
आपका सूटकेस एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद सीधे बेल्ट पर नहीं आता। चेक-इन से लेकर एयरक्राफ्ट में लोड होने और फिर एयरक्राफ्ट से उतरकर बैगेज क्लेम तक पहुंचने के बीच वह कई चेक-इन प्रोसेस से गुजरता है। जिससे कुछ बैग पहले और कुछ बाद में पहुंचते हैं।
बैगेज हैंडलिंग सिस्टम कैसे करते हैं काम :
कई लोगों को लगता है कि जो पैसेंजर सबसे पहले चेक-इन करता है, उसका सामान भी सबसे पहले बेल्ट पर आएगा। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। सामान को एयरक्राफ्ट के अंदर सिर्फ चेक-इन के समय के हिसाब से नहीं रखा जाता। एयरक्राफ्ट के होल्ड में बैग किस जगह रखा जाएगा, यह वजन के सही बंटवारे और सामान की कैटेगरी जैसे कई बातों पर डिपेंड करता है। कुछ मामलों में जो बैग पहले लोड किए जाते हैं, वे अंदर की तरफ चले जाते हैं और उन्हें निकालने के लिए पहले दूसरे बैग हटाने पड़ते हैं। ऐसे में वे बैग बेल्ट पर बाद में पहुंच सकते हैं।
बिजनेस या फर्स्ट क्लास पैसेंजर और कुछ एयरलाइन लॉयल्टी स्टेटस वाले पैसेंजर के बैग पर प्रायोरिटी टैग लगाया जाता है। ऐसे बैग को आम सामान की तुलना में जल्दी उतारकर बैगेज क्लेम तक पहुंचाने की कोशिश की जाती है। इसलिए यदि आप स्टैंडर्ड इकॉनमी टिकट पर ट्रैवल कर रहे हैं और आसपास कई प्रायोरिटी बैग हैं, तो आपको इंतजार करना पड़ सकता है। सबसे पहले ग्राउंड स्टाफ एयरक्राफ्ट से बैग उतारता है। इसके बाद बैग को स्कैनिंग और सॉर्टिंग सिस्टम से गुजरना पड़ता है। यहां बैग को उसकी फ्लाइट और तय बैगेज बेल्ट के हिसाब से आगे भेजा जाता है।
हर सूटकेस एक ही रास्ते से नहीं जाता। कुछ बैग को सिक्योरिटी चेक के लिए अलग किया जा सकता है या उनकी ज्यादा चेकिंग हो सकती है। ऐसे में उन्हें बेल्ट तक पहुंचने में थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है। इसी तरह बहुत बड़े सामान, बेबी स्ट्रोलर, गोल्फ किट, म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट या दूसरे बड़े साइज के सामान को बैगेज बेल्ट के बजाय अलग जगह से दिया जा सकता है।
हर बैग को एक ही तरीके से नहीं संभाला जाता। बड़े, नाजुक या अलग साइज के सामान को कई बार अलग प्रोसेस से गुजारा जाता है। ऐसे सामान को सामान्य बैग की बजाय दूसरी बेल्ट से भेजा जा सकता है, इसलिए इन्हें मिलने में थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है। सामान्य बैग भी कभी-कभी कन्वेयर बेल्ट पर फंसने, सही जगह पर न पहुंचने या दोबारा सही दिशा में भेजे जाने की वजह से देर से पहुंच सकता है।
बैग जल्दी पाने के आसान तरीके:
1. प्रायोरिटी बैगेज का ऑप्शन चुनें
सामान जल्दी मिलने की कोई गारंटी वाली ट्रिक नहीं होती, क्योंकि बैगेज की पूरी प्रोसेस एयरलाइन और एयरपोर्ट की ऑपरेशन पर डिपेंड करती है। फिर भी यदि आपकी एयरलाइन प्रायोरिटी बैगेज की फैसिलिटी देती है, तो इसका ऑप्शन लिया जा सकता है। प्रायोरिटी टैग वाले बैग को आम सामान से अलग तरीके से हैंडल किया जा सकता है और कई एयरलाइंस में ऐसे बैग पहले डिलीवर किए जाते हैं।
2. पुराने टैग हटाएं और कनेक्शन में टाइम रखें
हर ट्रिप से पहले बैग पर लगे पुराने टैग और स्टिकर हटा देना बेहतर होता है और सिर्फ उस दिन की जर्नी का सही बैगेज टैग रखना चाहिए। इससे बैग की पहचान और सही जगह तक पहुंचाने में आसानी होती है। इसके अलावा बहुत कम समय वाला कनेक्शन लेने से बचें, क्योंकि कनेक्टिंग फ्लाइट में सामान को दोबारा सॉर्ट और ट्रांसफर करना पड़ सकता है।
कई बार देरी आपके बैग की वजह से नहीं, बल्कि पूरे एयरपोर्ट के काम के बोझ के कारण से होती है। एक साथ कई एयरक्राफ्ट उतर रहे हों, बैगेज स्टाफ पर काम ज्यादा हो, मौसम खराब हो या कन्वेयर और सॉर्टिंग सिस्टम में टेक्नीकल परेशानी हो, तो कई पैसेंजर के सामान में देरी हो सकती है। कनेक्टिंग फ्लाइट वाले बैग को भी अलग तरीके से संभालना पड़ सकता है। इसलिए अगली बार बेल्ट पर अपना बैग देर से आता दिखे, तो परेशान होने के बजाय थोड़ा धैर्य रखें। आपका सामान कई प्रोसेस से गुजरकर आखिरकार उसी बेल्ट तक पहुंच रहा होता है, जहां आप उसका इंतजार कर रहे हैं।
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