रिटायरमेंट के बाद जिंदगी कैसी होनी चाहिए, इसकी सोच अब धीरे-धीरे बदल रही है। पहले लोग रिटायरमेंट के बाद शांत शहरों या अलग जगहों पर जाकर रहने के बारे में सोचते थे, लेकिन अब कई लोग अपने परिवार, दोस्तों, हॉस्पिटल और शहर की फैसिलिटीज के पास रहना पसंद कर रहे हैं। उनके लिए रिटायरमेंट का मतलब घर में बैठकर आराम करना नहीं, बल्कि अपनी पसंद की जिंदगी को अपनी शर्तों पर जीना है।
इसी बदलती सोच के साथ भारत में सीनियर लिविंग का ट्रेंड भी बढ़ रहा है। अब यह ट्रेंड सिर्फ ट्रेडिशनल रिटायरमेंट शहरों तक सीमित नहीं रह गया है। कुछ बड़े शहर भी सीनियर लिविंग के लिए परफेक्ट माने जा रहे हैं। रिटायर होने वाले लोग और डेवलपर्स भी बड़े शहरों की ओर अट्रैक्ट हो रहे हैं इसके पीछे खास कारण हैं।

