शादी को यादगार बनाने के लिए लोग अक्सर खूबसूरत जगहों का चुनाव करते हैं, लेकिन लंदन में रहने वाले भारतीय मूल के एक कपल ने ऐसा ठिकाना चुना, जहां शादी करना लगभग नामुमकिन माना जाता है। डॉ. मोनिका नय्यर और इन्वेस्टमेंट बैंकर विवेक नंदा ने मिस्र के मशहूर गीजा पिरामिड के पास अपनी शादी का जश्न मनाया। खास बात यह रही कि इसके लिए उन्हें मिस्र के अधिकारियों से बेहद दुर्लभ अनुमति मिली।
सिर्फ तीन कपल को मिली है ऐसी इजाजत
कपल की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, अब तक सिर्फ तीन कपल को गीजा पिरामिड परिसर में निजी समारोह करने की अनुमति मिली है। मोनिका और विवेक इस खास अनुमति पाने वाले भारतीय मूल के पहले कपल बताए जा रहे हैं। इस आयोजन के लिए मिस्र के पर्यटन और पुरावशेष मंत्रालय के साथ लंबी प्रक्रिया चली। ऐतिहासिक स्थल होने की वजह से शादी के हर हिस्से की बारीकी से समीक्षा की गई और अधिकारियों की निगरानी में कार्यक्रम को मंजूरी मिली।
रात में तैयार होता था शादी का पूरा सेटअप
इस शादी की तैयारी भी किसी फिल्मी सीन से कम नहीं थी। जानकारी के अनुसार, मेहमानों के लिए खास आयोजन स्थल तैयार करने में टीम को लगातार 10 रातें लगीं। हर शाम पर्यटकों के लिए पिरामिड परिसर बंद होने के बाद टीम वहां पहुंचती थी। रातभर मंच, रसोई, रोशनी और दूसरी अस्थायी सुविधाएं तैयार की जाती थीं। कार्यक्रम खत्म होने के बाद इस पूरे अस्थायी ढांचे को हटाने की भी व्यवस्था की गई। यानी दिन में जहां दुनिया भर से पर्यटक इतिहास देखने पहुंचते हैं, उसी जगह रात के समय एक खास शादी की तैयारियां चलती रहीं।
स्फिंक्स के सामने हुआ सबसे खास जश्न
तीन दिन तक चले इस समारोह का सबसे खास हिस्सा गीजा के स्फिंक्स के सामने आयोजित रिसेप्शन था। मेहमानों को एक निजी प्रवेश द्वार से अंदर लाया गया। रोशनी से जगमगाते पिरामिडों के बीच कपल ने अपनी एंट्री की और इसके बाद डिनर का आयोजन हुआ। दुनिया के सबसे पहचाने जाने वाले ऐतिहासिक स्थलों में से एक के सामने ऐसा निजी समारोह अपने आप में बेहद खास था।
कई देशों से पहुंचे 170 मेहमान
इस खास शादी में करीब 170 मेहमान शामिल हुए, जो अलग-अलग देशों से मिस्र पहुंचे थे। समारोह में भारतीय शादी की पारंपरिक रस्में भी हुईं और इसके बाद पिरामिड परिसर में भव्य जश्न के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कपल ने मिस्र को चुनने की वजह भी खास बताई। उनके मुताबिक, देश के इतिहास और वहां से उनके निजी जुड़ाव ने इस जगह को उनके लिए और खास बना दिया। विवेक नंदा अपने करियर के शुरुआती दौर में मिस्र में काम भी कर चुके हैं।