भारत के हिल स्टेशनों में कुछ ऐसे पुराने, लकड़ी से बने और बेहद शांत माहौल वाले बुकस्टोर हैं, जहां सिर्फ किताबें ही नहीं बल्कि एक अलग तरह का सुकून भी मिलता है। गरमा-गरम नूडल्स, कॉफी की खुशबू और पहाड़ों की ठंडी हवा इन जगहों को और भी खास बना देती है। ये बुकस्टोर आज भी लोगों को पुरानी यादों, साहित्य और नेचर के करीब ले जाते हैं। यहां ऐसे 5 मशहूर पुराने अंदाज़ वाले हिल स्टेशन बुकस्टोर दिए गए हैं:
डेनिश आर्ट स्टूडियो और बुकस्टोर – कोडाइकनाल, तमिलनाडु
कोडाइकनाल की हरी-भरी पहाड़ियों में स्थित यह बुकस्टोर कला और किताबों का खूबसूरत मेल है। यहां लकड़ी का इंटीरियर, हाथ से बनी आर्ट और चुनिंदा किताबें एक शांत और क्रिएटिव माहौल बनाती हैं। लोग यहां घंटों बैठकर पढ़ाई, लेखन और आर्ट का आनंद लेते हैं।
द लंढौर बुकस्टोर और कैफे – मसूरी, उत्तराखंड
मसूरी के पुराने और शांत लंढौर इलाके में बसा यह बुकस्टोर इतिहास और साहित्य की झलक देता है। ब्रिटिश काल की याद दिलाने वाला लकड़ी का इंटीरियर, पुरानी किताबों की खुशबू और कैफे का गर्म माहौल इसे बेहद खास बनाता है। यहां लोग कॉफी, सूप और किताबों के साथ समय को भूल जाते हैं।
नेर्डवाना बुकस्टोर और कैफे – दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल
दार्जिलिंग की ठंडी और बादलों से घिरी वादियों में स्थित यह बुकस्टोर यंग जनरेशन के बीच काफी पॉपुलर है। यहां ट्रैवल, फिक्शन और मोटिवेशनल किताबों का अच्छा कलेक्शन मिलता है। गर्म नूडल्स और कॉफी के साथ किताब पढ़ने का एक्सपीरियंस इसे और भी यादगार बनाता है।
रचना बुक्स – गंगटोक, सिक्किम
गंगटोक का यह बुकस्टोर सिक्किम की संस्कृति और साहित्य को करीब से महसूस करने का मौका देता है। यहां शांत वातावरण, पर्सनल शेल्फ और चुनिंदा किताबों का संग्रह लोगों को लंबे समय तक जोड़कर रखता है। यह जगह छात्रों और किताब प्रेमियों के लिए एक आइडियल प्लेस है।
मिनर्वा बुक हाउस – शिमला, हिमाचल प्रदेश
शिमला का यह ऐतिहासिक बुक हाउस वर्षों से किताब प्रेमियों की पसंद बना हुआ है। यहां हर तरह की किताबें मिलती हैं क्लासिक, अकादमिक और फिक्शन। ठंडी हवाओं और पहाड़ों के बीच बैठकर पढ़ने का एक्सपीरियंस इसे एक यादगार जगह बनाता है।
ये सभी जगहें सिर्फ बुकस्टोर नहीं बल्कि एक एक्सपीरियंस हैं—जहां किताबों की खुशबू, लकड़ी का पुराना इंटीरियर, पहाड़ों की ठंडी हवा और खाने की हल्की गर्माहट मिलकर एक यादगार माहौल बनाते हैं। ऐसे डेस्टिनेशन आज की तेज़ भागती जिंदगी में हमें रुककर खुद से जुड़ने का मौका देते हैं।