आमतौर पर माना जाता है कि किसी व्यक्ति की संपत्ति पर सबसे पहला अधिकार उसके परिवार का होता है। यही वजह है कि अधिकतर लोग अपनी वसीयत में माता-पिता, जीवनसाथी या बच्चों को वारिस बनाते हैं। लेकिन चीन के शंघाई से सामने आया एक मामला इस सोच से बिल्कुल अलग है। यहां 19 साल के एक छात्र ने ऐसा फैसला लिया, जिसने लोगों को हैरान कर दिया। करोड़ों रुपये की संपत्ति होने के बावजूद उसने अपने परिवार के बजाय किसी और को अपना उत्तराधिकारी चुना। खास बात यह है कि उसने यह फैसला पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत लिया, ताकि भविष्य में उसकी इच्छा को लेकर कोई विवाद न हो।
