स्टार्टअप फाउंडर आकाश गुप्ता की एक सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों इंटरनेट पर चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है। इस पोस्ट में उन्होंने एक कैब ड्राइवर के साथ हुई बातचीत को साझा किया, जिसने अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर फुल-टाइम ड्राइविंग को अपना नया करियर बना लिया है। ड्राइवर का कहना है कि अब उसे सिर्फ तय सैलरी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता, बल्कि वह अपनी मेहनत और समय के हिसाब से ज्यादा कमाई कर पा रहा है। साथ ही उसे काम में वह आजादी भी मिल रही है जो पहले की नौकरी में नहीं थी।
इसी कहानी ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस को जन्म दिया है कि क्या भारत में पारंपरिक नौकरी से हटकर गिग वर्क और स्वतंत्र कमाई का मॉडल भविष्य बन रहा है। यह पोस्ट तेजी से वायरल होकर लोगों की सोच को दो हिस्सों में बांट रही है।
“नौकरी नहीं, अब खुद का बॉस हूं”
ड्राइवर ने बताया कि पहले वह एक ऑफिस जॉब करता था और करीब ₹25,000 महीने कमाता था। लेकिन अब कैब चलाकर वह करीब ₹1 लाख महीने तक कमा लेता है। उसका कहना था कि अब वह खुद तय करता है कि कब काम करना है, कितना करना है और कब आराम करना है।
“गिग एंटरप्रेन्योर” की नई पहचान
आकाश गुप्ता ने इस बदलाव को भारत के नए मिडिल क्लास से जोड़ते हुए “गिग एंटरप्रेन्योर” कहा। उनके मुताबिक, ये सिर्फ ड्राइवर या डिलीवरी पार्टनर नहीं हैं, बल्कि अपने तरीके से कमाई करने वाले छोटे बिजनेस मालिक हैं।
“तुम खुद एक बिजनेसमैन हो”
गुप्ता ने बातचीत के दौरान ड्राइवर को मोटिवेट करते हुए कहा कि उसे खुद को सिर्फ ड्राइवर नहीं, बल्कि एक सेल्फ-एम्प्लॉइड बिजनेसमैन की तरह देखना चाहिए, क्योंकि वह अपनी गाड़ी और टाइम खुद मैनेज करता है।
सोशल मीडिया पर दो हिस्सों में बंटे लोग
पोस्ट वायरल होते ही लोगों की राय भी बंट गई। कुछ लोगों ने इसे “नई आज़ादी और बेहतर कमाई का मॉडल” बताया, तो कुछ ने कहा कि यह स्थिर नौकरी छोड़ने का जोखिम भरा उदाहरण है।
आकाश गुप्ता, जाइप इलेक्ट्रिक के फाउंडर और CEO हैं। वह सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहते हैं और अक्सर अलग-अलग प्रोफेशनल्स के साथ बातचीत के वीडियो शेयर करते हैं, जो तेजी से वायरल होते हैं।