सोशल मीडिया पर कभी-कभी कुछ तस्वीरें ऐसी सामने आती हैं, जो लोगों का ध्यान खींचने के साथ विवाद भी खड़ा कर देती हैं। इन दिनों मॉडल ग्रेसी बोन (Gracie Bon) अपनी कुछ तस्वीरों को लेकर चर्चा में हैं। भूकंप से प्रभावित इलाके में मलबे के बीच उनकी तस्वीरें वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कुछ लोगों ने उनके फोटोशूट के तरीके पर सवाल उठाए, तो ग्रेसी ने वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी। आखिर कौन हैं ग्रेसी बोन और उनकी तस्वीरों को लेकर इतना विवाद क्यों हो रहा है? आइए जानते हैं।
मलबे के बीच तस्वीरें शेयर कर चर्चा में आईं ग्रेसी बोन
पिछले हफ्ते आए 7.7 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी। इस प्राकृतिक आपदा के बाद कई जगहों पर इमारतों और घरों को नुकसान पहुंचा। इसी बीच ग्रेसी बोन ने रविवार को भूकंप प्रभावित इलाके की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कीं। इनमें वह मलबे के बीच पोज देती नजर आईं।
तस्वीरों के साथ उन्होंने अपने देश के हालात पर दुख जताया। ग्रेसी ने लिखा कि भौतिक चीजों को दोबारा हासिल किया जा सकता है, लेकिन जिंदगी अनमोल है। उन्होंने लोगों से वर्तमान के लिए आभारी रहने और जरूरतमंदों की मदद करने की अपील भी की।
ग्रेसी बोन एक मॉडल और सोशल मीडिया पर्सनैलिटी हैं, जो अपनी तस्वीरों और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लोगों का ध्यान खींचती हैं। इस बार उनकी चर्चा किसी फैशन शूट के कारण नहीं, बल्कि भूकंप से प्रभावित इलाके में खिंचवाई गई तस्वीरों की वजह से हो रही है।
उनकी पोस्ट सामने आने के बाद कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित जगह पर इस तरह पोज देकर तस्वीरें शेयर करना कितना सही है। कुछ लोगों को उनका यह अंदाज असंवेदनशील लगा, क्योंकि भूकंप से प्रभावित परिवार उस समय मुश्किलों का सामना कर रहे थे।
वायरल तस्वीरों पर ग्रेसी बोन ने क्या कहा?
आलोचनाओं के बीच ग्रेसी ने एक वीडियो साझा कर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि वह प्रभावित इलाके में केवल तस्वीरें खिंचवाने नहीं गई थीं, बल्कि परिवारों को जरूरी सामान देने और उनकी जिंदगी दोबारा पटरी पर लाने में मदद करना चाहती थीं।
ग्रेसी के मुताबिक, तस्वीरें साझा करने का उद्देश्य लोगों का ध्यान प्रभावित परिवारों की ओर खींचना और अपने फॉलोअर्स को मदद के लिए प्रेरित करना था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मकसद आपदा की गंभीरता को नजरअंदाज करना नहीं था।
ग्रेसी बोन की तस्वीरों को लेकर इंटरनेट पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने उनके फोटोशूट के तरीके की आलोचना की, जबकि उनकी सफाई के मुताबिक, वह प्रभावित लोगों की मदद के लिए जागरूकता फैलाना चाहती थीं।