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न राजा रहे, न साम्राज्य... 700 साल से आज भी खड़ा है मुंगेर का ये बरगद, वैज्ञानिक जांच में हुआ बड़ा खुलासा

बिहार के मुंगेर में मौजूद एक विशाल बरगद का पेड़ करीब 700 साल पुराना है। वैज्ञानिकों ने हाई-प्रिसिजन रेडियोकार्बन डेटिंग की मदद से इसकी उम्र का पता लगाया है। इस जांच से पेड़ की उम्र को लेकर चल रही पुरानी कहानियों और रिकॉर्ड के बजाय वैज्ञानिक सबूत सामने आए हैं

Curated By: Ankita Pandeyअपडेटेड Sep 19, 2026 पर 5:35 PM
न राजा रहे, न साम्राज्य... 700 साल से आज भी खड़ा है मुंगेर का ये बरगद, वैज्ञानिक जांच में हुआ बड़ा खुलासा
ये रिसर्च लखनऊ के बीरबल साहनी पुराजीव विज्ञान संस्थान यानी बीएसआईपी के वैज्ञानिकों ने की है (Photo: Canva)

बिहार के मुंगेर में एक बहुत पुराना और बड़ा बरगद का पेड़ इन दिनों चर्चा में है। ये पेड़ 100 या 200 नहीं बल्कि करीब 700 साल से ज्यादा पुराना बताया गया है। इसका खुलासा हाल ही में आए वैज्ञानिकों के जांच में पता चला है। यानी इस पेड़ ने कई राजाओं, साम्राज्य और पीढ़ियों और समय के साथ हुए कई बदलावों को देखा है। अब वैज्ञानिक तरीके से हुई जांच ने इस पेड़ की पुरानी कहानी को एक नया आधार दे दिया है। वैज्ञानिकों ने हाई-प्रिसिजन रेडियोकार्बन डेटिंग की मदद से इसकी उम्र का पता लगाया है। इस खोज से पेड़ की उम्र को लेकर स्थानीय कहानियों या पुराने रिकॉर्ड के बजाय वैज्ञानिक प्रमाण सामने आए हैं।

कहां पर मौजूद है ये पेड़

यह शोध 26 अप्रैल 2026 को प्रकाशित हुआ था और बाद में 3 जुलाई को विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग यानी डीएसटी से इसे आधिकारिक पहचान मिली। क्वाटरनरी रिसर्च जर्नल में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, यह दुनिया का सबसे पुराना और वैज्ञानिक तरीके से सही उम्र वाला बरगद यानी फिकस बेंघालेंसिस है। ये विशाल बरगद मुंगेर में इंडियन टोबैको कंपनी के परिसर में मौजूद है, जो 1901 में बना था। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह बरगद लंबे समय से शासकों और आम लोगों के मिलने-जुलने की जगह रहा है। लेकिन, अब तक इसकी सही उम्र का पता लगाने के लिए कोई सटीक वैज्ञानिक जांच नहीं हुई थी।

कैसे शुरू हुआ रिसर्च

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