क्या आप जानते हैं कि टॉयलेट का अविष्कार आपकी कल्पना से बहुत पहले ही हो चुका था? आज हम जिस आधुनिक सुविधाजनक फ्लश टॉयलेट का इस्तेमाल करते हैं, उसके पहले भी इंसान ने सफाई और स्वच्छता के लिए अलग-अलग तरह के शौचालय बनाए थे। इसका इतिहास बेहद रोचक है और इसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे। लगभग 4000 साल पहले सिंधु घाटी सभ्यता में घरों में ईंटों से बने निजी शौचालय पाए गए थे। ये शौचालय नालियों से जुड़े होते थे और शहर की सफाई बनाए रखने में मदद करते थे। उससे पहले मेसोपोटामिया (आज का इराक) में सरल गड्ढों वाले शौचालय होते थे, जो लगभग 5000-6000 साल पुराने हैं।
चीन में लगभग 2400 साल पहले पहला फ्लश शौचालय बना, जिसमें इस्तेमाल के बाद पानी डालकर इसे साफ किया जाता था। इस प्रकार, मानव इतिहास में स्वच्छता और टॉयलेट की खोजों ने सदियों पहले ही लोगों के जीवन को सुविधाजनक बनाने की दिशा में अहम योगदान दिया।
4000 साल पहले सिंधु घाटी सभ्यता में टॉयलेट
आज से लगभग 4000 साल पहले सिंधु घाटी सभ्यता में लोग टॉयलेट का इस्तेमाल करते थे। ये दुनिया का सबसे पहला टॉयलेट यहीं पाया गया।
सिंधु घाटी के घरों में ईंटों से बने निजी शौचालय होते थे। ये शौचालय नालियों से जुड़े होते थे और घर की सफाई व स्वच्छता में मदद करते थे।
मेसोपोटामिया के सरल गड्ढों वाले शौचालय
सिंधु घाटी से पहले इराक)में 5000-6000 साल पहले सरल गड्ढों वाले शौचालय पाए गए।
लगभग 2400 साल पहले चीन के शीआन में पहला फ्लश शौचालय बनाया गया। ये एक प्राचीन महल में स्थित था और 424 ईसा पूर्व का माना जाता है।
इस शौचालय में इस्तेमाल के बाद नौकर पानी डालते थे, जो पाइप के जरिए बाहर गड्ढे में चला जाता था। यह प्राचीन फ्लश सिस्टम था जो स्वच्छता बनाए रखता था।