दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) से पहाड़ों की ट्रेवलिंग करना रोमांचक जरूर होता है, लेकिन पहाड़ी रास्तों पर ड्राइविंग शहर (city driving) की सड़कों से काफी अलग होती है। घुमावदार मोड़, खड़ी चढ़ाई और बदलता मौसम सफर को चुनौतीपूर्ण बना सकते हैं। ऐसे में थोड़ी-सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। आइए जानते हैं पहाड़ों पर सेफ ड्राइविंग (mountain driving) के जरूरी टिप्स, जो आपकी ट्रिप को सिक्योर और यादगार बनाएंगे:
पहाड़ों पर धीरे और समझदारी से ड्राइव करें
पहाड़ी सड़कों पर तेज रफ्तार से बचें और गाड़ी को हमेशा सही गियर में चलाएं। ढलान पर बार-बार ब्रेक लगाने की बजाय इंजन ब्रेकिंग (engine braking) का इस्तेमाल करें। ब्लाइंड मोड़ों पर हॉर्न जरूर बजाएं और बिना जरूरत किसी वाहन को ओवरटेक न करें। अगर पॉसिबल हो, तो रात में ड्राइविंग से बचें।
थकान महसूस हो तो तुरंत ब्रेक लें
लंबी दूरी तक लगातार ड्राइव करने से थकान बढ़ जाती है, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है। हर 2 से 3 घंटे में थोड़ा आराम करें, पानी पिएं और हल्का नाश्ता करें। अगर साथ में दूसरा ड्राइवर है, तो जरूरत पड़ने पर ड्राइविंग (driving) बदल लें। थकान में गाड़ी चलाने से हमेशा बचें।
सफर से पहले गाड़ी की पूरी जांच करें
हिल स्टेशन जाने से पहले अपनी कार की अच्छी तरह जांच करवा लें। ब्रेक, टायर, इंजन ऑयल, कूलेंट, बैटरी और स्पेयर व्हील (spare wheel) की कंडीशन जरूर देखें। साथ ही फर्स्ट एड किट (first-aid kit), टॉर्च, टूल किट, पानी और जरूरी डॉक्यूमेंट अपने साथ रखें। मौसम (weather) और सड़क की जानकारी पहले से लेने से भी जर्नी आसान हो जाती है।
मौसम और सड़क की कंडीशन पर नजर रखें
पहाड़ों में मौसम कभी भी बदल सकता है। जर्नी शुरू करने से पहले बारिश, कोहरा या भूस्खलन (landslides) की जानकारी जरूर लें। अगर सड़क फिसलन भरी हो, तो गाड़ी धीरे चलाएं और अचानक ब्रेक लगाने से बचें। रास्ते की ताजा जानकारी के लिए GPS और वहां के लोगों की सलाह भी काम आ सकती है।
इमरजेंसी (emergency) के लिए हमेशा तैयार रहें
ट्रेवलिंग के दौरान किसी भी इमरजेंसी सिचुएशन के लिए पहले से तैयारी रखें। मोबाइल पूरी तरह चार्ज रखें और जरूरी हेल्पलाइन नंबर सेव करके रखें। गाड़ी में रिफ्लेक्टर (reflector), टो-रोप (tow rope) और बेसिक टूल्स जरूर रखें। खराब मौसम या अंधेरा होने पर रसिक लेने की बजाय सेफ जगह रुकना बेहतर होता है।