Get App

न इंजीनियरिंग की डिग्री, न टेक्निकल बैकग्राउंड, BBA छात्र ने बताया कैसे 2010 में Google में मिली नौकरी

Google में नौकरी का सपना देखने वालों के लिए इंजीनियरिंग और टेक्निकल डिग्री को अक्सर जरूरी माना जाता है। लेकिन निखिल दुर्गानी की कहानी इससे बिल्कुल अलग है। BBA के छात्र रहते हुए 2010 में उन्हें Google के कैंपस प्लेसमेंट में मौका मिला। इसके बाद शुरू हुआ ऐसा करियर सफर, जो 15 साल से भी ज्यादा चला

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 12, 2026 पर 11:43 AM
न इंजीनियरिंग की डिग्री, न टेक्निकल बैकग्राउंड, BBA छात्र ने बताया कैसे 2010 में Google में मिली नौकरी
Google ज्वाइन करते समय निखिल ने नहीं सोचा था कि उनका सफर इतना लंबा होने वाला है।

Google में नौकरी का सपना देखने वालों में अक्सर इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस के छात्रों का नाम सबसे पहले आता है। लेकिन निखिल दुर्गानी की कहानी इस आम धारणा से बिल्कुल अलग है। उन्होंने न तो इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और न ही कंप्यूटर साइंस की। इसके बावजूद 2010 में BBA के छात्र रहते हुए उन्हें Google में नौकरी मिल गई। करीब 16 साल तक कंपनी में काम करने के बाद 2026 में उन्होंने 35 साल की उम्र में रिटायरमेंट ले लिया।

जब कॉलेज कैंपस में Google को देखकर हैरान रह गए छात्र

निखिल का जन्म और पालन-पोषण भारत में हुआ। पढ़ाई के लिए वह कोलकाता के St. Xavier’s College पहुंचे, जहां उन्होंने BBA में दाखिला लिया। साल 2010 में जब वह ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष में थे, तभी उनके कॉलेज में Google कैंपस प्लेसमेंट के लिए पहुंचा। यह देखकर छात्रों को काफी हैरानी हुई। वजह थी कॉलेज का माहौल। वहां ज्यादातर छात्र कॉमर्स, आर्ट्स और जर्नलिज्म जैसे विषयों से जुड़े थे। ऐसे में एक बड़ी टेक कंपनी का कैंपस में आना कई छात्रों के लिए किसी पहेली से कम नहीं था। निखिल ने बाद में बताया कि छात्रों के मन में सवाल था कि आखिर Google उनके कॉलेज में क्यों आई है, जबकि वहां इंजीनियरिंग के छात्र ही नहीं हैं।

तब पहली बार सामने आया Google AdWords का नाम

सब समाचार

+ और भी पढ़ें