Chandra Grahan 2026: सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी के आने से चंद्र ग्रहण लगता है। यह एक बेहद दुर्लभ खगोलीय घटना है, जिसे धार्मिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए हिंदू धर्म में ग्रहण से कुछ घंटे पहले सूतक काल लग जाता है, जिसमें कोई शुभ या नया काम नहीं किया जाता है। इस अवधि में मंदिरों में पूजा-पाठ नहीं होता और उसके दरवाजे बंद रहते हैं। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें, तो ग्रहण खगोलीय घटना है, जो समय-समय पर घटती रहती है। इससे वैज्ञानिकों को इन सुदूर स्थिति खगोलीय पिंडों के शोध में मदद मिलती है और धरती से जुड़े कई अनसुलझे रहस्यों को जानने का मौका मिलता है।
