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12 साल बाद फिर लौटेगा 'नीला जादू'! मुन्नार की वादियों में खिलने की तैयारी में नीलकुरिंजी फूल, जानिए क्यों है इतना खास

केरल का खूबसूरत हिल स्टेशन मुन्नार एक बार फिर प्रकृति प्रेमियों के आकर्षण का केंद्र बनने लगा है। यहां पहाड़ियों पर एक दुर्लभ फूल की शुरुआती झलक दिखाई देने लगी है, जिसके खिलने का इंतजार वर्षों से किया जाता है। आने वाले महीनों में यहां का नजारा पूरी तरह बदल सकता है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है

Edited By: Anchal Jhaअपडेटेड Jul 16, 2026 पर 8:51 AM
12 साल बाद फिर लौटेगा 'नीला जादू'! मुन्नार की वादियों में खिलने की तैयारी में नीलकुरिंजी फूल, जानिए क्यों है इतना खास
इस दुर्लभ फूल को बचाने के लिए केरल के इडुक्की जिले में कुरिंजीमाला सैंक्चुअरी बनाई गई है।

केरल के इडुक्की जिले का मशहूर हिल स्टेशन मुन्नार एक बार फिर सुर्खियों में है। अभी यहां की पहाड़ियां हरियाली से लिपटी हुई हैं, लेकिन जल्द ही इनका रंग पूरी तरह बदल सकता है। पहाड़ियों पर नीलकुरिंजी के शुरुआती फूल दिखाई देने लगे हैं। अगर मौसम अनुकूल रहा तो सितंबर-अक्टूबर तक पूरी घाटियां नीले और बैंगनी रंग से ढकी नजर आएंगी। यही वजह है कि प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों में अभी से उत्साह बढ़ने लगा है।

सिर्फ 12 साल में एक बार खिलता है यह अनोखा फूल

नीलकुरिंजी दुनिया के उन चुनिंदा पौधों में शामिल है, जो हर साल नहीं बल्कि 12 साल में सिर्फ एक बार सामूहिक रूप से खिलते हैं। इसका वैज्ञानिक नाम स्ट्रोबिलैंथेस कुंथियाना (Strobilanthes kunthiana) है। फूल आने के बाद पौधे बीज बनाते हैं और फिर सूख जाते हैं। इसके बाद नए पौधे तैयार होते हैं और अगले 12 सालों तक फूल आने का इंतजार करना पड़ता है। यही अनोखा जीवन चक्र इसे बेहद खास बनाता है।

कब और कहां खिलते हैं नीलकुरिंजी के फूल?

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