जंगल के राजा को करीब से चाहते हैं देखना तो राजस्थान के ये टाइगर रिजर्व हैं बेस्ट, इन जगहों को कर लें नोट

यहां पर आपको रॉयल बंगाल टाइगर को पास से महसूस करने का मौका मिलता है। ये उन लोगों के लिए काफी अच्छा है जो वन्य जीवन का करीब से अनुभव करना चाहते हैं। राजस्थान की टाइगर सफारी रोमांच, खूबसूरत नेचुरल और जंगली जानवरों से मिलने का अनोखा एक्सपीरिएंस देती है

अपडेटेड Aug 19, 2025 पर 10:15 PM
राजस्थान की विरासत का अनोखा संगम देखने को मिलेगा (Photo: Camva)

Rajasthan Tiger Safari: राजस्थान सिर्फ अपने शाही महलों, रंग-बिरंगी संस्कृति और रेगिस्तानी नजारों के लिए ही नहीं, बल्कि टाइगर सफारी के लिए भी काफी फेमस है। यहां पर आपको रॉयल बंगाल टाइगर को पास से महसूस करने का मौका मिलता है। ये उन लोगों के लिए काफी अच्छा है जो वन्य जीवन का करीब से अनुभव करना चाहते हैं। राजस्थान की टाइगर सफारी रोमांच, खूबसूरत नेचुरल और जंगली जानवरों से मिलने का अनोखा एक्सपीरिएंस देती है।

फिर चाहे आप मशहूर रणथंभौर जाएं या फिर रामगढ़ विषधारी जैसे नए वन क्षेत्रों में कदम रखें, हर जगह आपको रोमांच, प्रकृति की खूबसूरती और राजस्थान की विरासत का अनोखा संगम देखने को मिलेगा।

रणथंभौर टाइगर सफारी


राजस्थान में टाइगर सफारी की बात हो तो रणथंभौर सबसे लोकप्रिय नामों में से एक है। रणथंभौर टाइगर सफारी वन्यजीवों और बाघों का सुरक्षित घर माना जाता है। करीब 1,300 वर्ग किलोमीटर में फैले इस पार्क में बाघों के अलावा तेंदुआ, भालू और मगरमच्छ जैसे कई जानवर देखने को मिलते हैं। वहीं जंगल के बीच मौजूद रणथंभौर का किला इस सफारी को ऐतिहासिक रंग भी देता है।

घूमने का सही समय: अक्टूबर से जून

सरिस्का टाइगर रिजर्व

अलवर जिले का सरिस्का टाइगर रिजर्व एक बार फिर से बाघों का सुरक्षित ठिकाना बन चुका है। कभी यहां बाघों की संख्या घट गई थी, लेकिन एक खास प्रयास के तहत उन्हें फिर से बसाया गया। अब यह अभ्यारण्य न सिर्फ बाघों, बल्कि तेंदुआ, सियार, लकड़बग्घा और सांभर जैसे कई जानवरों का घर है। यहां की जंगल सफारी के दौरान आपको पुराने मंदिरों और महलों के खंडहर भी देखने को मिलते हैं, जो इस एक्सपीरिएंस को और भी खास बना देते हैं।

घूमने का सही समय: नवंबर से अप्रैल

मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व

कोटा के पास स्थित मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व एक शांत और अलग तरह का सफारी एक्सपीरिएंस देता है। यहां पहाड़ियों और नदियों के बीच घूमते हुए नेचर को फील करना अपने आप में खास है। यहां बाघ कम ही दिखते हैं, लेकिन यहां का शांत माहौल, रंग-बिरंगे पक्षी और कभी-कभार दिखते तेंदुए इस जगह को खास बना देते हैं।

घूमने का सही समय: दिसंबर से मार्च

रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व

रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व राजस्थान फेमस टाइगर रिजर्व है। बूंदी जिले में फैला यह इलाका रणथंभौर और मुकुंदरा के बीच एक बाघ गलियारे की तरह काम करता है। यहां आने पर बाघों के अलावा जंगली सूअर, डियर और कई प्रवासी पक्षियों को भी देखा जा सकता है। शांत और कम भीड़भाड़ वाली यह जगह उन यात्रियों के लिए बेहतर है जो नेचर के करीब रहना चाहते हैं।

घूमने का सही समय: अक्टूबर से मार्च

कैलादेवी अभयारण्य

रणथंभौर टाइगर रिज़र्व का हिस्सा होने के बावजूद, करौली जिले में स्थित कैलादेवी अभयारण्य काफी कम जाना-पहचाना है। यहां का ऊबड़-खाबड़ इलाका, खाइयों और नदी घाटियों के साथ, शांत और एकांत सफारी का एक्सपीरिएंस देता है। बाघों को देखना मुश्किल हो सकता है, लेकिन इस अभयारण्य में भेड़िये, लकड़बग्घे और कई तरह के हिरण भी आसानी से देखे जा सकते हैं।

घूमने का सही समय: नवंबर से मार्च

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