AI का ऐसा कमाल, भर्ती पर ₹1 करोड़ खर्च करने की जरूरत ही नहीं! 7 दिन में 11 उम्मीदवारों तक पहुंचा फाउंडर, जानें कैसे हुआ ये सब

अब सीनियर अधिकारियों की भर्ती के लिए लाखों रुपये खर्च करने वाली कंपनियों को AI नया रास्ता दिखा रहा है। एक फाउंडर ने Claude, Apollo और Instinct जैसे तीन टूल्स की मदद से एक हफ्ते में 11 उम्मीदवारों से मुलाकात की। दावा है कि इस प्रयोग से करीब ₹1 करोड़ की बचत हुई

अपडेटेड Oct 20, 2026 पर 11:01 AM
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इस प्रयोग से पता चलता है कि AI उम्मीदवारों की पहचान, रिसर्च और मीटिंग तय करने जैसे काम तेज कर सकता है।

सोचिए, किसी कंपनी को बड़े पदों के लिए अनुभवी अधिकारियों की तलाश हो और भर्ती एजेंसी को लाखों रुपये देने के बजाय AI की मदद से ही सही उम्मीदवार मिल जाएं। सुनने में यह किसी भविष्य की तकनीक जैसा लग सकता है, लेकिन एक फाउंडर ने कथित तौर पर ऐसा प्रयोग किया है। दावा है कि AI के तीन टूल्स की मदद से एक हफ्ते में 11 उम्मीदवारों से मुलाकात हुई और भर्ती पर आने वाले करीब ₹1 करोड़ के खर्च की बचत हुई।

इस प्रयोग की जानकारी आदित्य कुलकर्णी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की। इसके बाद चर्चा शुरू हो गई कि क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में कंपनियों के लिए सीनियर अधिकारियों की भर्ती का तरीका बदल सकता है।

तीन AI टूल्स ने कैसे आसान बनाया भर्ती का काम?


रिपोर्ट के मुताबिक, फाउंडर को वाइस प्रेसिडेंट और C-suite जैसे बड़े पदों के लिए उम्मीदवार तलाशने थे। आमतौर पर ऐसी भर्ती के लिए कंपनियां विशेषज्ञ रिक्रूटमेंट एजेंसियों की मदद लेती हैं। लेकिन इस बार तीन टूल्स का इस्तेमाल किया गया।

  • Claude: इस AI टूल की मदद से संबंधित निवेश फंडों के पिछले पांच वर्षों के सार्वजनिक दस्तावेजों का विश्लेषण किया गया। इससे संभावित उम्मीदवारों की पहचान करने में मदद मिली।
  • Apollo: उम्मीदवारों की सूची तैयार होने के बाद उनके संपर्क विवरण खोजने के लिए इसका इस्तेमाल किया गया।
  • Instinct: इसके जरिए उम्मीदवारों से संपर्क करने और मीटिंग तय करने की प्रक्रिया को आसान बनाया गया।

इस तरह रिसर्च से लेकर उम्मीदवारों तक पहुंचने और बातचीत का समय तय करने तक कई काम एक ही प्रक्रिया में पूरे किए गए। दावा है कि इस तरीके से एक सप्ताह के भीतर 11 उम्मीदवारों से मुलाकात हो सकी।

आखिर कैसे बच गए ₹1 करोड़?

आदित्य कुलकर्णी के मुताबिक, फाउंडर तीन पदों के लिए भर्ती कर रहे थे। आमतौर पर एक करोड़ रुपये से अधिक सैलरी वाले वरिष्ठ पदों के लिए एग्जीक्यूटिव रिक्रूटमेंट एजेंसियां वेतन का करीब 30 प्रतिशत तक शुल्क ले सकती हैं।

ऐसे में कई वरिष्ठ अधिकारियों की भर्ती पर खर्च काफी बढ़ सकता है। AI टूल्स की मदद से उम्मीदवारों की खोज और शुरुआती संपर्क जैसे काम खुद करने पर इस खर्च को कम करने की संभावना बनती है।

हालांकि, ₹1 करोड़ की बचत का आंकड़ा एक दावा है। इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

क्या AI पूरी तरह खत्म कर देगा रिक्रूटमेंट एजेंसियों की जरूरत?

इस प्रयोग से पता चलता है कि AI उम्मीदवारों की पहचान, रिसर्च और मीटिंग तय करने जैसे काम तेज कर सकता है। लेकिन सही व्यक्ति का चयन करने के लिए अनुभव, नेतृत्व क्षमता, बातचीत और पृष्ठभूमि की जांच भी जरूरी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि इन 11 उम्मीदवारों में से कितनों को आखिरकार नौकरी मिली या AI से मिली सूची की गुणवत्ता पारंपरिक एजेंसियों जैसी थी।

सोशल मीडिया पर छिड़ी चर्चा

कुलकर्णी की पोस्ट पर एक यूजर ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह उम्मीदवारों की रिसर्च के लिए Claude, संपर्क विवरण के लिए Apollo और मीटिंग तय करने के लिए Instinct इस्तेमाल करता है।

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