एयरपोर्ट पर नहीं होगी चेकिंग में देरी! बस बदलें बैग पैक करने का तरीका और अपनाएं ये आदतें ट्रेवलिंग में

हवाई सफर से पहले यह जानना जरूरी है कि केबिन बैग में क्या ले जाना सही है और किन चीजों से परेशानी हो सकती है। सही सामान पैक करने और एयरपोर्ट के जरूरी नियम समझने से सिक्योरिटी चेक आसान होगा और सफर के दौरान बेवजह की परेशानी से भी बचा जा सकेगा।

अपडेटेड Sep 03, 2026 पर 4:17 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google

फ्लाइट में ट्रैवल करते समय केबिन बैग में क्या ले जा सकते हैं और क्या नहीं, इसे लेकर कई ट्रैवलर को कन्फ्यूजन रहता है। कुछ खाने-पीने की चीजें, फल, स्नैक्स और जरूरी सामान आसानी से ले जाए जा सकते हैं, लेकिन लिक्विड, बैटरी और कुछ खास चीजों पर एयरपोर्ट सिक्योरिटी के रूल होते हैं। यदि इन रेगुलेशन की जानकारी पहले से हो, तो चेकिंग के समय परेशानी, सामान निकलवाने या महंगी चीजें खोने से बचा जा सकता है। इसलिए फ्लाइट पकड़ने से पहले यह जानना जरूरी है कि केबिन बैग में कौन-सी चीजें रखें और कौन-सी चीजें चेक-इन बैगेज में रखना बेहतर है।

panking


1. केबिन बैग की लिमिट

ज्यादातर भारतीय एयरलाइंस में इकॉनमी क्लास के पैसेंजर को एक केबिन बैग और एक छोटा पर्सनल बैग ले जाने की परमिशन होती है। केबिन बैग का वजन आम तौर पर 7 किलो तक होता है, जबकि कुछ एयरलाइंस और प्रीमियम क्लास में वेट की लिमिट अलग हो सकती है। बैग का साइज भी तय होता है, इसलिए सिर्फ वेट ही नहीं बल्कि बैग की लंबाई-चौड़ाई भी पहले से चेक कर लें। बड़ा बैग होने पर एयरपोर्ट पर उसे चेक-इन करने के लिए कहा जा सकता है।

2. पर्सनल बैग छोटा रखें

पर्सनल बैग ऐसा होना चाहिए जिसे सामने वाली सीट के नीचे आसानी से रखा जा सके। इसमें छोटा हैंडबैग, लैपटॉप बैग, मैसेंजर बैग या बच्चे का छोटा बैग रखा जा सकता है। इसे बड़े सूटकेस की तरह भरने से बचें, क्योंकि एयरलाइन स्टाफ आपसे इसे अलग से चेक करने के लिए कह सकता है। जरूरी सामान को छोटे और आसानी से रखने वाले बैग में रखना ट्रैवल में भी आसान रहता है।

3. लिक्विड बोतल का रूल

केबिन बैग में लिक्विड, जेल, क्रीम और एरोसोल की हर बोतल 100 ml या उससे कम की होनी चाहिए। यहां बोतल की कुल क्षमता देखी जाती है, उसमें बचा हुआ सामान नहीं। यानी 200 ml की बोतल में सिर्फ 20 ml प्रोडक्ट बचा हो, तब भी उसे 200 ml की बोतल ही माना जाएगा। सभी छोटे लिक्विड कंटेनर एक ट्रांसपेरेंट, दोबारा बंद होने वाले पाउच में रखें, ताकि सिक्योरिटी चेक के समय आसानी हो।

4. जरूरी और एक्सपेंसिव आइटम

पासपोर्ट, पैसे, गहने, महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान, कैमरा, पावर बैंक और एक्स्ट्रा लिथियम बैटरी जैसी चीजें अपने साथ केबिन बैग में रखना बेहतर होता है। पावर बैंक और अलग रखी लिथियम बैटरी को चेक-इन बैगेज में रखने की परमिशन नहीं होती। वहीं चाकू, ब्लेड, प्लायर, रिंच, मेटल नेल फाइल और दूसरे नुकीले या औजार जैसे सामान को केबिन बैग में न रखें, क्योंकि सिक्योरिटी चेकिंग में इन्हें रोका जा सकता है।

5. खाने-पीने की चीजों में सावधानी

बिरयानी, फल और सूखे स्नैक्स जैसी कई खाने की चीजें जर्नी में साथ ले जाई जा सकती हैं, लेकिन एयरपोर्ट और एयरलाइन के रूल अलग हो सकते हैं। मसाले या पाउडर जैसी चीजों की ज्यादा चेकिंग हो सकती है, इसलिए ज्यादा मात्रा में ऐसी चीजें ले जाने पर उन्हें चेक-इन बैगेज में रखना बेहतर हो सकता है। शराब को भी चेक-इन बैगेज में रखना सेफ रहता है, जबकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट से खरीदा गया सील ड्यूटी-फ्री सामान अलग नियमों के तहत ले जाया जा सकता है।

फ्लाइट से पहले अपने सामान और जरूरी चीजों को अच्छी तरह जांच लेना समझदारी है। एयरपोर्ट के रेगुलेशन की थोड़ी जानकारी और सही तरीके से पैकिंग करने से सिक्योरिटी चेक के समय परेशानी नहीं होगी। साथ ही आपका समय बचेगा और सफर भी ज्यादा कम्फर्टेबल और स्ट्रेस फ्री रहेगा।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।