12 साल की कॉरपोरेट नौकरी और फिर बड़ा फैसला, गुरजोत ने बताया क्यों छोड़ दी लाखों की सैलरी वाली जॉब

12 साल तक Accenture में काम करने के बाद गुरजोत अहलूवालिया ने नौकरी छोड़ने का फैसला किया है। सीनियर मैनेजर रह चुके गुरजोत ने आर्थिक स्वतंत्रता हासिल करने के बाद अपने पुराने जुनून को करियर बनाने की ठानी। अब वह शेयर बाजार में पूरा समय देंगे। उनके इस फैसले ने सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोरी है

अपडेटेड Sep 05, 2026 पर 4:30 PM
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गुरजोत की कहानी ने सोशल मीडिया पर एक अहम सवाल भी खड़ा किया है

कॉरपोरेट नौकरी में 12 साल बिताने के बाद गुरजोत अहलूवालिया ने एक बड़ा फैसला लिया है। Accenture Strategy & Consulting में सीनियर मैनेजर के पद पर काम कर चुके गुरजोत ने अब अपनी नौकरी छोड़ दी है। खास बात यह है कि उन्होंने यह कदम किसी मजबूरी में नहीं, बल्कि अपनी पसंद के काम को पूरा समय देने के लिए उठाया है। लंबे समय से शेयर बाजार में दिलचस्पी रखने वाले गुरजोत ने आर्थिक स्वतंत्रता हासिल करने के बाद कॉरपोरेट करियर से बाहर निकलने का फैसला किया। उनका मानना है कि आर्थिक आजादी ने उन्हें यह तय करने की स्वतंत्रता दी कि वह आगे अपना समय और करियर किस तरह बिताना चाहते हैं।

अब वह शेयर बाजार में अपनी रुचि को पूर्णकालिक तौर पर आगे बढ़ाएंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि नियमित वेतन और अच्छे बोनस की निश्चितता उन्हें जरूर याद आएगी। गुरजोत के इस फैसले ने सोशल मीडिया पर आर्थिक आजादी, नौकरी और अपने जुनून को करियर बनाने को लेकर चर्चा छेड़ दी है।

40 की उम्र से पहले हासिल की Financial Independence


गुरजोत ने सोशल मीडिया पर अपनी नौकरी छोड़ने की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि Accenture में काम करते हुए उन्होंने अपने सबसे बड़े लक्ष्यों में से एक Financial Independence हासिल की।

उनके लिए आर्थिक आजादी का मतलब सिर्फ पैसा जमा करना नहीं था, बल्कि अपनी जिंदगी और समय से जुड़े फैसले खुद लेने की आजादी भी थी। इसी वजह से उन्होंने 40 साल की उम्र से पहले कॉरपोरेट की ‘रेस’ से बाहर निकलने का फैसला किया।

सैलरी और बोनस जरूर याद आएंगे

नौकरी छोड़ते समय गुरजोत ने यह भी माना कि उन्हें नियमित सैलरी और अच्छे बोनस की कमी जरूर महसूस होगी। हालांकि, इसके बदले उन्हें अपने पसंदीदा काम को पूरा समय देने की आजादी मिल गई है। अब उनका फोकस शेयर बाजार में अपनी रुचि को आगे बढ़ाने पर रहेगा।

लंबा सफर, लंबी कम्यूट से मिली राहत

गुरजोत ने अपनी पोस्ट में कॉरपोरेट नौकरी की कुछ परेशानियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि रोजाना का लंबा काम, करीब 3 घंटे का कम्यूट, अचानक किसी ईमेल से पूरा हफ्ता तनावपूर्ण हो जाना और Performance Appraisal की चिंता जैसी चीजों से अब उन्हें राहत मिलेगी।

उन्होंने Accenture को अपने करियर और आर्थिक लक्ष्य हासिल करने में अहम भूमिका देने के लिए धन्यवाद भी कहा।

सोशल मीडिया पर लोगों ने दी बधाई

गुरजोत के इस फैसले पर सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं। कई लोगों ने Financial Independence हासिल करने को बड़ी उपलब्धि बताया।

एक यूजर ने कहा कि आर्थिक आजादी सिर्फ पर्याप्त पैसा होने का नाम नहीं है, बल्कि यह तय करने की आजादी भी है कि जिंदगी में आगे क्या करना है।

अब शेयर बाजार में आजमाएंगे अपना जुनून

गुरजोत की कहानी ने सोशल मीडिया पर एक अहम सवाल भी खड़ा किया है क्या Financial Independence के बाद नौकरी छोड़कर अपने पसंदीदा काम को करियर बनाया जा सकता है?गुरजोत ने अपने मामले में इसका जवाब ‘हां’ में दिया है। हालांकि, उनकी पोस्ट के बाद लोगों की दिलचस्पी इस बात में भी बढ़ गई कि आखिर उन्होंने नौकरी छोड़ने से पहले कितनी संपत्ति जमा की और उनका FIRE नंबर कितना रहा। एक यूजर ने उनसे इसी को लेकर सवाल भी पूछा।

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