जब भी कभी घूमने का प्लान बनते ही सबसे पहले यही सोच आती है कि कितने कपड़े साथ ले जाएं। हम जरूरत से ज्यादा कपड़े बैग में भर लेते हैं और फिर बाकी जरूरी सामान रखने की जगह ही नहीं बचती। इसके लिए नया पैकिंग फॉर्मूला काम आ सकता है। इस आसान तरीके से आप कम कपड़े लेकर भी कई अलग-अलग लुक बना सकते हैं और सफर में सामान संभालना भी आसान रहेगा।
ट्रेंडी टॉप्स (सिटी ट्रिप)
सबसे पहले अपने लिए 5 टॉप चुनें। इसमें टी-शर्ट, शर्ट, कुर्ती या दूसरे आरामदायक टॉप शामिल हो सकते हैं। कोशिश करें कि सभी टॉप ऐसे हों जिन्हें आप अलग-अलग पैंट, जींस या स्कर्ट के साथ पहन सकें। बहुत ज्यादा अलग-अलग रंग और डिजाइन रखने के बजाय ऐसे कपड़े चुनें जो आपस में आसानी से मेल खा जाएं। इससे हर दिन कपड़े बदलकर पहनने पर भी आपको अलग लुक मिलेगा और बैग में ज्यादा कपड़े रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अब 4 बॉटम चुनें, जैसे जींस, ट्राउजर, स्कर्ट या शॉर्ट्स। यहां भी ऐसी चीजें चुनना सही है जिन्हें ज्यादातर टॉप के साथ पहन सकें। एक ही जींस को दो-तीन अलग टॉप के साथ पहनकर पूरा लुक बदला जा सकता है। इससे कपड़ों की संख्या कम रहेगी, लेकिन आपके पास पहनने के कई ऑप्शन होंगे। इस तरह सूटकेस भी ज्यादा नहीं भरेगा।
लेयरिंग ट्रिक (माउंटेन ट्रिप)
इसके बाद 3 ऐसे कपड़े रखें जिन्हें जरूरत पड़ने पर ऊपर से पहना जा सके। मौसम के हिसाब से इसमें जैकेट, श्रग, कार्डिगन, स्वेटर या स्टोल रख सकते हैं। सुबह या शाम को ठंड बढ़ जाए तो ये कपड़े काम आएंगे। साथ ही, इन्हीं लेयर वाले कपड़ों से एक ही आउटफिट को थोड़ा अलग अंदाज भी दिया जा सकता है।
जूते अक्सर बैग में काफी जगह घेर लेते हैं, इसलिए इन्हें ज्यादा रखने से बचें। हमेशा सिर्फ 2 जोड़ी जूते ही साथ ले जाएं। एक जोड़ी ऐसे जूते रखें जो आरामदायक हों और जिनमें आप घूमने या ज्यादा चलने में आसानी महसूस करें। दूसरी जोड़ी अपनी ट्रिप के हिसाब से चुनें।
सबसे लास्ट में पसंदीदा कपड़ा, स्कार्फ, एक्सेसरी या आउटफिट रखे। इस एक चीज से आपको अपने रोज के कपड़ों में थोड़ा बदलाव करने का मौका मिलेगा। लेकिन यहां भी कोशिश करें कि ऐसी चीज न रखें जिसकी सच में जरूरत ही न हो। सिर्फ यह सोचकर सामान न बढ़ाएं कि शायद कभी काम आ जाए।
5-4-3-2-1 पैकिंग फॉर्मूला
यह फॉर्मूला ट्रिप के लिए सामान चुनने का एक आसान तरीका है। इसमें पहले से तय कर लिया जाता है कि कितने कपड़े और कितने जूते साथ ले जाने हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप बिना जरूरत के ज्यादा सामान पैक करने से बच जाते हैं। साथ ही, ऐसे कपड़े चुनते हैं जिन्हें आप अलग-अलग तरह से मिलाकर पहन सकें। लेकिन डेस्टिनेशन कहां की है, मौसम कैसा है और कितने दिनों के लिए जा रहे हैं, इसके हिसाब से आप इसमें चेंज कर सकते हैं।
याद रखें कि 5-4-3-2-1 पैकिंग फॉर्मूला कोई ऐसा नियम नहीं है जिसे हर ट्रिप में अपनाना जरूरी हो। समुद्र किनारे घूमने जाने के कपड़े अलग होंगे, जबकि पहाड़ों की ट्रिप के लिए ज्यादा गर्म कपड़ों की जरूरत पड़ सकती है। इसी तरह छोटी और लंबी ट्रिप में भी सामान अलग होंगे। इसलिए अपनी जगह, मौसम और ट्रिप के दिनों को देखकर इस फॉर्मूले में थोड़ा चेंज कर सकते हैं।