Delhi Fire Kills 9: पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में रविवार (3 मई) तड़के एक आवासीय बिल्डिंग में भीषण आग लगने से एक मासूम बच्चे समेत दो परिवारों के 9 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि विवेक विहार फेज-1 में चार मंजिला इमारत में आग लगने की जानकारी तड़के करीब 3 बजकर 48 मिनट पर मिली जिसके बाद पुलिस, दमकल और आपदा प्रबंधन दल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बताया कि आग ने इमारत के कई फ्लैट को अपनी चपेट में ले लिया जिसके बाद बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया गया।
आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। लेकिन शक है कि यह आग एयर कंडीशनर (AC) यूनिट में शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी होगी। गर्मियों में AC में आग लगने और ब्लास्ट होने की खबरें अक्सर बढ़ जाती हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि ये घटनाएं अचानक से होने वाले हादसे नहीं होते हैं।
बल्कि, ये आमतौर पर मशीनों पर लंबे समय तक पड़ने वाले दबाव और साथ ही खराब रखरखाव या असुरक्षित बिजली के कनेक्शन का नतीजा होती हैं। इसलिए AC को ज्यादा तापमान झेलने के हिसाब से डिजाइन किया जाता है। लेकिन बहुत गर्मी, लगातार AC चलते रहना और लापरवाही सिस्टम की वजह से ओवरहीटिंग, शॉर्ट सर्किट या धमाके भी हो सकते हैं।
इन वजह से AC में लगती है आग!
कंप्रेसर का ज्यादा गरम होना (Compressor Overheating): कंप्रेसर को अक्सर AC का दिल कहा जाता है। अगर AC यूनिट गर्मियों के मौसम में बिना किसी ब्रेक के लगातार चलती रहे, तो वह ज्यायदा गरम हो सकता है। ऐसे में धूल से भरी कंडेंसर कॉइल्स सिस्टम पर ज्यादा जोर डालती हैं। इससे बहुत ज्यादा गर्मी पैदा होती है। इस वजह से गंभीर मामलों में मैकेनिकल खराबी या टूट-फूट हो सकती है।
इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट (Electrical Short Circuits): गर्मियों में बिजली की ज्यादा मांग के कारण पुरानी या कम क्षमता वाली वायरिंग पर जोर पड़ सकता है। कम क्वालिटी वाले एक्सटेंशन कॉर्ड या गलत सॉकेट इस्तेमाल करने से तार ज्यादा गरम हो सकते हैं। इससे उनकी इंसुलेशन पिघल सकती है और चिंगारी निकल सकती है। इससे आस-पास रखे प्लास्टिक के पुर्जों या रेफ्रिजरेंट में आग लग सकती है।
रेफ्रिजरेंट का लीक होना (Refrigerant Leaks): R32 या R290 जैसे ज्वलनशील रेफ्रिजरेंट का लीक होना खतरनाक हो सकता है। अगर ये गैसें किसी चिंगारी के संपर्क में आती हैं, तो इनसे अचानक आग लग सकती है। इतना ही नहीं इसमें धमाका भी हो सकता है।
दबाव का बढ़ना (Pressure Build-Up): सर्विसिंग के दौरान गैस को गलत तरीके से भरना या तो जरूरत से अधिक भरना या उसमें हवा और नमी का मिल जाना अंदरूनी दबाव को सुरक्षित सीमा से ज्यादा बढ़ा सकता है। इससे पाइप फटने का खतरा पैदा हो जाता है।
इन बातों को न करें नजरअंदाज
AC से जुड़ी दुर्घटनाओं से कैसे बचें?
इमरजेंसी स्थिति में क्या करें?