सोशल मीडिया पर इस समय एक शख्स की पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। इस पोस्ट में व्यक्ति ने लोगों से संपत्ति जोड़ने की बजाय अपनी सेहत को प्राथमिकता देने की बात कही है। शख्स के मुताबिक लाइफ में सबसे बड़ा निवेश अच्छी सेहत है, इसलिए घर और गाड़ी जैसी पारंपरिक उपलब्धियों से पहले स्वास्थ्य पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। व्यक्ति का ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं लोगों ने इस पर कई कमेंट किए हैं। आइए जानते हैं क्या है पूरी कहानी
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आशीष जैन ने ये पोस्ट किया है। इस पोस्ट में आशीष जैन ने कहा कि उन्होंने भविष्य की जरूरत से ज्यादा चिंता करना छोड़ दिया और अपनी सेहत को सबसे ऊपर रखना शुरू किया। इसी सोच के साथ उन्होंने करीब एक साल पहले धूम्रपान छोड़ दिया और जंक फूड का सेवन भी काफी कम कर दिया।
सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
आशीष जैन ने अपनी पोस्ट में लिखा, "मैं 35 साल का हूं। मेरे पास न अपना घर है, न कार, न बड़ा बैंक बैलेंस, न स्टॉक्स या म्यूचुअल फंड्स का बड़ा पोर्टफोलियो और न ही कोई शानदार नौकरी। लेकिन मैं एक अच्छे किराए के घर में रहता हूं, जरूरत पड़ने पर Uber से सफर कर लेता हूं और मुझ पर कोई कर्ज नहीं है। पिछले साल के मुकाबले मेरी सेहत बेहतर हुई है, मानसिक रूप से भी मैं पहले से ज्यादा मजबूत महसूस करता हूं।" आशीष जैन ने अपनी पोस्ट में बताया कि पिछले एक साल के दौरान उनकी शारीरिक और मानसिक सेहत पहले से काफी बेहतर हुई है।
उनका कहना है कि उन्होंने उन छोटी-छोटी बातों की चिंता करना छोड़ दिया है, जिनका भविष्य में कोई खास महत्व नहीं रहेगा। पोस्ट में आशीष ने आगे लिखा, "मैंने उन छोटी-छोटी बातों पर तनाव लेना छोड़ दिया, जिनका एक साल बाद कोई मतलब नहीं रहेगा। मैंने खुद पर घर या कार खरीदने का दबाव डालना बंद कर दिया और भविष्य की जरूरत से ज्यादा चिंता भी छोड़ दी है। अब मेरा पूरा ध्यान अपने शरीर और दिमाग को बेहतर बनाने पर है। एक साल से ज्यादा समय हो गया है, मैंने स्मोकिंग छोड़ दी है और जंक फूड भी काफी कम कर दिया है। हर चीज जानना या हर लक्ष्य हासिल करना जरूरी नहीं है। जिंदगी जैसे चल रही है, उसे स्वीकार करें और सबसे पहले खुद पर ध्यान दें।" सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।
पोस्ट पर कई यूजर्स ने आशीष जैन की सोच का समर्थन किया। एक यूजर ने लिखा, "जीरो कर्ज, भविष्य की जीरो टेंशन, स्मोकिंग छोड़ना और दूसरों से तुलना न करना... यह उन कई 35 साल के लोगों से कहीं बेहतर बैलेंस शीट है जिन्हें मैं जानता हूं।" एक अन्य यूजर ने कहा, "मैं आपकी बात से पूरी तरह सहमत हूं। यही जिंदगी जीने का सबसे व्यावहारिक तरीका है। हमेशा आभार के साथ जिएं और यह समझें कि असली मुकाबला खुद से होता है, किसी और की इंस्टाग्राम लाइफस्टाइल से नहीं।" वहीं, एक तीसरे यूजर ने लिखा, "दूसरों से तुलना करने पर मंजिल हमेशा दूर होती जाती है, लेकिन मन की शांति नहीं मिलती। पहले अंदर से मजबूत बनिए, उसके बाद बाकी चीजें हासिल करना आसान हो जाएगा।"