सिर्फ शरीर खुजाने की सेवा से हर महीने ₹14 लाख की कमाई, चीन के इस अनोखे बिजनेस ने लोगों को किया हैरान
चीन में एक शख्स ने ऐसी अनोखी सेवा शुरू की है, जिसके बारे में जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। यहां लोगों को शरीर खुजाने के लिए पैसे देने पड़ते हैं। खास बात यह है कि इस अनोखे कारोबार से हर महीने लाखों रुपये की कमाई हो रही है। आखिर क्या है पूरा मामला, जानिए
इस काम को शुरू करना उतना आसान नहीं था, जितना पहली नजर में लगता है।
अगर कोई आपसे कहे कि सिर्फ शरीर की खुजली मिटाने की सेवा देकर भी लाखों रुपये कमाए जा सकते हैं, तो शायद आपको यकीन न हो। लेकिन चीन के एक उद्यमी ने इसी साधारण जरूरत को कमाई के अनोखे तरीके में बदल दिया है। शेनझेन में शुरू हुई उनकी यह सेवा इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां ग्राहक आराम से लेटते हैं और प्रशिक्षित कर्मचारी शरीर के अलग-अलग हिस्सों को धीरे-धीरे खुजाने की सेवा देते हैं। खास बात यह है कि इसके लिए ग्राहकों से बाकायदा फीस लिया जाता है और एक घंटे की सेवा की कीमत करीब ₹4,200 बताई गई है।
इस अनोखे कारोबार ने कम समय में लोगों का ध्यान खींच लिया है और इसके जरिए हर महीने करीब ₹14 लाख की कमाई होने का दावा किया जा रहा है। आखिर इस अजीब लगने वाले कारोबार का विचार कैसे आया और इसके पीछे की कहानी क्या है, जानिए।
एक घंटे की सेवा के लिए ₹4,200
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक, झांग ने इस कारोबार की शुरुआत शेनझेन के बाओआन इलाके से की। मई की शुरुआत में उन्होंने पहला प्रतिष्ठान खोला और करीब एक महीने बाद फुतियान इलाके में दूसरा केंद्र भी शुरू कर दिया। दोनों प्रतिष्ठान ‘सुमा’ नाम से संचालित होते हैं। यहां ग्राहक बिस्तर पर आराम से लेटते हैं और प्रशिक्षित कर्मचारी शरीर के अलग-अलग हिस्सों को धीरे-धीरे खुजाते हैं। एक घंटे की इस सेवा के लिए करीब 300 युआन यानी लगभग ₹4,200 चुकाने पड़ते हैं।
मालिश जैसा आराम देने का दावा
इस सेवा का मकसद केवल खुजली दूर करना नहीं है। झांग के मुताबिक, इसे ग्राहकों को आराम महसूस कराने और बेहतर नींद में मदद करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। ग्राहक कर्मचारियों को यह भी बता सकते हैं कि शरीर के किस हिस्से पर ज्यादा ध्यान देना है। इसके लिए कर्मचारियों को खास तरह के नुकीले नाखून दिए जाते हैं। कई ग्राहकों ने इस अनुभव को मालिश से भी ज्यादा आरामदायक बताया है। कुछ संवेदनशील हिस्सों पर खुजाने के दौरान ग्राहकों को हंसी भी आने लगती है।
सामाजिक माध्यम से आया कारोबार का विचार
झांग को इस कारोबार का विचार पिछले साल सामाजिक माध्यम पर एक वीडियो देखने के बाद आया। वीडियो में एक महिला अपने पति की पीठ खुजा रही थी। टिप्पणियों में कई लोगों ने कहा कि वे किसी को पैसे देकर अपनी पीठ खुजवाने की सेवा लेना चाहेंगे। यही बात झांग को सोचने पर मजबूर कर गई। उन्हें अपने बचपन की भी याद आई, जब उनके पिता अक्सर उनकी पीठ खुजाया करते थे। उनके लिए वह अनुभव आराम और नींद से जुड़ा हुआ था। इसी पुराने अनुभव और सामाजिक माध्यम पर मिली प्रतिक्रिया ने उन्हें इस कारोबार की दिशा में आगे बढ़ाया।
सामान्य काम को बनाया पेशेवर सेवा
इस काम को शुरू करना उतना आसान नहीं था, जितना पहली नजर में लगता है। चीन में ऐसी सेवा का कोई स्थापित मॉडल नहीं था, इसलिए झांग ने खुद अलग-अलग तकनीकों पर शोध किया। उन्होंने शरीर के अलग-अलग हिस्सों के लिए खुजाने के तरीके विकसित किए, ताकि ग्राहकों को एक व्यवस्थित और समान अनुभव मिल सके। उनका लक्ष्य ऐसी सेवा तैयार करना था, जिसे ग्राहक पहले से बुक कर सकें और उसके लिए तय कीमत चुका सकें।
पुरुष ग्राहक ज्यादा
इस अनोखे कारोबार में पुरुष और महिलाएं दोनों ग्राहक पहुंच रहे हैं। हालांकि झांग के मुताबिक पुरुष ग्राहकों की संख्या ज्यादा है। करीब 70 प्रतिशत ग्राहक पुरुष हैं, जबकि महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 30 प्रतिशत बताई गई है। उनका मानना है कि बड़े शहरों में लोगों पर काम और जिंदगी का काफी दबाव रहता है। ऐसे में लोग आराम और तनाव कम करने के लिए अलग-अलग तरह की सेवाएं तलाशते हैं।
कई कारोबार के बाद मिली नई राह
झांग का यह पहला कारोबार नहीं है। हुबेई से ताल्लुक रखने वाले झांग ने विश्वविद्यालय से पढ़ाई पूरी करने के बाद एक साल में सात अलग-अलग नौकरियां कीं। इसके बाद उन्होंने सीमा-पार ऑनलाइन व्यापार से जुड़ी दो कंपनियां शुरू कीं, लेकिन दोनों उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं हुईं। करीब दो साल पहले उन्होंने डिजिटल माध्यम से सामग्री बनाने के क्षेत्र में भी काम शुरू किया, लेकिन वहां भी उन्हें बड़ी सफलता नहीं मिली। इसके बाद खुजाने की सेवा वाला कारोबार उनके लिए एक नया अवसर बनकर सामने आया।
अब 100 प्रतिष्ठान खोलने का लक्ष्य
झांग के दोनों प्रतिष्ठान फिलहाल अपनी लागत निकालने के साथ मुनाफा भी कमाने लगे हैं। अब उनका लक्ष्य पूरे चीन में ऐसे 100 प्रतिष्ठान खोलना है। वह चाहते हैं कि इस काम को सिर्फ एक अजीबोगरीब सेवा के तौर पर न देखा जाए, बल्कि इसे एक व्यवस्थित पेशे का दर्जा मिले। इसके लिए वह कर्मचारियों के प्रशिक्षण, तय तकनीक और अलग-अलग सेवा पैकेज तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं।