हैंडलूम साड़ी खरीदते समय न खाएं धोखा, इन 5 आसान तरीकों से करें असली बुनाई की पहचान!

हथकरघा साड़ियां भारतीय संस्कृति और कारीगरों की मेहनत से जुड़ी हैं। इन्हें हाथों और ट्रेडिशनल करघों से बनाया जाता है, इसलिए इन्हें तैयार करने में ज्यादा समय और मेहनत लगती है। इसी वजह से इनकी कीमत मशीन से बनी साड़ियों से ज्यादा हो सकती है। बाजार में मशीन से बनी साड़ियां बढ़ती जा रही है लेकिन कुछ आसान तरीकों से आप असली हैंडलूम कॉटन साड़ी की पहचान कर सकते है।

अपडेटेड Aug 20, 2026 पर 1:34 PM
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भारत की हथकरघा साड़ियां अपनी खूबसूरत बुनाई, ट्रेडिशनल डिजाइन और कारीगरों की मेहनत के लिए जानी जाती हैं। हैंडलूम साड़ियों की खासियत इनके कपड़े के साथ इनके डिजाइन और बुनाई के तरीके में भी नजर आती है। साड़ी पर बने फूल, पत्तियां, बॉर्डर और ट्रेडिशनल डिजाइन इसे खास पहचान देते हैं।

आज मार्केट में मशीन से बनी साड़ियों में भी कई तरह के सुंदर और बारीक डिजाइन देखने को मिलते हैं, सिर्फ केवल कपड़े की चमक या खूबसूरत पैटर्न वाली साड़ी हैंडलूम नहीं होती है। हैंडलूम कॉटन साड़ी खरीदने से पहले पूरी साड़ी में डिजाइन को ध्यान से देखें। कुछ तरीकों की मदद से आप असली हैंडलूम साड़ी की पहचान आसानी से कर सकते है।


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धागों से पहचानें असली बुनाई

असली हैंडलूम साड़ी को पहचानने का सबसे आसान तरीका उसकी बुनाई को ध्यान से देखना है। हाथ से बुनाई होने के कारण साड़ी के धागों में हल्की-सी असमानता नजर आ सकती है। कहीं धागा थोड़ा ऊपर-नीचे या बुनाई में मामूली अंतर दिखाई दे, तो इसे खराब क्वालिटी न समझें। मशीन से बनी साड़ी में बुनाई आमतौर पर ज्यादा एकसमान और बिल्कुल बराबर नजर आती है।

पीछे का डिजाइन बुनाई का राज

साड़ी खरीदते समय सिर्फ सामने का डिजाइन देखकर फैसला न करें, बल्कि कपड़े को पलटकर पीछे की तरफ भी जरूर देखें। हैंडलूम साड़ी के पीछे बुनाई और धागों का काम साफ नजर आ सकता है। डिजाइन जहां से बुना गया है, वहां धागों का पैटर्न पीछे की तरफ भी दिखाई देता है। इस तरह साड़ी की बुनाई को दोनों तरफ से देखकर आपको उसके हाथ से बुने होने का बेहतर अंदाजा मिल सकता है।

कपड़े की बनावट

हैंडलूम कॉटन साड़ी की बनावट मशीन से बने कपड़े से थोड़ी अलग महसूस हो सकती है। कपड़े को हाथ में लेकर उसकी मोटाई, नरमी और बुनाई को महसूस करें। हाथ से बुने कपड़े में हल्की खुरदुराहट या प्राकृतिक बनावट हो सकती है, जबकि मशीन से बने कपड़े की सतह अक्सर बहुत ज्यादा चिकनी और एक जैसी लगती है। साड़ी को हल्का मोड़कर भी देखें, इससे कपड़े की वास्तविक बनावट समझने में मदद मिल सकती है।

धागों में छिपा डिजाइन का फर्क

साड़ी के धागों और डिजाइन को भी ध्यान से देखना जरूरी है। हैंडलूम साड़ियों में कई डिजाइन सीधे बुनाई के दौरान तैयार किए जाते हैं, इसलिए पैटर्न सिर्फ ऊपर से चिपका हुआ या प्रिंट जैसा नहीं लगता। बॉर्डर और डिजाइन में धागों का काम ध्यान से देखें। हाथ से बुनाई के कारण छोटे-छोटे अंतर नजर आ सकते हैं, जो इसकी खासियत का हिस्सा हो सकते हैं।

 

 

 

हैंडलूम मार्क से करें पहचान

साड़ी खरीदते समय उस पर लगे Handloom Mark और दूसरे जरूरी लेबल जरूर देखें। ये मार्क साड़ी के हैंडलूम उत्पाद होने की पहचान में मदद कर सकते हैं। दुकानदार से साड़ी की बुनाई और उसके स्रोत के बारे में भी जानकारी लें। सिर्फ लेबल देखकर ही फैसला न करें, बल्कि बुनाई, कपड़े की बनावट और धागों को भी साथ में जांचें। इससे बाजार में मशीन से बनी साड़ी को हैंडलूम बताकर बेचने की संभावना से बचने में मदद मिल सकती है।

 

हथकरघा और मशीन से बनी साड़ियों को पहचानना आसान नहीं है, लेकिन बुनाई, कपड़े की बनावट, टैग और डिजाइन को ध्यान से देखकर काफी हद तक फर्क समझा जा सकता है। साड़ी खरीदते समय इन बातों पर ध्यान देने से असली हथकरघा साड़ी चुन सकते है।

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