सैलरी और नौकरी दोनों अच्छी थीं, फिर भी कर्मचारी ने दे दिया इस्तीफा! वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

चंडीगढ़ की एक कंपनी के कर्मचारी के इस्तीफे ने LinkedIn पर नई बहस छेड़ दी है। कर्मचारी ने शहर को नौकरी छोड़ने की वजह बताया, जिसके बाद COO जतिन गुलाटी ने इस मामले पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि मुद्दा सिर्फ शहर का नहीं, बल्कि व्यक्ति की सोच और अवसरों को देखने के नजरिए का भी है

अपडेटेड Aug 03, 2026 पर 12:02 PM
कुछ यूजर्स ने कंपनी को रिमोट वर्क का विकल्प देने की सलाह दी।

चंडीगढ़ की एक कंपनी में कर्मचारी के इस्तीफे ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। कंपनी के COO जतिन गुलाटी ने LinkedIn पर इस घटना को साझा करते हुए बताया कि कर्मचारी ने काम छोड़ने की वजह शहर को बताया। उसका कहना था कि चंडीगढ़ में दिल्ली जैसी हलचल और माहौल नहीं है। इस पोस्ट के बाद चर्चा सिर्फ एक नौकरी छोड़ने तक सीमित नहीं रही, बल्कि लोगों के नजरिए, काम के माहौल और शहर की पसंद पर भी शुरू हो गई।

गुलाटी ने सवाल उठाया कि क्या समस्या वास्तव में जगह में होती है या फिर व्यक्ति का दृष्टिकोण भी इसमें बड़ी भूमिका निभाता है। उनकी पोस्ट पर कई लोगों ने सहमति जताई, जबकि कुछ यूजर्स ने इसे व्यक्तिगत पसंद और करियर प्राथमिकताओं से जुड़ा मामला बताया।

क्या शहर बदलने से बदलती है जिंदगी?


जतिन गुलाटी ने कहा कि हर व्यक्ति की अपनी पसंद होती है, लेकिन उन्होंने अपने करियर में एक पैटर्न देखा है। कुछ लोग नई जगह पर पहुंचते ही नए अनुभव तलाशते हैं, अवसरों को पहचानते हैं और उपलब्ध चीजों का बेहतर इस्तेमाल करते हैं। वहीं कुछ लोग उम्मीद करते हैं कि जगह खुद उन्हें उत्साह और विकास के मौके देगी।

नौकरी में भी दिखता है यही नजरिया

गुलाटी ने इस बात को वर्क कल्चर से जोड़ते हुए कहा कि ऑफिस में भी यही फर्क नजर आता है। कुछ कर्मचारी हमेशा कमियों पर ध्यान देते हैं—बेहतर क्लाइंट, बेहतर सिस्टम या ज्यादा मौके की तलाश में रहते हैं। वहीं कुछ लोग मौजूदा परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने के रास्ते खोज लेते हैं।

'परफेक्ट कंपनी या परफेक्ट शहर कहीं नहीं होता'

COO ने कहा कि कोई भी शहर, कंपनी या करियर पूरी तरह आदर्श नहीं हो सकता। सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि व्यक्ति अपनी मौजूदा स्थिति को किस नजर से देखता है और उसमें कितनी संभावनाएं तलाशता है। उन्होंने लिखा कि आगे बढ़ने वाले लोग वही होते हैं जो जहां हैं, वहीं उपलब्ध अवसरों का अधिकतम फायदा उठाना सीखते हैं। उनके अनुसार, कर्मचारी ने सिर्फ चंडीगढ़ की वजह से नौकरी नहीं छोड़ी, बल्कि शायद उसका नजरिया भी एक बड़ी वजह था।

LinkedIn पर लोगों की राय हुई दो हिस्सों में बंटी

गुलाटी की पोस्ट पर कई लोगों ने अपनी राय रखी। कुछ यूजर्स ने कहा कि तेज रफ्तार वाले शहरों में काम करने वाले लोगों के लिए शांत माहौल में ढलना आसान नहीं होता। उनके मुताबिक, सिर्फ अच्छी सैलरी ही काफी नहीं होती, बल्कि काम का माहौल और शहर की लाइफस्टाइल भी मायने रखती है।  वहीं कुछ लोगों ने इसे नजरिए की बजाय व्यक्तिगत पसंद का मामला बताया। उनका कहना था कि हर व्यक्ति की जरूरत और प्राथमिकताएं अलग होती हैं, इसलिए किसी की पसंद को गलत नहीं ठहराया जा सकता।

WFH का सुझाव भी आया सामने

कुछ यूजर्स ने कंपनी को रिमोट वर्क का विकल्प देने की सलाह दी। उनका कहना था कि अगर कर्मचारियों को अपनी पसंद की जगह से काम करने की आजादी मिले, तो ऐसी समस्याओं को कम किया जा सकता है।

चंडीगढ़ या सोच? सोशल मीडिया पर जारी बहस

इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है क्या नौकरी छोड़ने की वजह सिर्फ शहर होता है या फिर व्यक्ति का नजरिया भी उतनी ही भूमिका निभाता है? LinkedIn पर अब यह चर्चा काम, जगह और करियर संतुष्टि के बीच संतुलन को लेकर तेज हो गई है।

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