Video: न दिखावा, न बेवजह खर्च... बेंगलुरु के इस कपल ने बनाए 5 ऐसे Money Rules जो हर परिवार के काम आएंगे
बेंगलुरु के मेघा और शुभम ने परिवार की आर्थिक जिंदगी को आसान बनाने के लिए पांच खास मनी रूल्स बनाए हैं। दोनों नौकरी करते हैं और उनके परिवार में एक छोटा बच्चा और पेट डॉग भी है। उनका फोकस दिखावे से ज्यादा खुशी, सेहत, परिवार और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा पर है
Viral Video: इंटरनेशनल ट्रिप भी, जिम भी और निवेश भी! बेंगलुरु कपल कैसे संभालता है पैसा
पैसों को लेकर हर कोई अपनी तरह से प्लानिंग करता है, लेकिन बेंगलुरु के मेघा और शुभम ने परिवार के लिए कुछ ऐसे आसान नियम बनाए हैं, जो सोशल मीडिया पर लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं। दोनों फुल-टाइम नौकरी करते हैं और उनके परिवार में एक छोटा बच्चा और पेट डॉग भी है। इसके बावजूद वे खर्च, बचत और निवेश के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश करते हैं। उनका फोकस सिर्फ ज्यादा पैसा जमा करने पर नहीं, बल्कि उस पैसे का सही इस्तेमाल करने पर है।
वे दिखावे के लिए महंगी चीजें खरीदने के बजाय उन चीजों पर खर्च करना पसंद करते हैं, जो परिवार की जिंदगी को बेहतर बनाएं। साथ ही, वे घूमने-फिरने, सेहत और भविष्य के लिए निवेश को भी जरूरी मानते हैं। कपल ने अपने ऐसे ही पांच मनी रूल्स सोशल मीडिया पर शेयर किए, जिन्हें लोग काफी प्रैक्टिकल बता रहे हैं।
पहला नियम- दिखावे के लिए नहीं, अपनी खुशी के लिए खर्च
कपल का पहला नियम है कि पैसा दूसरों को प्रभावित करने के लिए नहीं, अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए खर्च होना चाहिए। वे महंगी कार, ब्रांडेड कपड़े या सिर्फ दिखावे के लिए खरीदी जाने वाली चीजों पर पैसा खर्च करने से बचते हैं। वहीं, जिस घर और सोसाइटी में वे अपना ज्यादातर समय बिताते हैं, उसकी क्वालिटी को लेकर समझौता नहीं करते।
दूसरा नियम- सामान से ज्यादा यादें जरूरी
मेघा और शुभम के लिए नई चीजें खरीदने से ज्यादा जरूरी परिवार के साथ अच्छा समय बिताना है। उनका फोकस ऐसी यादें बनाने पर रहता है, जिन्हें बाद में याद किया जा सके। वे हर गर्मियों में एक इंटरनेशनल ट्रिप प्लान करते हैं। इसके अलावा सालभर में कई बार स्टेकेशन करते हैं और त्योहारों या जरूरत के समय माता-पिता से मिलने भी जाते हैं।
तीसरा नियम- सेहत पर खर्च को निवेश मानते हैं
कपल के लिए फिटनेस कोई ऐसी चीज नहीं है, जिसे अगले महीने से शुरू किया जाए। वे हेल्दी खाना, बेहतर प्रोडक्ट्स और जिम जैसी चीजों पर खर्च करने को जरूरी मानते हैं। उनका मानना है कि आज अपनी सेहत पर ध्यान देने से आगे चलकर बड़ी मेडिकल परेशानियों और भारी खर्च से बचा जा सकता है।
चौथा नियम- हर साल बढ़ाएं निवेश
मेघा और शुभम सिर्फ खर्च पर नजर नहीं रखते, बल्कि निवेश को भी लगातार बढ़ाने की कोशिश करते हैं। उनका लक्ष्य है कि हर साल उनका निवेश पिछले साल से ज्यादा हो। उनके लिए कार या दूसरी महंगी चीजों से ज्यादा अहम निवेश पोर्टफोलियो की बढ़ती रकम है। वे शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म, दोनों तरह के वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखकर प्लानिंग करते हैं।
पांचवां नियम- पैसों की जिम्मेदारी दोनों की
घर का खर्च सिर्फ एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है। दोनों ने खर्चों को आपस में बांट रखा है। मेघा किराया, बिजली-पानी जैसे तय खर्च और घरेलू कर्मचारियों की सैलरी संभालती हैं। वहीं शुभम क्रेडिट कार्ड बिल, राशन और ट्रैवल से जुड़े खर्च देखते हैं।
कपल ने अपने इन नियमों को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए बताया कि ये कोई परफेक्ट फाइनेंशियल फॉर्मूला नहीं हैं, बल्कि उनके परिवार के लिए काम करने वाले तरीके हैं। लोगों को खास तौर पर यह बात पसंद आई कि वे दिखावे से ज्यादा अपनी जिंदगी, सेहत, परिवार और भविष्य को प्राथमिकता देते हैं। कई यूजर्स ने उनके खर्च बांटने के तरीके और 'इमेज नहीं, लाइफ पर खर्च' वाली सोच को काफी प्रैक्टिकल बताया।
(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)