Kailash Manasarovar Yatra 2025: 5 सालों बाद फिर शुरू हुई कैलाश मानसरोवर यात्रा, पहला जत्था हुआ रवाना

Kailash Manasarovar Yatra 2025: भारत सरकार हर साल जून से सितंबर के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा का आयोजन करती है, जो उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे और सिक्किम के नाथू ला दर्रे इन दो मार्गों से की जाती है। कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों का पहला जत्था गाजियाबाद और दिल्ली से रवाना किया गया है

अपडेटेड Jun 15, 2025 पर 4:07 PM
कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों का पहला जत्था गाजियाबाद के यात्रा भवन से रवाना किया गया (Photo Credit: Canva)

पांच साल के लंबे अंतराल के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा एक बार फिर से शुरू हो गई है। कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर यूपी सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। 15 जून 2025 को कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों का पहला जत्था गाजियाबाद के यात्रा भवन से रवाना किया गया। इस यात्रा को राज्य के पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सरकार ने तीर्थयात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए हैं। यह धार्मिक यात्रा 25 अगस्त तक जारी रहेगी। वहीं 13 जून को नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू भवन से भी तीर्थयात्रियों  पहला जत्था रवाना किया गया था। विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने श्रद्धालुओं को दिल्ली से यात्रा के लिए रवाना किया था।

वहीं विदेश मंत्रालय ने इस अवसर पर एक बयान जारी करते हुए यात्रा की दोबारा शुरुआत में चीन के सहयोग की सराहना की और इस सहयोग को यात्रा के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण बताया।

मार्गेरिटा ने क्या कहा


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर मार्गेरिटा ने कार्यक्रम की कुछ फोटो शेयर की है। पबित्रा मार्गेरिटा ने कहा, "केएमवाई 2025 के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाना मेरे लिए गर्व और सम्मान की बात है। यह एक ऐसी पवित्र यात्रा है, जो भारत के सीमाओं के पार फैले सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों की जीवंत मिसाल है। सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुखद यात्रा की शुभकामनाएं। इतनी कम अवधि में इस यात्रा को संभव बनाने के लिए विदेश मंत्रालय, राज्य सरकारों, ITBP और सभी सहयोगी एजेंसियों का धन्यवाद।"

यूपी टूरिज्म ने किया पोस्ट

वहीं यूपी टूरिज्म ने भी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट में लिखा, "पांच वर्षों के लंबे अंतराल के बाद ‘पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा - 2025’ एक बार फिर श्रद्धालुओं के लिए प्रारंभ हो गई है। इस पुण्य यात्रा हेतु देशभर से आ रहे शिवभक्तों का गाजियाबाद स्थित कैलाश मानसरोवर यात्रा भवन में आगमन प्रारंभ हो चुका है।"

कब शुरू होती है ये यात्रा

भारत सरकार हर साल जून से सितंबर के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा का आयोजन करती है, जो उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे और सिक्किम के नाथू ला दर्रे इन दो मार्गों से की जाती है। यह यात्रा सिर्फ हिंदुओं के लिए नहीं, बल्कि जैन और बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए भी गहरी आस्था का प्रतीक है। तीर्थयात्री इस दौरान तिब्बत में स्थित पवित्र कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की कठिन यात्रा करते हैं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।