ब्रिटेन की 41 वर्षीय विक्टोरिया थॉमस की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। उन्होंने 35 साल की उम्र में जिम के बूटकैंप क्लास के दौरान अचानक चक्कर आने और थकान महसूस करने के बाद मौत के बेहद करीब का अनुभव किया। पैरामेडिक्स ने उनके लिए 17 मिनट तक सीपीआर किया, लेकिन उस दौरान उनका दिल बिल्कुल नहीं धड़क रहा था। कई लोगों के लिए यह सिर्फ डरावना अनुभव होता, लेकिन विक्टोरिया ने इसे जीवंत रूप में महसूस किया और अब उन्होंने इसका विस्तार से खुलासा किया है।
उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्होंने अपने शरीर को ऊपर से देखा और चारों ओर की दुनिया का निरीक्षण किया, लेकिन अनुभव सुकून भरा नहीं बल्कि अजीब और डरावना था। ये घटना न केवल मौत और जीवन के बीच की सीमा को दिखाती है, बल्कि चेतना, शरीर और दुर्लभ बीमारियों की जटिलताओं को भी सामने लाती है।
17 मिनट की मौत और चमत्कार
विक्टोरिया ने 35 साल की उम्र में जिम के बूटकैंप दौरान अचानक चक्कर और थकान महसूस की। जैसे ही वह फर्श पर गिरी, उनका दिल रुक गया और पैरामेडिक्स ने 17 मिनट तक सीपीआर किया। इस दौरान उन्हें कोई पल्स नहीं मिली और डॉक्टरों ने उन्हें क्लिनिकली डेड घोषित कर दिया।
आफ्टर डेथ एक्सपीरियंस का अजीब अनुभव
17 मिनट बाद चमत्कारिक रूप से उनका दिल धड़कने लगा। विक्टोरिया ने बताया कि इस दौरान उन्होंने अपने शरीर को ऊपर से देखा और चारों ओर जिम और लोग नजर आए। लेकिन इस अनुभव में कोई रोशनी या सुकून नहीं था; वो सिर्फ ऊपर से सब देख रही थीं।
ये अनुभव क्लासिक आउट-ऑफ-बॉडी एक्सपीरियंस (OBE) के समान था, जिसे नजदीकी मौत के दौरान कई लोगों ने महसूस किया है। विक्टोरिया ने इसे डरावना और अजीब बताया, जैसे किसी दूसरी दुनिया में प्रवेश कर गई हों।
बाद में जांच में पता चला कि विक्टोरिया को डैनन डिजीज थी, एक बेहद दुर्लभ जेनेटिक डिसऑर्डर जो दिल, मांसपेशियों और लिवर को प्रभावित करता है। दुनिया में इससे प्रभावित लोग 1 मिलियन से भी कम हैं।
नई जिंदगी और फिटनेस की वापसी
हार्ट फेलियर के कई अनुभवों के बाद विक्टोरिया ने हार्ट ट्रांसप्लांट करवाया। अब वो पूरी तरह स्वस्थ हैं, एक बेटे की मां हैं और फिटनेस में वापसी कर रही हैं। उनका अनुभव दूसरों के लिए जीवन और मौत की समझ का एक अनोखा दृष्टिकोण देता है।