म्यूजियम छोड़िए, इन जगहों की गलियों में मिलेगा आर्ट का असली खजाना!

जब किसी जगह की खूबसूरती सिर्फ उसके पहाड़ों, समुद्र या ऐतिहासिक इमारतों में नहीं, बल्कि वहां रहने वाले लोगों से होती है। दुनिया के कई शहर और कस्बे अपनी अलग तरह की क्रिएटिविटी के लिए पहचाने जाते हैं। यहां लोग अपनी कला, संगीत, कपड़े, खाना और पारंपरिक काम को सिर्फ प्रोफेशन के तौर पर नहीं, बल्कि अपनी जिंदगी और संस्कृति का हिस्सा मानकर आगे बढ़ाते हैं।

अपडेटेड Aug 14, 2026 पर 12:27 PM
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दुनिया में ऐसी कई जगहें हैं जहां क्रिएटिविटी सिर्फ आर्ट नहीं है, बल्कि वहां के लोगों की रोज की जिंदगी का भाग है। कहीं कपड़ों पर ट्रेडिशनल डिजाइन बनाए जाते हैं, कहीं खुशबू तैयार करने की पुरानी कला आज भी जिंदा है। इन जगहों पर घूमने से नई जगह देखने के साथ ही वहां की संस्कृति और लोगों के हुनर भी दिखाई देता देता है।

इन खास जगहों की सबसे अच्छी बात यह है कि यहां क्रिएटिव काम किसी म्यूजियम में बंद पुरानी चीज की तरह नहीं, बल्कि आज भी लोगों के बीच होता हुआ नजर आता है। बाजारों, गलियों, वर्कशॉप और त्योहारों में इस कला को जान सकते है। ये रही कला, संस्कृति, परंपरा को पास से देखने के लिए अनोखी जगहें।


1. योग्याकार्ता – बाटिक और म्यूजिक

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इंडोनेशिया के जावा आइलैंड पर बसा योग्याकार्ता अपनी शाही परंपरा और कला के लिए मशहूर है। यहां क्रैटन यानी शाही महल के आसपास बाटिक बनाने का पुराना आर्ट आज भी जिंदा है। कपड़े पर मोम लगाकर सुंदर डिजाइन बनाए जाते हैं और फिर उन्हें रंगा जाता है। यहां बाटिक के साथ गैमेलन संगीत, पारंपरिक नृत्य और वायांग कुलित जैसी कलाएं भी देखने को मिलती हैं। मई से सितंबर के बीच यहां घूमना अच्छा माना जाता है। टूरिस्ट बाटिक वर्कशॉप में खुद इस आर्ट को सीखने का एक्सपीरियंस भी ले सकते हैं।

2. शांतिनिकेतन – आर्ट और नेचर

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पश्चिम बंगाल का शांतिनिकेतन कला, शिक्षा और प्रकृति की खूबसूरती के लिए जाना जाता है। रवींद्रनाथ टैगोर ने यहां खुले वातावरण में एजुकेशन और आर्ट को बढ़ावा दिया था। आज भी यहां पेंटिंग, मूर्तिकला, बाटिक और कांथा कढ़ाई जैसी कलाएं देखने को मिलती हैं। दिसंबर में पौष मेला के दौरान यहां कलाकार, शिल्पकार और संगीतकार बड़ी संख्या में आते हैं। सोनझुरी हाट में स्थानीय कारीगरों की बनाई चीजें देखना और खरीदना भी अच्छा एक्सपीरियंस हो सकता है।

3. पाटन – मंदिरों का आर्ट

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नेपाल का पाटन अपनी पुरानी नेवारी संस्कृति, मंदिरों और खूबसूरत कारीगरी के लिए फेमस है। यहां धातु की नक्काशी, मूर्तियां और पौभा पेंटिंग जैसी पारंपरिक कलाएं आज भी बनाई जाती हैं। खास बात यह है कि ये कलाएं सिर्फ प्रदर्शन के लिए नहीं, बल्कि मंदिरों और धार्मिक परंपराओं का हिस्सा हैं। अक्टूबर से मार्च यहां घूमने का अच्छा समय है। पाटन दरबार स्क्वायर, पाटन म्यूजियम और आसपास की छोटी-छोटी कारीगरों की वर्कशॉप देखी जा सकती हैं।

4. ग्रास – आर्ट ऑफ परफ्यूम

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दक्षिणी फ्रांस का ग्रास शहर परफ्यूम बनाने के आर्ट के लिए दुनियाभर में मशहूर है। यहां गुलाब, चमेली और दूसरे फूलों से खुशबू तैयार करने की परंपरा सदियों पुरानी है। शहर में कई परफ्यूम हाउस और म्यूजियम हैं, जहां टूरिस्ट इस आर्ट को आसानी से समझ सकते हैं। मई में गुलाब और अगस्त में चमेली का मौसम खास रहता है। यहां परफ्यूम वर्कशॉप में अपनी पसंद की खुशबू तैयार करना भी एक यादगार एक्सपीरियंस हो सकता है।

5. कानाजावा – ट्रेडिशन और मॉडर्न आर्ट

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जापान का कानाजावा ऐसा शहर है जहां पुरानी जापानी आर्ट और मॉडर्न आर्ट एक साथ देखने को मिलती हैं। यहां 21st सेंचुरी म्यूजियम ऑफ कंटेम्पररी आर्ट के साथ गीशा संस्कृति और ट्रेडिशनल क्राफ्ट भी खास हैं। कुतानी सिरेमिक, कागा डाइंग और लैकरवेयर जैसी कलाएं आज भी कारीगरों द्वारा बनाई जाती हैं। अप्रैल में चेरी ब्लॉसम और अक्टूबर-नवंबर में पतझड़ के दौरान शहर बेहद खूबसूरत नजर आता है। टूरिस्ट यहां छोटे क्राफ्ट स्टूडियो और गोल्ड-लीफ वर्कशॉप में भी जा सकते हैं।

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