Viral Video: मुंबई मेट्रो की तारीफ, लेकिन गंदे समुद्र तटों पर विदेशी ने उठाए सवाल, बोले- 'सफाई को नेशनल इमरजेंसी की तरह ले भारत'
Mumbai News: मुंबई में एक विदेशी देश की आर्थिक राजधानी के इंफ्रास्ट्रक्चर, खासकर नई खुली एक्वा लाइन मेट्रो से बहुत इम्प्रेस हुआ। लेकिन उसने एक ऐसी बड़ी बात भी बताई जिसे नजरअंदाज करना उसके लिए मुश्किल था। शहर के समुद्री बीच और सफाई की खराब हालत पर मायूस दिखा। उसने कहा कि सफाई और इस्तेमाल करने लायक वॉटरफ्रंट तक पहुंच पर भी उतना ही ध्यान देना चाहिए
Mumbai News: मुंबई का सैर करने आए विदेशी पर्यटक का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है
Mumbai News: मुंबई घूमने आए एक विदेशी नागरिक ने शहर के तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर की जमकर तारीफ की। लेकिन साथ ही मुंबई की साफ-सफाई और समुद्र तटों की बदहाल स्थिति पर गंभीर सवाल भी उठाए। उसने खास तौर पर मुंबई की नई एक्वा लाइन मेट्रो को शानदार बताते हुए कहा कि भारत ने मेट्रो, एयरपोर्ट, हाईवे और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। लेकिन साफ सड़कें, स्वच्छ समुद्र और इस्तेमाल करने लायक वाटरफ्रंट भी इंफ्रास्ट्रक्चर का हिस्सा होने चाहिए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर करते हुए Lee Kuan Yimby ने बताया कि वह हाल ही में मुंबई आए थे। शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को देखकर वह काफी प्रभावित हुए। उन्होंने लिखा कि भारत जिस तरह इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। वह काबिल-ए-तारीफ है। खास तौर पर उन्होंने मुंबई की नई Aqua Line Metro को शानदार बताया।
मेट्रो की तारीफ, लेकिन सफाई व्यवस्था पर सवाल
विदेशी नागरिक ने कहा कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के बावजूद मुंबई में बुनियादी स्वच्छता और सैनिटेशन के क्षेत्र में अभी काफी काम किए जाने की जरूरत है। उनका कहना था कि भारत में सफाई और कचरा प्रबंधन की समस्या का वास्तविक पैमाना तब समझ आता है, जब कोई व्यक्ति खुद इसे अपनी आंखों से देखता है।
उन्होंने मुंबई के समुद्र तटों का उदाहरण देते हुए कहा कि समुद्र के किनारे बसे इस शहर में रहने के बावजूद लोग समुद्र का सही तरीके से आनंद नहीं ले पाते। उनके मुताबिक कई समुद्र तटों पर कचरा दिखाई देता है। इससे पानी भी प्रदूषण से प्रभावित है। उन्होंने यह भी कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद लोग समुद्र में तैरने से बचते हैं।
उनके अनुसार, समुद्र तटों पर घूमने का अनुभव कई जगहों पर साफ पानी और सुंदर किनारे के बजाय गंदगी, कीचड़ और कचरे से जुड़ जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि दुनिया के कई अपेक्षाकृत गरीब इलाकों में भी लोग समुद्र तटों का इस्तेमाल कर पाते हैं। जबकि मुंबई जैसे बड़े और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण शहर में ऐसी स्थिति चिंता पैदा करती है।
'समस्या पैसे की नहीं, सिस्टम की है'
Yimby ने दावा किया कि मुंबई और भारत में सफाई की समस्या केवल पैसों की कमी के कारण नहीं है। उन्होंने दशकों से चली आ रही कमजोर कचरा संग्रह व्यवस्था, सीवेज ट्रीटमेंट की कमी और नियमों को प्रभावी तरीके से लागू न किए जाने को इसके पीछे की बड़ी वजह बताया।
