शहर की भागदौड़ छोड़कर यदि किसी को पहाड़ों के बीच रहना, बादलों को देखना और उसी दौरान लाखों रुपये कमाने का मौका मिले, तो शायद ही कोई मना करना चाहेगा। चीन में एक 23 साल के युवक को कुछ ऐसा ही मौका मिला, जहां उसका ऑफिस किसी बिल्डिंग में नहीं बल्कि लाओजुन पहाड़ की चोटी पर था। उसका काम था बदलते बादलों और धुंध के खूबसूरत नजारे कैमरे में कैद करना।
यह अनोखी नौकरी सिर्फ अपनी अलग तरह की वजह से चर्चा में नहीं आई, बल्कि इसमें मिलने वाली सैलरी ने भी लोगों का ध्यान खींचा। युवक को सिर्फ एक महीने के काम के लिए करीब 8.5 लाख रुपये दिए गए और रहने की फैसिलिटी भी मिली। इस ड्रीम जॉब के बारे में सुनते ही हजारों लोगों ने आवेदन कर दिया।
ली सिचेन को चीन के लाओजुन माउंटेन का पहला क्लाउडस्केप ऑब्जर्वर चुना गया था। 23 साल के ली को रोजाना बादलों, धुंध, पहाड़ों और आसपास के खूबसूरत नजारों की वीडियो बनानी होती थी। उनका दिन सुबह करीब 5 बजे शुरू हो जाता था और सूरज निकलने से पहले ही शूटिंग शुरू करनी पड़ती थी। अलग-अलग समय और एंगल से ज्यादा से ज्यादा फुटेज जुटाना उनके काम का अहम हिस्सा था। सूरज डूबने के बाद तक उनका काम चलता रहता था। उन्हें सिर्फ वीडियो शूट नहीं करनी थी, बल्कि उन्हें एडिट करना, कलर ग्रेडिंग करना और जरूरत पड़ने पर ड्रोन से भी फुटेज लेना सीखना पड़ा।
इस अनोखी नौकरी के लिए ली को एक महीने के करीब 60,000 युआन यानी लगभग 8.5 लाख रुपये दिए गए। काम के दौरान उनके रहने की व्यवस्था भी की गई थी। सुनने में यह नौकरी काफी आसान लग सकती है, लेकिन असल में इसमें काफी मेहनत करनी पड़ती थी। बादलों और मौसम को अपने हिसाब से बदला नहीं जा सकता था। कई बार खराब मौसम की वजह से मनचाहा नजारा नहीं मिल पाता था और ली को लगातार शूटिंग के लिए तैयार रहना पड़ता था। उन्हें इस बात की चिंता भी रहती थी कि उनके बनाए वीडियो लोगों को पसंद आएंगे या नहीं।
लाओजुन माउंटेन ने इस अनोखी नौकरी की घोषणा की तो लोगों के बीच इसकी काफी चर्चा हुई। सिर्फ एक हफ्ते में 3,500 से ज्यादा लोगों ने आवेदन कर दिया। आवेदकों को तय हैशटैग के साथ अपने वीडियो भेजने थे और उनके कंटेंट की क्वालिटी के साथ लोगों का रिस्पॉन्स भी देखा गया। ली के आवेदन वाले वीडियो को अच्छा रिस्पॉन्स मिला और इसी वजह से उन्होंने कई दूसरे आवेदकों को पीछे छोड़ दिया। इस नौकरी ने उन्हें वीडियो शूटिंग, एडिटिंग, कलर ग्रेडिंग और ड्रोन चलाने जैसी नई स्किल सीखने का मौका भी दिया। इस काम के लिए सिर्फ पहाड़ों में रहना ही काफी नहीं था, बल्कि खूबसूरत नजारों को अच्छे तरीके से कैमरे में कैद करना और लोगों को पसंद आने वाला कंटेंट बनाना भी जरूरी था।
लाओजुन माउंटेन पर पहले से वीडियो बनाने वाले लोग मौजूद थे, फिर भी टूरिस्ट साइट ने क्लाउडस्केप ऑब्जर्वर के लिए अलग से भर्ती की। इसका मकसद पहाड़ और वहां के नजारों को एक नए नजरिए से दिखाना था। साइट के एक प्रतिनिधि ने इस भूमिका को एक तरह की "तीसरी आंख" बताया। लाओजुन माउंटेन अपने खूबसूरत 'सी ऑफ क्लाउड्स' यानी बादलों के समुद्र के लिए मशहूर है और चीन के प्रमुख ताओवादी पहाड़ों में गिना जाता है। इसका इतिहास 2,000 साल से भी ज्यादा पुराना बताया जाता है। यहां की प्राकृतिक खूबसूरती और धार्मिक महत्व इसे खास टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाते हैं। पहाड़ों के बीच बदलते बादल, धुंध और रोशनी के नजारे यहां आने वाले टूरिस्ट को खास एक्सपीरियंस देते हैं, इसलिए इस जगह की खूबसूरती को सोशल मीडिया पर दिखाने के लिए नए क्रिएटर का नजरिया काफी काम आ सकता है।
लाओजुन माउंटेन की यह नौकरी दिखाती है कि आज के समय में किसी के लिए कमाई का तरीका सिर्फ ऑफिस में बैठकर काम करना नहीं है। सही स्किल और क्रिएटिविटी के साथ प्रकृति के बीच रहकर भी काम किया जा सकता है। लेकिन 8.5 लाख रुपये की यह नौकरी सुनने में जितनी आसान लगती है, उतनी थी नहीं। रोज सुबह जल्दी उठना, बदलते मौसम में शूटिंग करना और लगातार अच्छा कंटेंट तैयार करना ली के लिए बड़ी चुनौती थी। फिर भी इस एक्सेपरिएंस ने उन्हें कमाई के साथ नई स्किल सीखने और अपने करियर को एक अलग दिशा देने का मौका दिया।