सिर्फ चीन ही नहीं कोविड के बाद इन देशों से भारत नहीं आ रहे टूरिस्ट! आंकड़ों ने बताई पूरी कहानी

India Foreign Tourist Arrivals : 2023 में भारत आने वाले साउथ-ईस्ट एशिया के पर्यटकों की संख्या घटकर 7.6 लाख रह गई, जो 2019 के 9.3 लाख से काफी कम है और 2014 से 2018 के बीच हर साल आने वाले औसतन 7.7 लाख पर्यटकों से भी थोड़ा कम है

अपडेटेड Jul 28, 2025 पर 6:15 PM
भारत सरकार चीनी पर्यटकों के लिए वीजा फिर से शुरू करने की दिशा में काम कर रही है।

India Foreign Tourist Arrivals : पांच साल पहले आए कोविड महामारी से पूरा दुनिया थम सी गई थी। कोविड के कारण सबसे ज्यादा  नुकसान झेलने वाले सेक्टर्स में से टूरिज्म भी शामिल था। वहीं कोविड के बाद भी भारत में चीन और साउथ ईस्ट एशिया से आने वाले टूरिस्ट की संख्या में इजाफा देखने को मिला है। लेकिन अब उम्मीद है कि भारत  में चीन और साउथ ईस्ट एशिया से फिर टूरिस्ट देखने को मिलेंगे। इसके लिए भारत सरकार ने कई कदम भी उठाए हैं।

भारत और चीन ने अपने तनावपूर्ण संबंधों को सुधारने की दिशा में तेजी से कदम उठाए हैं। भारत सरकार चीनी पर्यटकों के लिए वीजा फिर से शुरू करने की दिशा में काम कर रही है।पांच सालों के बाद भारत चीनी पर्यटकों के लिए टूरिस्ट वीजा फिर से जारी करने जा रहा है। इससे उम्मीद जगी है कि चीनी पर्यटक भारत लौट सकते हैं।

पर्यटकों की संख्या में आ रही  गिरावट

मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड के बाद से न सिर्फ चीन बल्कि ईस्ट एशिया और साउथ-ईस्ट एशिया के बाकी हिस्सों से भी भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में लगातार गिरावट देखी गई है। 2019 में भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों में से करीब 4.1% पूर्वी एशिया, खासकर दक्षिण कोरिया और जापान से थे। लेकिन 2023 तक यह संख्या घटकर सिर्फ 3% रह गई, जो बीते दस सालों में सबसे कम है। इसी तरह, दक्षिण-पूर्व एशिया से आने वाले पर्यटकों की हिस्सेदारी भी घटती रही है। 2013 में यह आंकड़ा 9% था, जो 2019 तक थोड़ा घटकर 8.5% हो गया था। लेकिन 2023 में यह और नीचे गिरकर 8% रह गया, जो बताता है कि इन क्षेत्रों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में धीरे-धीरे गिरावट आ रही है।


2023 में आए सबसे कम टूरिस्ट

2023 में भारत आने वाले साउथ-ईस्ट एशिया के पर्यटकों की संख्या घटकर 7.6 लाख रह गई, जो 2019 के 9.3 लाख से काफी कम है और 2014 से 2018 के बीच हर साल आने वाले औसतन 7.7 लाख पर्यटकों से भी थोड़ा कम है। इसी तरह, पश्चिम एशिया और मध्य पूर्व से आने वाले पर्यटकों में भी भारत के प्रति रुचि घटी है। 2023 में इस क्षेत्र से सिर्फ 3.5 लाख पर्यटक भारत आए, जबकि 2019 में यह संख्या करीब 4.5 लाख थी। इन आंकड़ों से साफ है कि कुछ प्रमुख क्षेत्रों से भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में धीरे-धीरे कमी आई है।

साउथ एशिया को भाया भारत

एक ओर जहां पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया से भारत आने वाले पर्यटकों की संख्या में गिरावट आई है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण एशिया से आने वाले पर्यटकों की संख्या में अच्छी बढ़ोतरी देखी गई है। अब दक्षिण एशिया, भारत के लिए सबसे बड़ा विदेशी पर्यटक क्षेत्र बन गया है। 2014 में जहां इसकी हिस्सेदारी 22.1% थी, वहीं 2019 में यह बढ़कर 30.9% हो गई और 2023 में भी यह लगभग 29% पर बनी रही। यह साफ दिखाता है कि भारत के लिए दक्षिण एशियाई पर्यटकों की भूमिका अब पहले से कहीं ज्यादा अहम हो गई है।

अमेरिका रहा नंबर वन

कोरोना महामारी के बाद भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों में अमेरिका का योगदान काफी बढ़ गया है। 2019 में जहां उत्तर अमेरिका से आने वाले पर्यटक कुल विदेशी पर्यटकों का 17.1% थे, वहीं 2023 में यह आंकड़ा बढ़कर 21.8% हो गया। वहीं, मध्य और दक्षिण अमेरिका जैसे इलाके, जो पहले भारत के लिए खास नहीं माने जाते थे, वहां से भी अब ज्यादा पर्यटक आने लगे हैं। पिछले कई सालों तक इनकी हिस्सेदारी सिर्फ 0.9% थी, लेकिन 2023 में यह बढ़कर 5.6% तक पहुंच गई।

ताजा आंकड़े बताते हैं कि पूर्वी और दक्षिण-पूर्व एशिया से भारत आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगातार कमी आ रही है, और इसकी वजह सिर्फ चीन नहीं है। जापान, दक्षिण कोरिया और आसियान देशों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में गिरावट इस बात का संकेत है कि भारत और इन देशों के बीच पर्यटन से जुड़ी कोई गहरी दूरी बन गई है, जो अब तक खत्म नहीं हो पाई है, जबकि बाकी कई क्षेत्रों से पर्यटक वापस लौटने लगे हैं।

अगर भारत को दक्षिण एशिया और उत्तरी अमेरिका से आगे बढ़कर विदेशी पर्यटकों के और भी नए सोर्स चाहिए, तो उसे पूर्वी और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के साथ अपने रिश्ते दोबारा मजबूत करने होंगे। सिर्फ़ सीमाएं खोलना या नीति में बदलाव करना काफी नहीं है, बल्कि अब ज़रूरत इस बात की है कि भारत पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ठोस और समझदारी भरी रणनीति अपनाए, ताकि उन देशों के पर्यटक दोबारा भारत की ओर आकर्षित हों।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।