Indian Railways: रेलवे कर्मचारी का परिवार कितनी बार कर सकता है फ्री सफर? जानें डिटेल्स

Indian Railways: कई लोग मानते हैं कि रेलवे कर्मचारी और उनका परिवार बिना टिकट देशभर में फ्री सफर कर सकता है। ट्रेन में TTE को कर्मचारियों को आसानी से पास देते देखकर यह भ्रम और गहरा हो जाता है। लेकिन हकीकत यह है कि रेलवे की नौकरी अनलिमिटेड फ्री ट्रैवल नहीं देती, बल्कि यह सिर्फ सीमित सुविधा है

अपडेटेड Aug 19, 2025 पर 11:46 AM
Indian Railways: रेलवे कर्मचारियों को मिलने वाली यात्रा सुविधा कोई ओपन पास नहीं होती।

रेलवे कर्मचारियों को लेकर आम धारणा यही है कि उन्हें देशभर में बिना टिकट यात्रा करने की खुली छूट होती है। अक्सर ट्रेन में किसी कर्मचारी को सहजता से सफर करते देख या प्लेटफॉर्म पर TTE द्वारा आसानी से पास देने की घटना देखकर लोग मान बैठते हैं कि रेलवे की नौकरी मतलब ‘अनलिमिटेड फ्री ट्रैवल’ का पासपोर्ट मिल जाना। लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है। कर्मचारियों को यात्रा के लिए कुछ विशेष सुविधाएं ज़रूर दी जाती हैं, मगर वे सीमित दायरे में होती हैं और सख्त नियमों से बंधी होती हैं।

इसमें टिकट बुकिंग की प्रक्रिया, कोटा और क्लास की सीमाएं भी शामिल हैं। यानी रेलवे की नौकरी आपको हर ट्रेन में जब चाहें, जिस क्लास में चाहें, फ्री में घूमने की छूट नहीं देती ये सिर्फ एक विशेषाधिकार है, जो निश्चित शर्तों के तहत मिलता है।

सुविधा है, लेकिन अनलिमिटेड नहीं


रेलवे कर्मचारियों को मिलने वाली यात्रा सुविधा कोई ओपन पास नहीं होती। यह एक निश्चित सीमा वाली सुविधा है, जो दो हिस्सों में बंटी है प्रिविलेज पास और प्रिविलेज टिकट ऑर्डर (PTO)।

प्रिविलेज पास साल में सीमित बार

प्रिविलेज पास को अक्सर लोग फ्री टिकट समझते हैं, लेकिन यह साल में बस कुछ ही बार मिलता है। शुरुआती पांच साल तक आमतौर पर एक सेट पास मिलता है और इसके बाद तीन सेट तक की सुविधा दी जाती है। एक सेट का मतलब है आने-जाने की पूरी यात्रा।

PTO – भारी छूट, लेकिन फ्री नहीं

प्रिविलेज टिकट ऑर्डर के तहत रेलवे कर्मचारी को टिकट पर केवल एक-तिहाई किराया देना पड़ता है। यह बड़ी राहत जरूर है, लेकिन पूरी तरह मुफ्त नहीं है। साल में चार सेट PTO मिलते हैं, जिनका उपयोग छूट पर यात्रा करने के लिए किया जा सकता है।

यात्रा की क्लास का नियम

कर्मचारी किस क्लास में सफर कर सकता है, यह उसके पद और ग्रेड पे पर निर्भर करता है। वरिष्ठ अधिकारी फर्स्ट AC में सफर कर सकते हैं, जबकि निचले ग्रुप के कर्मचारी स्लीपर या थर्ड AC तक सीमित रहते हैं।

क्या आई-कार्ड दिखाकर ट्रेन में चढ़ सकते हैं?

रेलवे कर्मचारियों को भी पास या PTO के आधार पर बाकायदा टिकट बुक करनी पड़ती है। यह प्रक्रिया आम यात्रियों जैसी ही होती है। सीट उपलब्ध न होने पर उनका टिकट भी वेटिंग लिस्ट में जाता है और कन्फर्म न होने पर वे रिजर्व्ड कोच में नहीं बैठ सकते।

परिवार के किन सदस्यों को मिलती है सुविधा?

यह सुविधा कर्मचारी के पति या पत्नी, बच्चों और पूरी तरह से निर्भर माता-पिता तक सीमित होती है। बेटों के लिए आयु सीमा तय है जबकि अविवाहित बेटियों के लिए कोई उम्र सीमा नहीं रखी गई है।

क्यों दी जाती है यह सुविधा?

अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही यह व्यवस्था कर्मचारियों को परिवार से जुड़े रहने और देश के अलग-अलग हिस्सों को समझने का अवसर देने के उद्देश्य से लागू की गई थी। यह एक गैर-मौद्रिक लाभ है, न कि असीमित यात्रा का लाइसेंस।

रिटायरमेंट के बाद क्या?

सेवानिवृत्ति के बाद भी कर्मचारियों को पास दिए जाते हैं, लेकिन संख्या नौकरी के दौरान मिलने वाले पास से कम होती है। यह सुविधा उनके लंबे सेवा काल की मान्यता के रूप में दी जाती है।

बेटी के डेंटल एक्स-रे में दिखी ऐसी चीज, खुलासा हुआ तो डॉक्टर और मां-बाप के उड़े होश

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।