'कब निकलें कि जाम न मिले?' बेंगलुरु की महिला ने किया ट्रैफिक टाइमिंग का एक्सपेरिमेंट, फिर मिला गजब जवाब

Bengaluru Traffic: बेंगलुरु में ट्रैफिक से बचने का सही समय तलाशना लोगों के लिए मुश्किल होता जा रहा है। एक महिला को दोपहर 3:20 बजे भी सड़क पर लंबा जाम मिला। परेशान होकर उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना अनुभव शेयर किया और कहा कि ट्रैफिक से बचने का सबसे आसान तरीका ऑफिस जाने के बजाय घर से काम करना है

अपडेटेड Oct 05, 2026 पर 9:49 AM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
काव्या का वीडियो सामने आने के बाद कई लोगों ने कमेंट कर अपने अनुभव साझा किए।

बेंगलुरु में ट्रैफिक अब सिर्फ ऑफिस जाने और लौटने के समय की परेशानी नहीं रह गया है। शहर में किस वक्त सड़कें खाली मिलेंगी, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल होता जा रहा है। सुबह के व्यस्त समय के बाद दोपहर में भी सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लोगों का समय खा रही हैं। ऐसी ही स्थिति का सामना एक महिला को दोपहर 3:20 बजे करना पड़ा। उन्हें उम्मीद थी कि इस समय ट्रैफिक कुछ कम होगा, लेकिन सड़क पर हालात इसके बिल्कुल उलट थे।

इसके बाद उन्होंने अपने सफर का अनुभव सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए मजेदार अंदाज में कहा कि बेंगलुरु में ट्रैफिक से बचने का सबसे अच्छा तरीका ऑफिस जाना ही छोड़ देना है। उनका यह वीडियो इंटरनेट पर लोगों का ध्यान खींच रहा है। कई यूजर्स ने भी कमेंट में अपने ट्रैफिक अनुभव साझा किए और महिला की बात से सहमति जताई।

3:20 बजे भी सड़क पर लगा लंबा जाम


महिला की पहचान काव्या के तौर पर बताई गई है। उन्होंने इंस्टाग्राम अकाउंट @idli_dosai_bros पर एक वीडियो शेयर किया। वीडियो में वह कार के अंदर बैठी दिखाई दे रही हैं और चारों तरफ वाहनों की लंबी कतार नजर आ रही है।

खास बात यह थी कि वीडियो दोपहर करीब 3:20 बजे का था। आमतौर पर इस समय को शाम के पीक आवर से पहले का माना जाता है, लेकिन सड़क की हालत देखकर ऐसा लग रहा था जैसे ऑफिस छूटने का समय हो।

ट्रैफिक से बचने के लिए किया ‘पूरा रिसर्च’

काव्या ने बताया कि उन्होंने ऑफिस से निकलने के अलग-अलग समय आजमाकर यह समझने की कोशिश की कि आखिर किस वक्त बेंगलुरु की सड़कों पर कम ट्रैफिक मिलेगा। काफी कोशिशों के बाद उनका निष्कर्ष थोड़ा मजेदार लेकिन परेशान करने वाला था। उनके मुताबिक, ऑफिस से निकलने का सबसे अच्छा समय शायद ऑफिस से निकलना ही नहीं, बल्कि घर से काम करना है। उन्होंने लोगों से मजाकिया अंदाज में कहा कि ‘वर्क फ्रॉम होम’ ही अपनाइए।

तीन घंटे का समय, ईंधन और ऊर्जा गई

वीडियो के साथ काव्या ने लिखा कि इस ट्रैफिक के कारण करीब 3 घंटे का समय, ऊर्जा और ईंधन बर्बाद हुआ। उनकी बात से यह साफ है कि शहर का ट्रैफिक सिर्फ सड़क पर खड़े रहने की परेशानी नहीं है, बल्कि रोजाना लोगों के समय और खर्च दोनों पर असर डाल रहा है। एक सामान्य ऑफिस कम्यूट को पूरा करने में जब घंटों लग जाएं, तो थकान और चिड़चिड़ापन होना भी स्वाभाविक है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा- ‘बिल्कुल सही बात’

काव्या का वीडियो सामने आने के बाद कई लोगों ने कमेंट कर अपने अनुभव साझा किए। एक यूजर ने बताया कि उन्होंने काम के घंटे सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक करके देखे और उनके मुताबिक यह काफी बेहतर टाइमिंग साबित हुई। एक अन्य यूजर ने काव्या की बात से सहमति जताते हुए लिखा कि वह इससे ज्यादा सहमत नहीं हो सकता। वहीं, एक शख्स ने पूरे मामले पर मजाक करते हुए लिखा कि आखिर ट्रैफिक इतना क्यों है, यह सवाल शायद सड़क पर खड़ी गाड़ियां भी एक-दूसरे से पूछ रही होंगी।

View this post on Instagram

A post shared by Instagram (@instagram)

बेंगलुरु में ट्रैफिक बना रोजमर्रा की चुनौती

काव्या का अनुभव भले ही एक व्यक्ति की कहानी हो, लेकिन यह बेंगलुरु में रोज सफर करने वाले हजारों लोगों की परेशानी को दिखाता है। जब दोपहर के समय भी सड़कें जाम से जूझने लगें, तो ऑफिस जाने और लौटने का सही समय चुनना वाकई मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि काव्या का ‘ऑफिस मत जाओ, घर से काम करो’ वाला मजाक सोशल मीडिया पर कई लोगों को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा हुआ लगा।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।

बुजुर्ग कपल ने मांगी साइड लोअर बर्थ, युवक ने कहा- ₹1,050 दो फिर मिलेगी सीट, वायरल पोस्ट ने छेड़ी बहस

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।