सोचिए कैसा होगा वो सफर जब ट्रेन का सफर ही बन जाए मंजिल, 7 दिनों तक बदलते रहेंगे नजारे!
ट्रांस-साइबेरियन रेलवे दुनिया की सबसे पॉपुलर और लंबी ट्रेन जर्नी में से एक है, जो यूरोप और एशिया को जोड़ती है। यह सफर ट्रैवलर को कई देशों, कल्चर और खूबसूरत नजारों को देखने का मौका देता है। इसकी खासियत यह है कि पैसेंजर बिना ट्रेन बदले दो महाद्वीपों के बीच लॉन्ग जर्नी का एक्सपीरियंस कर सकते हैं। इस ट्रेन का सफर जीवनभर याद रहने वाला एक्सपीरियंस है।
MoneyControl News
अपडेटेड Jul 09, 2026 पर 3:03 PM
अगर आपको कुछ घंटो की ट्रेन जर्नी लंबी लगती है, तो सोचिए ऐसी ट्रेन जर्नी के बारे में जिसमें आपको एक हफ्ता बिताना पड़े। ट्रांस-साइबेरियन रेलवे का सफर सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने का साधन नहीं, बल्कि एक यूनिक एक्सपीरियंस है। इस जर्नी में शहरों से लेकर घने जंगलों, पहाड़ों, झीलों और समुद्र तक बदलते हुए खूबसूरत नजारे देखने को मिलते हैं। यूरोप और एशिया को जोड़ने वाली यह ऐतिहासिक रेल लाइन दुनिया की सबसे लंबी और शानदार ट्रेन जर्नी में से एक मानी जाती है।
1. दुनिया की सबसे लंबी ट्रेन जर्नी में शामिल
ट्रांस-साइबेरियन रेलवे दुनिया की सबसे फेमस और लंबी रेल जर्नी में से एक है। यह रूस के मॉस्को से शुरू होकर सुदूर पूर्व में व्लादिवोस्तोक तक जाती है। लगभग 9,289 किलोमीटर लंबी इस जर्नी को पूरा करने में करीब 6 से 7 दिन लगते हैं। इस दौरान ट्रेन आठ टाइम ज़ोन पार करती है और पैसेंजर यूरोप से एशिया तक का सफर एक ही ट्रेन में कर सकते हैं।
2. 130 साल से ज्यादा पुरानी है इसकी हिस्ट्री
इस रेलवे का कंस्ट्रशन 1891 में रूस के ज़ार अलेक्जेंडर तृतीय के शासनकाल में शुरू हुआ था। इसे बनाने में हजारों मजदूरों ने जंगलों, पहाड़ों, नदियों और कठिन मौसम के बीच काम किया। साल 1916 में इसका मेन रुट पूरा हुआ और यह रूस के पश्चिम और पूर्व हिस्सों को जोड़ने वाला सबसे जरुरी ट्रांसपोर्टेशन लिंक बन गया।
3. सफर में हर दिन बदलते हैं खूबसूरत नजारे
इस ट्रेन जर्नी की सबसे खास बात यहां के बदलते व्यू हैं। सफर के दौरान पैसेंजर बड़े शहरों, छोटे गांवों, घने जंगलों, पहाड़ों और विशाल झीलों के नजारे देख सकते हैं। यूराल पहाड़ों से गुजरते हुए यह ट्रेन यूरोप और एशिया की बॉर्डर को पार करती है, जबकि साइबेरिया के जंगल और खुले मैदान इस जर्नी को बेहद खास बना देते हैं।
4. बैकाल झील है सफर का सबसे बड़ा अट्रैक्शन
ट्रांस-साइबेरियन रेलवे का एक खास हिस्सा बैकाल झील के पास से गुजरता है। यह दुनिया की सबसे गहरी मीठे पानी की झीलों में से एक है और अपने साफ पानी व खूबसूरत पहाड़ी नजारों के लिए प्रसिद्ध है। ट्रेन से इस झील और आसपास के नेचुरल सीन देखना पैसेंजर के लिए यादगार एक्सपीरियंस बन जाता है।
5. आठ टाइम ज़ोन पार करने का यूनिक एक्सपीरियंस
रूस दुनिया के सबसे बड़े देशों में से एक है और यहां कई टाइम ज़ोन हैं। मॉस्को से व्लादिवोस्तोक तक जाते हुए पैसेंजर आठ अलग-अलग टाइम ज़ोन से गुजरते हैं। इस वजह से ट्रिप में समय, सूर्योदय और सूर्यास्त के बदलते एक्सपीरियंस भी इस जर्नी को और रोमांचक बना देते हैं।
6. ट्रेन के अंदर मिलता है आरामदायक सफर
इतनी लंबी जर्नी के बावजूद ट्रेन में पैसेंजर के लिए आराम की अच्छी सुविधाएं होती हैं। इसमें अलग-अलग तरह के डिब्बे, सोने के लिए बर्थ, डाइनिंग कार और साफ-सफाई की व्यवस्था होती है। हर कोच में गर्म पानी के लिए ‘सामोवर’ भी होता है, जिससे पैसेंजर चाय, कॉफी और इंस्टेंट खाना बना सकते हैं।
7. सफर से ज्यादा खास है जर्नी का एक्सपीरियंस
ट्रांस-साइबेरियन रेलवे सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने का साधन नहीं है, बल्कि यह खुद एक शानदार एक्सपीरियंस है। रास्ते में नए कल्चर, नेचुरल ब्यूटी और लॉन्ग ट्रिप इसे दुनिया की सबसे यादगार ट्रेन जर्नी में शामिल करते हैं। यही वजह है कि कई ट्रैवलर इसे अपनी बकेट लिस्ट में जरूर शामिल करना चाहते हैं।
ट्रांस-साइबेरियन रेलवे की खासियत इसकी रफ्तार नहीं, बल्कि सफर का एक्सपीरियंस है। करीब 9,300 किलोमीटर की जर्नी में पैसेंजर आठ टाइम ज़ोन पार करते हैं और कई खूबसूरत नजारों को देखते हैं। लगभग एक हफ्ते का यह सफर दुनिया की सबसे यादगार ट्रेन जर्नी में से एक माना जाता है।