बारिश का मौसम आते ही महाराष्ट्र के पहाड़, घाटियां और ऐतिहासिक किले हरियाली से भर जानते हैं। मानसून में इन किलों की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है और बादलों, झरनों व ठंडी हवाओं के बीच ट्रेकिंग का एक्सपीरियंस बेहद यादगार बन जाता है। अगर आप नेचर और एडवेंचर का आनंद एक साथ लेना चाहते हैं, तो ये किले आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन हैं:
सिंहगढ़ किला पुणे से लगभग 30 किलोमीटर दूर है और महाराष्ट्र के सबसे पॉपुलर ट्रेकिंग डेस्टिनेशन में से एक माना जाता है। यह किला छत्रपति शिवाजी महाराज और तानाजी मालुसरे के शौर्य से जुड़ा हुआ है। बारिश के मौसम में यहां चारों तरफ घनी हरियाली, ठंडी हवाएं और बादलों से घिरी पहाड़ियां देखने को मिलती हैं, जो पूरे माहौल को बेहद खूबसूरत बना देती हैं।
यहां तक पहुंचने के लिए ट्रेक बहुत कठिन नहीं है, इसलिए परिवार और नए ट्रेकर्स भी आसानी से आ सकते हैं। रास्ते में छोटे-छोटे झरने जर्नी को और भी रोमांचक बना देते हैं। किले की ऊंचाई से पुणे शहर और आसपास की घाटियों का नजारा बेहद अट्रैक्टिव दिखाई देता है। सुबह जल्दी या शाम के समय यहां का मौसम सबसे ज्यादा सुहावना रहता है। दुकानों पर मिलने वाला पिठला-भाकरी, कांदा भजी और गर्म चाय इस ट्रिप का स्वाद और बढ़ा देते हैं।
रायगढ़ किला मराठा साम्राज्य की राजधानी रहा है और इसे छत्रपति शिवाजी महाराज के सबसे महत्वपूर्ण किलों में गिना जाता है। मानसून के दौरान यह पूरा इलाका बादलों से ढक जाता है और हर तरफ फैली हरियाली इसे किसी स्वर्ग जैसा बना देती है। ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यहां से घाटियों और पहाड़ों का नजारा बेहद शानदार दिखाई देता है।
यहां ट्रेकिंग के अलावा रोपवे की सुविधा भी अवेलेबल है, जिससे बुजुर्ग और बच्चे भी आसानी से किले तक पहुंच सकते हैं। किले के अंदर राजमहल, दरबार, बाजार और शिवाजी महाराज की समाधि देखने को मिलती है। बारिश के मौसम में किले के आसपास बहते झरने इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं और फोटोग्राफी के लिए भी यह जगह शानदार मानी जाती है।
3. हरिश्चंद्रगढ़ किला, अहिल्यानगर
हरिश्चंद्रगढ़ महाराष्ट्र के सबसे पुराने और रोमांचक किलों में से एक है। यह अपनी ऊंची पहाड़ियों, घने जंगलों और फेमस कोकणकडा के लिए जाना जाता है। मानसून के दौरान यहां बादल इतने करीब आ जाते हैं कि कई बार पूरा किला धुंध में छिप जाता है। चारों तरफ फैली हरियाली और झरने इसे नेचर लवर के लिए किसी जन्नत से कम नहीं बनाते।
यह ट्रेक थोड़ा चुनौतीपूर्ण माना जाता है, इसलिए यहां जाने से पहले अच्छी तैयारी करना जरूरी है। किले के पास प्राचीन मंदिर और गुफाएं भी देखने लायक हैं। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यहां का व्यू बेहद मनमोहक होता है और मानसून में बादलों का समुद्र जैसा नजारा देखने को मिलता है।
टिकोना किला अपनी ट्राइएंगुलर शेप के कारण काफी पॉपुलर है। यह किला पवना झील के पास है और मानसून के समय इसकी सुंदरता कई गुना बढ़ जाती है। बारिश में यहां की पहाड़ियां, हरियाली और बादलों से घिरी जगह टूरिस्ट को अपनी ओर अट्रैक्ट करता है।
यह ट्रेक आसान है, इसलिए नए ट्रेकर्स के लिए भी अच्छा ऑप्शन माना जाता है। किले की चोटी से पवना झील और आसपास की घाटियों का दृश्य बेहद अट्रैक्टिव दिखाई देता है। रास्ते में छोटे झरने और पत्थरों के बीच से गुजरने वाला ट्रेक रोमांच को और बढ़ा देता है।
राजगढ़ किला कई वर्षों तक छत्रपति शिवाजी महाराज की राजधानी रहा था। यह किला अपने विशाल क्षेत्र, मजबूत किलेबंदी और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। मानसून के दौरान यहां हर तरफ हरियाली फैल जाती है और बादलों के बीच से दिखाई देने वाले पहाड़ बेहद आकर्षक लगते हैं।
यह ट्रेक थोड़ा लंबा है, लेकिन ऊपर पहुंचने के बाद दिखाई देने वाला व्यू सारी थकान भुला देता है। किले के अलग-अलग जगहों से घाटियों और पर्वतों का नजारा बहुत शानदार दिखाई देता है। एडवेंचर पसंद करने वाले लोगों के लिए यह जगह किसी सपने से कम नहीं है।
लोहागढ़ किला मानसून ट्रेकिंग के लिए सबसे पसंदीदा जगहों में से एक है। लोनावला के पास यह किला बारिश के मौसम में पूरी तरह हरियाली से ढक जाता है। बादलों के बीच से गुजरते रास्ते, छोटे-छोटे झरने और ठंडी हवाएं यहां आने वाले हर टूरिस्ट को मंत्रमुग्ध कर देती हैं।
यह ट्रेक आसान माना जाता है, इसलिए परिवार, बच्चे और पहली बार ट्रेकिंग करने वाले लोग भी आराम से यहां जा सकते हैं। किले का पॉपुलर 'विंचूकाटा' हिस्सा और ऊपर से दिखने वाला नटुरेल सीन मानसून में बेहद शानदार लगता है। फोटोग्राफी और नेचर लवर के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं है।
बारिश वाली सैर पर जाने से पहले ये तैयारी जरूर करें
बारिश के मौसम में ट्रेकिंग का आनंद तभी मिलता है, जब सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाए। हमेशा अच्छी पकड़ वाले ट्रेकिंग जूते पहनें ताकि फिसलन वाले रास्तों पर बैलेंस बना रहे। मौसम देखकर ट्रिप की प्लानिंग बनाएं। अपने साथ रेनकोट, अतिरिक्त कपड़े, पानी, हल्का भोजन, प्राथमिक उपचार किट और मोबाइल के लिए वाटरप्रूफ कवर जरूर रखें। झरनों, तेज बहते पानी और खतरनाक चट्टानों के बहुत करीब जाने से बचें। साथ ही जिस जगह पर जाएं उसे साफ-सुथरा छोड़कर लौटें।
बारिश के मौसम में अगर आप ट्रेकिंग का आनंद लेना चाहते हैं, तो ये सभी किले आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होने चाहिए। बस सही तैयारी और जरूरी सावधानियों के साथ ट्रैवल करें, ताकि आपका सफर सेफ और यादगार बन सके। यकीन मानिए, इन किलों की मानसूनी वादियां और बादलों से घिरे नज़ारे आपको बार-बार यहां आने के लिए मजबूर कर देंगे।