ट्रिप से पहले ये एक डॉक्यूमेंट जरूर बनवाएं, हर मुसीबत में काम आएगा ट्रैवल इंश्योरेंस!
देश या विदेश की ट्रैवल के दौरान कभी भी अचानक कोई परेशानी आ सकती है। ऐसे समय में ट्रेवल इंश्योरेंस आपके खर्चों को कम करने में मदद कर सकता है। इसलिए सफर पर निकलने से पहले यह समझना जरूरी है कि ट्रेवल इंश्योरेंस में क्या-क्या फायदे मिलते हैं।
ट्रिप का प्लान बनाते समय हम टिकट, होटल और घूमने की जगहों पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन ट्रैवल इंश्योरेंस के बारे में हमेशा बाद में सोचते हैं। इंटरनेशनल ट्रिप में छोटी सी परेशानी भी जेब पर भारी पड़ सकती है। ऐसे में ट्रैवल इंश्योरेंस आपके लिए राहत का काम कर सकता है। पासपोर्ट खो जाना, अचानक तबीयत खराब होना, दुर्घटना होना या फ्लाइट से जुड़ी परेशानी आ जाना जैसी कंडीशन सफर का मजा खराब कर सकती है। इन हालात में पॉलिसी के रूल के हिसाब से आर्थिक सहायता मिल सकती है। यही वजह है कि ट्रिप कितनी भी छोटी हो, इंश्योरेंस लेने से पहले उसके फायदे और कवरेज को समझ लेना बेहतर रहता है। आइये जानते है अलग-अलग ट्रिप के हिसाब से सही प्लान क्या है।
डोमेस्टिक ट्रैवल इंश्योरेंस
ट्रिप में घूमने के दौरान भी अचानक कोई परेशानी सामने आ सकती है। ऐसे में डोमेस्टिक ट्रैवल इंश्योरेंस दुर्घटना, सामान गुम या चोरी होने और ट्रिप में देरी जैसी सिचुएशन को संभालने में मदद कर सकता है। लेकिन मिलने वाली फैसिलिटी और कवर की रकम आपके चुने हुए प्लान पर निर्भर करती है। कुछ प्लान में दुर्घटना की वजह से मौत होने पर भी कवर दिया जाता है। इसलिए पॉलिसी लेने से पहले यह देखना जरूरी है कि पॉलिसी में किन-किन चीजों को शामिल किया गया है।
इंटरनेशनल ट्रैवल इंश्योरेंस
इंटरनेशनल ट्रैवल में अचानक बीमारी या दुर्घटना होने पर इलाज का खर्च काफी बढ़ सकता है। ऐसे समय में इंटरनेशनल ट्रैवल इंश्योरेंस आपके लिए मददगार हो सकता है। पासपोर्ट या जरूरी डॉक्यूमेंट खोने, दुर्घटना, स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानी या फ्लाइट में किसी तरह की दिक्कत होने पर पॉलिसी कवर मिल सकता है। कुछ प्लान में फ्लाइट हाईजैक जैसी सिचुएशन भी शामिल होती हैं। लेकिन हर कंपनी और प्लान की शर्तें अलग हो सकती हैं।
फैमिली ट्रैवल इंश्योरेंस
फैमिली के साथ घूमने का प्लान है तो फैमिली ट्रैवल इंश्योरेंस लिया जा सकता है। इसमें पॉलिसी की टर्म्स के अनुसार फैमिली मेंबर को एक ही प्लान में कवर किया जाता है। यात्रा के दौरान किसी सदस्य की तबीयत खराब होने, दुर्घटना होने या फ्लाइट कैंसिल होने जैसी सिचुएशन में मदद मिल सकती है। फैमिली के साथ फॉरेन ट्रिप करते समय इस तरह का प्लान काफी काम आ सकता है।
ऐसे करें इंश्योरेंस क्लेम
ट्रिप पर जाते समय ट्रैवल इंश्योरेंस के सभी जरूरी डॉक्यूमेंट अपने पास रखें। इनकी एक कॉपी फोन, ई-मेल या किसी सेफ जगह पर भी सेव करके रखें, ताकि ओरिजिनल पेपर खो जाने पर परेशानी न हो। ट्रिप में ऐसी कंडीशन आने पर जो आपकी पॉलिसी में कवर है, तो तुरंत इंश्योरेंस कंपनी के कस्टमर केयर या दिए गए नंबर पर कांटेक्ट करें। इसके बाद कंपनी को घटना और हुए खर्च से जुड़े जरूरी डाक्यूमेंट्स देने होते हैं।
ट्रैवल इंश्योरेंस में क्या-क्या कवर होता है?
1. सामान खोना: ट्रैवल के दौरान बैग खो जाने या चोरी होने पर भी कुछ पॉलिसी में क्लेम मिलता है। इसकी रकम प्लान के हिसाब से 25,000 से 50,000 रुपये तक हो सकती है।
2. पासपोर्ट खोना: विदेश में पासपोर्ट खो जाने पर नया पासपोर्ट बनवाने से जुड़ा खर्च भी कुछ ट्रैवल इंश्योरेंस प्लान में कवर किया जाता है।
3. मेडिकल इमरजेंसी: विदेश में अचानक बीमारी या दुर्घटना होने पर हॉस्पिटल के खर्च में मदद मिल सकती है। कुछ पॉलिसी में 2 से 3 लाख रुपये या उससे ज्यादा का मेडिकल कवर भी मिलता है।
4. फ्लाइट लेट या कैंसिल: फ्लाइट लेट होने या कैंसिल होने पर पॉलिसी के नियमों के अनुसार मुआवजा मिल सकता है। कुछ प्लान में 5,000 से 10,000 रुपये तक का कवर दिया जाता है।
ध्यान रखने वाली 3 बातें
1. मेडिकल कवर देखें: सिर्फ सस्ता प्लान लेने के बजाय ऐसा प्लान चुनें, जिसमें मेडिकल कवर अच्छी रकम का हो।
2. जरूरी डॉक्यूमेंट शेयर करें: पॉलिसी का PDF और क्लेम नंबर अपने परिवार के किसी सदस्य के साथ जरूर शेयर करके रखें।
3. समय पर पॉलिसी लें: ट्रिप शुरू होने से पहले ही ट्रैवल इंश्योरेंस ले लें। पॉलिसी की शर्तों के अनुसार सही समय और कवरेज जरूर चेक करें।
ट्रिप पर जाने से पहले इलाज या किसी दूसरे खर्च से जुड़ी रसीदें और रिपोर्ट संभालकर रखना भी जरूरी है, क्योंकि क्लेम के समय इनकी जरूरत पड़ सकती है। ट्रैवल इंश्योरेंस प्लान को कैंसिल करने की सुविधा मिल सकती है। पॉलिसी कैंसिल करने पर कंपनी रूल के हिसाब से मामूली चार्ज काटकर बाकी प्रीमियम वापस कर सकती है। वहीं, ऑनलाइन ट्रैवल इंश्योरेंस खरीदना आसान होता है और कई मामलों में एजेंट का कमीशन भी नहीं देना पड़ता, जिससे खर्च कम हो सकता है। पॉलिसी लेने से पहले कैंसिलेशन और रिफंड के रूल जरूर चेक कर लें।
डिस्क्लेमर- ट्रैवल इंश्योरेंस के फायदे, कवरेज और क्लेम से जुड़े रूल अलग-अलग कंपनियों और पॉलिसी के अनुसार बदल सकते हैं। यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी के लिए है। पॉलिसी लेने से पहले इंश्योरेंस कंपनी की ऑफिशियल इनफार्मेशन जरूर चेक कर लें।