उन्होंने कहा कि समस्या का स्तर अब इतना बड़ा महसूस होता है कि इसे छोटे-छोटे सफाई अभियानों से हल करना मुश्किल है। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि भारत से निकलने वाला कचरा समुद्रों और पर्यावरण पर व्यापक असर डाल रहा है।
पर्यटक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विकास दिशा की सराहना करते हुए कहा कि देश को सफाई अभियान को 'राष्ट्रीय आपातकाल' जैसी प्राथमिकता देनी चाहिए।
'छोटे अभियान नहीं, बड़े स्तर पर सफाई अभियान की जरूरत'
विदेशी नागरिक ने सुझाव दिया कि केवल प्रतीकात्मक या सीमित अवधि के सफाई अभियानों के बजाय बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके तहत लोगों को रोजगार देकर कचरा उठाने, नालियों और जलमार्गों की सफाई, समुद्र तटों की देखभाल और सार्वजनिक स्थानों के रखरखाव जैसे काम कराए जा सकते हैं।
पर्यटक का कहना था कि इसके लिए बेहतर उपकरण, पर्याप्त कर्मचारियों और मजबूत निगरानी व्यवस्था की भी जरूरत होगी। उन्होंने लिखा कि भारत ने यह साबित कर दिया है कि वह बड़े स्तर पर मेट्रो, एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बना सकता है। ऐसे में साफ सड़कें और स्वच्छ एवं उपयोग करने लायक जल क्षेत्र भी उसी स्तर के इंफ्रास्ट्रक्चर का हिस्सा माने जाने चाहिए।
'मुंबई का वाटरफ्रंट दुनिया के बेहतरीन वाटरफ्रंट में होना चाहिए'
Yimby ने मुंबई के समुद्री तटों की तुलना शहर की संभावनाओं से करते हुए कहा कि मुंबई के पास दुनिया के सबसे शानदार वाटरफ्रंट में से एक बनने की क्षमता है। लेकिन उनकी नजर में गंदगी और सीवेज की समस्या के कारण शहर इस प्राकृतिक संपदा का पूरा फायदा नहीं उठा पा रहा है।
यूजर्स के रिएक्शन
उनके इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने प्रतिक्रिया दी। कई मुंबईवासियों ने विदेशी नागरिक की बात से सहमति जताते हुए कहा कि शहर में हाईटेक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ स्वच्छता और कचरा प्रबंधन पर भी उतना ही ध्यान दिया जाना चाहिए।
एक मुंबई निवासी ने लिखा, "स्थानीय लोगों के लिए शहर के समुद्र तट लगभग उपयोग से बाहर हो गए हैं। समुद्र में तैरने का विचार अब मजाक जैसा लगता है।" एक अन्य यूजर ने कहा, "मैं अपने शहर से प्यार करता हूं। लेकिन बुनियादी सैनिटेशन और कचरा निपटान की समस्या मुंबई को दुनिया के दूसरे बड़े शहरों के बराबर खड़ा करने में बाधा बनती है।"
एक अन्य यूजर ने लिखा, "भारत और मुंबई को उन्नत सीवेज सिस्टम, अनुशासन और स्वच्छता पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। इसे विलासिता नहीं बल्कि जरूरी सुविधा माना जाना चाहिए। इस तरह एक विदेशी पर्यटक की टिप्पणी ने मुंबई के विकास मॉडल को लेकर एक अहम सवाल खड़ा किया है। क्या आधुनिक मेट्रो, हाईवे और एयरपोर्ट के साथ शहरों में स्वच्छ समुद्र तट, बेहतर सीवेज सिस्टम और साफ सार्वजनिक स्थानों को भी उतनी ही प्राथमिकता मिलनी चाहिए?" फिलहाल, विदेशी का वीडियो वायरल हो गया है।
I was just in Mumbai, and I have to give them credit for the progress they’re making on infrastructure. The new Aqua Line metro is phenomenal. But the amount of work India still has to do on basic cleanliness and sanitation and it is hard to understand until you see it yourself.… https://t.co/u6CbRjThkmpic.twitter.com/pXiY37DhrE