भारत की रेल यात्रा सदियों से लोगों के लिए अनुभव और साहसिकता का संगम रही है। देश भर की लंबी ट्रेन यात्रा न केवल स्थानों को जुटाती हैं, बल्कि यात्रियों को प्रकृति की अनुपम सुंदरता के बीच से गुजरने का मौका भी देती हैं। आपको भी भारत की सबसे लंबी और खूबसूरत ट्रेन यात्रा मार्गों की एक खास कहानी जाननी चाहिए।
भारत की सबसे लंबी ट्रेन यात्रा डीब्रूगढ़ (असम) से कन्याकुमारी (तमिलनाडु) तक विस्तृत है, जो पूरे देश का भौगोलिक विस्तार दिखाती है। विवेक एक्सप्रेस नामक यह सुपरफास्ट ट्रेन लगभग 4,234 किलोमीटर की दूरी 79 घंटे में तय करती है। इस यात्रा के दौरान यात्री असम की हरी-भरी चाय बागानियों, बहती नदियों, पहाड़ों और समंदर के किनारे से गुजरते हैं, जो एक यादगार अनुभव प्रदान करता है।
अरॉनाई सुपरफास्ट एक्सप्रेस थिरुवनंतपुरम से सिलचर तक, लगभग 3,931 किलोमीटर की दूरी 74 घंटों में तय करता है। यह प्रसिद्ध ट्रेन दक्षिण भारत के शहरी वातावरण से लेकर पूर्वोत्तर के विस्तृत मैदानों तक का सफर तय करती है।
तीसरे नंबर पर हिमसागर एक्सप्रेस है, जो कन्याकुमारी से श्री माता वैष्णो देवी कटरा तक चलता है। यह यात्रा लगभग 3,790 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए, 12 राज्यों के मनमोहक नजारों से गुज़रती है और यह तीर्थयात्रियों के लिए भी लोकप्रिय है।
नवयुग एक्सप्रेस, जम्मू तवी से मंगलोर सेंट्रल तक, 3,685 किलोमीटर के सफर में उत्तर से दक्षिण भारत की विविधता को दर्शाता है। इसकी मनोरम यात्रा कर्नाटक, पुदुचेरी, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र जैसे कई राज्यों से होकर गुजरती है।
कोचुवेली-अमृतसर वीकली एक्सप्रेस भी एक लंबी सुपरफास्ट ट्रेन है जो लगभग 3,597 किलोमीटर की दूरी 58 घंटों में पूरी करती है, और कोंकण रेलवे मार्ग से गुजरती है।
देहरादून-कोचुवेली सुपरफास्ट एक्सप्रेस भी लगभग 3,459 किलोमीटर की दूरी को 61 घंटे में कारगर करता है। यह ट्रेन उत्तराखंड से लेकर कर्नाटक और गुजरात तक विस्तृत क्षेत्र से होकर गुजरती है।
नई टिनसुकिया-बेंगलुरु वीकली एक्सप्रेस भी एक खास यात्रा है जो असम के टिनसुकिया से कर्नाटक के बेंगलुरु तक लगभग 3,542 किलोमीटर की दूरी तय करती है।
इसके साथ ही केरल संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, 3,398 किलोमीटर की दूरी को 54 घंटे में पूरा करती है, और पंजाब से केरल के थिरुवनंतपुरम तक पहुंचा देती है। यह मार्ग यात्रियों को भारत के विविध सांस्कृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य से रूबरू कराता है।