीं भूला होगा। ऐसे में अगर आप इस तरह की परिस्थिति में फंस जाएं तो ये समझना जरूरी है कि कौन सा रास्ता सुरक्षा के लिहाज से सही होगा। आइए जानें

सड़क और पुल

सुनामी से सड़का मार्ग बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। भारी मात्रा में लहरें काफी अंदर तक आने की वजह से तटीय सड़कों पर बाढ़ या उनके बह जाने का खतरा रहता है। पुलों को भी इससे नुकसान पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में बीच के आसपास या निचले क्षेत्रों में जाने से बचें। यातायात में बदलाव का पालन करें और स्थानीय प्रशासन की तरफ से आ रहे अपडेट पर नजर रखें। ऐसे हालात में जीपीएस पर पूरी तरह निर्भर होने से बचें और अपनी गाड़ी में एमर्जेंसी किट के साथ इलाके का मैप जरूर रखें।

पोर्ट्स ऐंड हार्बर्स

बंदरगाहों के आसपास का क्षेत्र भी इस दौरान सुरक्षित नहीं होता है। सुनामी के दौरान या उसके तुरंत बाद नाव, जहाज या और किसी तरह की समुद्री यात्रा काफी खतरनाक होती है। सुनामी के दौरान या उसके बाद समुद्र में काफी ऊंची लहरें, भंवर या खतरनाक धाराओं के चपेट में आने से जहाज पलट सकते हैं या क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। इस दौरान पहले से समुद्र में मौजूद लोगों को गहरे पानी में रहने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यहां प्रभाव कम गंभीर होते हैं।

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