21 साल के बिट्टू तबाही की CM मोहन यादव से मुलाकात पर मचा बवाल! ध्रुव राठी ने कही ये बात

मध्य प्रदेश के 21 वर्षीय सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें ‘बिट्टू तबाही’ के नाम से जाना जाता है, अजनार नदी की सफाई को लेकर चर्चा में हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात के बाद ध्रुव राठी ने सरकार पर श्रेय लेने का आरोप लगाया। अब बिट्टू तबाही ने जवाब देते हुए कहा कि मुद्दा क्रेडिट नहीं, नागरिक जिम्मेदारी का है

अपडेटेड Sep 06, 2026 पर 11:43 AM
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अजनार नदी की सफाई को लेकर बिट्टू तबाही की मेहनत की चर्चा भारत से बाहर भी पहुंची।

मध्य प्रदेश के 21 वर्षीय सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें सोशल मीडिया पर ‘बिट्टू तबाही’ के नाम से जाना जाता है, इन दिनों एक अलग वजह से चर्चा में हैं। उन्होंने अपने दम पर प्रदूषित अजनार नदी की सफाई का अभियान शुरू किया था। उनके इसी काम की वजह से वह न सिर्फ लोगों की नजरों में आए, बल्कि अब उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री मोहन यादव से भी हुई।

इसी मुलाकात को लेकर यूट्यूबर ध्रुव राठी ने सवाल उठाया, जिसके बाद बिट्टू तबाही ने सीधे उन्हें जवाब दिया।

मुख्यमंत्री मोहन यादव से हुई मुलाकात


सुरेंद्र सिंह चौधरी हाल ही में भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नदी की सफाई के लिए उनके प्रयासों की सराहना की और उनके जज्बे की तारीफ की। मुलाकात का वीडियो मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी साझा किया गया। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं।

ध्रुव राठी ने सरकार पर साधा निशाना

वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए ध्रुव राठी ने सरकार पर बिट्टू तबाही के काम का श्रेय लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि एक युवक ने अकेले नदी की सफाई के लिए मेहनत की और जब उसका काम वायरल हुआ, तब उसे बुलाकर फोटोशूट किया गया। राठी ने यह भी टिप्पणी की कि सरकार वास्तव में क्या कर रही है और केवल PR करने से क्या हासिल होगा। उनकी इस टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर चर्चा को और तेज कर दिया।

बिट्टू तबाही ने क्या दिया जवाब?

ध्रुव राठी की टिप्पणी पर सुरेंद्र सिंह चौधरी ने खुद जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह किसी को श्रेय देने या लेने की बात नहीं है। उनके मुताबिक, सरकार पहले भी उनके काम की सराहना कर चुकी है। उन्होंने कहा कि असली मुद्दा सिविक सेंस यानी नागरिक जिम्मेदारी का है। उनका मकसद सिर्फ इतना है कि लोग सफाई और पर्यावरण को लेकर अपनी जिम्मेदारी समझें और आगे आकर काम करें। बिट्टू के इस जवाब से साफ हुआ कि वह अपनी मुहिम को राजनीतिक बहस से ज्यादा लोगों की भागीदारी और जागरूकता से जोड़कर देखते हैं।

मोहन यादव ने भी की तारीफ

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सुरेंद्र के प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा कि समाज में बदलाव लाने के लिए हमेशा बड़ी संख्या में लोगों की जरूरत नहीं होती। कई बार एक व्यक्ति की ईमानदार पहल भी बदलाव की शुरुआत कर सकती है।

मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों को राज्य सरकार के जल गंगा संवर्धन अभियान से भी जोड़ा। यह अभियान जल स्रोतों के संरक्षण और उनके पुनर्जीवन के लिए जनभागीदारी पर जोर देता है।

नदी की सफाई ने विदेश तक पहुंचाई पहचान

अजनार नदी की सफाई को लेकर बिट्टू तबाही की मेहनत की चर्चा भारत से बाहर भी पहुंची। उनकी कहानी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नीदरलैंड स्थित गैर-लाभकारी संस्था The Ocean Cleanup के संस्थापक और CEO बॉयन स्लैट ने उन्हें नौकरी का ऑफर दिया।

एक X यूजर ने बिट्टू के काम की पहले और बाद की तस्वीरें शेयर करते हुए बताया कि 21 वर्षीय सुरेंद्र कई महीनों से अकेले प्रदूषित अजनार नदी की सफाई में जुटे हुए हैं।

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