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AC कोच की बेडशीट धुलवाने पर इंडियन रेलवे कितना खर्च करता है? लॉन्ड्री बिल जानकर चौंक जाएंगे आप

Indian Railways News: अगर आपने कभी भारतीय रेलवे के AC कोच में सफर किया है, तो यात्रा के दौरान मिलने वाली सफेद चादर, तकिए का कवर और कंबल जरूर इस्तेमाल किया होगा। लाखों यात्रियों को रोजाना यह सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रेलवे को बड़े पैमाने पर लॉन्ड्री ऑपरेशन चलाना पड़ता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक चादर की धुलाई पर रेलवे कितना खर्च करता है?

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jun 10, 2026 पर 11:38 AM
AC कोच की बेडशीट धुलवाने पर इंडियन रेलवे कितना खर्च करता है? लॉन्ड्री बिल जानकर चौंक जाएंगे आप
Indian Railways News: हाल ही में सामने आए एक आधिकारिक रेलवे टेंडर ने इस सवाल का जवाब दिया है

Indian Railways News: भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक है, जहां हर दिन करोड़ों यात्री सफर करते हैं। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले AC कोच यात्रियों को रेलवे की ओर से बेडरोल किट उपलब्ध कराई जाती है, जिसमें बेडशीट, तकिए का कवर, तौलिया और कंबल शामिल होते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हर यात्रा के बाद इन चादरों और लिनेन की धुलाई पर रेलवे कितना खर्च करता होगा? हाल ही में सामने आए एक रेलवे टेंडर दस्तावेज ने इस सवाल का जवाब दिया है और यह आंकड़ा जानकर कई यात्री हैरान हैं।

रेलवे के आधिकारिक लॉन्ड्री टेंडर के मुताबिक, AC कोच में इस्तेमाल होने वाली एक बेडशीट को धोने की लागत सिर्फ 3.16 रुपये प्रति पीस है। यानी रेलवे एक चादर की सफाई पर 5 रुपये से भी कम खर्च करता है। यानी जिस चादर का इस्तेमाल हजारों यात्री रोज करते हैं, उसकी सफाई की लागत एक कप चाय की कीमत से भी कम है। यह आंकड़ा इसलिए चर्चा में है क्योंकि देश के सबसे बड़े सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में रोजाना हजारों बेडरोल और लाखों लिनेन आइटम्स की सफाई की जाती है।

रोजाना धुलती हैं लाखों चादरें

इंडियन रेलवे के विशाल नेटवर्क में रोजाना हजारों ट्रेनों का संचालन होता है। AC कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों को साफ-सुथरा बेडरोल उपलब्ध कराने के लिए लाखों बेडशीट, पिलो कवर और तौलियों की नियमित धुलाई की जाती है। रेलवे के लिए यह एक बड़ा लॉजिस्टिक ऑपरेशन है, जिसमें धुलाई, सुखाने, प्रेस करने और दोबारा ट्रेनों तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया शामिल होती है।

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