Indian Railways Facts: रेलवे ट्रैक पर क्यों डाली जाती है गिट्टी? जानें असली वजह

Facts about Railway: भारत का रेल नेटवर्क दुनिया में चौथे स्थान पर है, जहां रोज लाखों यात्री सफर करते हैं। आधुनिक ट्रेनों के बीच भी एक सवाल हमेशा उठता है रेलवे ट्रैक पर गिट्टी क्यों डाली जाती है? यह सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि सुरक्षा और स्थिरता की अहम वजह है, जो ट्रेनों को सुचारू रूप से चलने में मदद करती है

अपडेटेड Aug 22, 2025 पर 10:16 AM
Facts about Railway: रेल की पटरियों के नीचे कंक्रीट के बने ‘स्लीपर’ होते हैं।

भारत दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक है और यहां रोजाना लाखों यात्री यात्रा करते हैं। आधुनिक ट्रेनों जैसे वंदे भारत, वंदे मेट्रो और रैपिडएक्स—की चर्चा के बीच भी लोग अक्सर रेलवे ट्रैक की बनावट को लेकर जिज्ञासु रहते हैं। सबसे आम सवालों में से एक है रेलवे ट्रैक पर गिट्टी क्यों डाली जाती है? ये सवाल जितना आसान लगता है, उतना ही अहम भी है। ट्रैक के नीचे बिछे ये छोटे-छोटे पत्थर न सिर्फ रेल की पटरियों को सहारा देते हैं बल्कि ट्रेनों की सुरक्षा और स्थिरता में भी बड़ा योगदान करते हैं।

यही वजह है कि चाहे कोई भी ट्रेन हो, हर ट्रैक पर गिट्टी अनिवार्य रूप से नजर आती है। ये सिर्फ सजावट या परंपरा नहीं, बल्कि रेलवे इंजीनियरिंग का अहम हिस्सा है, जिसे समझना दिलचस्प भी है और जरूरी भी।

रेलवे ट्रैक कैसे बनता है


रेल की पटरियां सिर्फ लोहे से नहीं बनतीं। इनके नीचे कंक्रीट के बने स्लीपर  होते हैं और स्लीपर के नीचे गिट्टी की परत बिछी होती है, जिसे बलास्ट  कहा जाता है। इसके नीचे अलग-अलग मिट्टी की दो लेयर होती हैं, और सबसे नीचे सामान्य जमीन। ट्रैक को हमेशा आसपास की सतह से थोड़ा ऊंचा बनाया जाता है ताकि ये मजबूत और सुरक्षित रहे।

ट्रेन का वजन संभालने में गिट्टी की भूमिका

गिट्टी में इस्तेमाल किए गए पत्थर खासतौर पर नुकीले होते हैं। गोल पत्थर फिसल सकते हैं, जिससे पटरी हिल सकती है। नुकीले पत्थर आपस में कसकर फिट हो जाते हैं और आसानी से ट्रेन के 10 लाख किलो तक के वजन को संभाल लेते हैं। ये स्लीपर और पटरियों के नीचे मजबूती का आधार बनते हैं।

कंपन और फैलाव से बचाव

जब तेज रफ्तार ट्रेन गुजरती है, तो ट्रैक पर कंपन पैदा होता है। अगर ये कंपन सीधे पटरियों तक पहुंचे तो वे फैल सकती हैं या हिल सकती हैं। गिट्टी कंपन को सोख लेती है और स्लीपर को स्थिर रखती है, जिससे ट्रैक सुरक्षित रहता है।

पानी और घास की समस्या का समाधान

गिट्टी बरसात के पानी को जमीन तक पहुंचा देती है, जिससे ट्रैक पर जलभराव नहीं होता। अगर गिट्टी न हो तो पानी रुक जाएगा और ट्रैक के आसपास घास-पौधे उगने लगेंगे, जिससे ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होगी।

बिना गिट्टी के रेलवे ट्रैक मजबूत नहीं रह पाएंगे। ये न केवल वजन और कंपन झेलती है बल्कि ट्रैक को स्थिर, सूखा और साफ भी रखती है।

मुंबई के भारी बारिश की बीच ऑफिस आने को लेकर Gen Z ने बॉस को ऐसा जवाब, अब Viral हुआ स्क्रीनशॉट

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।