जिस काम को पूरा करने के लिए किसी कॉलेज स्टूडेंट को 7 से 10 दिन लग सकते थे, उसे AI ने महज 3 घंटे में कर दिखाया। इतना ही नहीं, इस काम के लिए मिलने वाले 4,000 रुपये भी बच गए। Anthropic के Claude AI से जुड़ा यह अनुभव रेडिट पर चर्चा का विषय बन गया है। एक यूजर की इस कहानी ने सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर AI कम समय और कम खर्च में काम करने लगे, तो करियर की शुरुआत करने वाले युवाओं के लिए नौकरियों के अवसर कितने बचेंगे?
स्टूडेंट को देना चाहते थे ₹4,000, AI ने कर दिया काम
रेडिट के r/TwentiesIndia फोरम पर एक यूजर ने बताया कि वह स्टॉक एनालिसिस से जुड़ा एक काम करवाना चाहता था। इसके लिए उसने एक खास तरीका तैयार किया था, जिसके आधार पर Screener पर मौजूद कंपनियों के शेयरों की जांच करनी थी। यूजर के मुताबिक, इस काम में काफी समय लग सकता था। इसलिए उसने किसी कॉलेज स्टूडेंट को यह जिम्मेदारी सौंपने और बदले में 4,000 रुपये देने का विचार किया। यह ऐसा काम था, जिसे कोई शुरुआती स्तर का व्यक्ति भी निर्देशों के आधार पर पूरा कर सकता था।
दोस्त की सलाह पर आजमाया Claude AI
यूजर ने बताया कि उसने पहले भी इस काम को ऑटोमेट करने की कोशिश की थी, लेकिन उसकी प्रक्रिया में मानवीय समझ और निर्णय की जरूरत पड़ती थी। इस वजह से वह अपने आइडिया को सही तरीके से कोड में नहीं बदल पा रहा था। बाद में एक दोस्त की सलाह पर उसने दोबारा कोशिश की। रविवार को उसने Claude AI के साथ करीब तीन घंटे बिताए। इस दौरान उसने निर्देशों और लॉजिक में सुधार किया और सामने आई समस्याओं को ठीक किया। आखिरकार AI उसकी जरूरत के मुताबिक काम पूरा करने में सफल रहा। इस तरह यूजर के 4,000 रुपये बच गए। उसका कहना था कि सामान्य API कीमतों पर भी यह काम कुछ सौ रुपये में हो सकता था।
क्या फ्रेशर्स के काम AI की भेंट चढ़ जाएंगे?
इस अनुभव के बाद यूजर ने सवाल उठाया कि अगर AI छोटे और शुरुआती स्तर के काम आसानी से कर सकता है, तो एंट्री-लेवल नौकरियों का भविष्य क्या होगा? दरअसल, ऐसे काम ही अक्सर फ्रेशर्स को अनुभव हासिल करने और काम सीखने का मौका देते हैं।
रेडिट पर लोगों ने जताई चिंता
पोस्ट पर कई यूजर्स ने कहा कि AI की मदद लेना उपयोगी है, लेकिन जहां पूरी सटीकता जरूरी हो, वहां उसके नतीजों की जांच करना भी जरूरी है। कुछ लोगों ने चिंता जताई कि कंपनियां जूनियर कर्मचारियों को जो सामान्य काम देकर ट्रेनिंग देती थीं, अब उन्हीं कामों को AI से करवा सकती हैं। हालांकि, एक उदाहरण के आधार पर सभी शुरुआती नौकरियों के खत्म होने का दावा नहीं किया जा सकता। फिर भी यह घटना बताती है कि बदलती तकनीक के दौर में युवाओं के लिए AI को समझना, नई स्किल सीखना और अपनी क्षमताओं को लगातार बेहतर बनाना पहले से ज्यादा जरूरी होता जा रहा है।
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।