iPhone Duo Price: क्या वाकई टैक्स के कारण भारत में ₹3 लाख का मिल रहा iPhone Duo? जानिए इस दावे की सच्चाई

iPhone Duo Price: ₹2,99,900 की कीमत वाले नए iPhone Duo को लेकर सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि इस पर 28% कस्टम ड्यूटी और 18% GST लग रहा है। लेकिन क्या यह दावा सही है? हमने सरकारी नियमों और CBIC के आधिकारिक टैक्स स्लैब से इसकी पड़ताल की है जिससे कुछ और ही आंकड़ा आ रहा है। जानिए भारत में इंपोर्टेड फोन पर कितना लगता है टैक्स और इस फोन के महंगे होने की असल वजह

अपडेटेड Sep 14, 2026 पर 11:12 AM
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वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि इस फोन पर 28% इंपोर्ट ड्यूटी और 18% GST लगता है

iPhone Duo Price Calculation: सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि ₹2,99,900 की कीमत वाला iPhone Duo भारत में केवल भारी-भरकम टैक्स की वजह से इतना महंगा बिक रहा है। वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि इस फोन पर 28% इंपोर्ट ड्यूटी और 18% GST लगता है।

पोस्ट के मुताबिक, अगर इन टैक्सों को हटा दिया जाए तो भारत में फोन की प्री-टैक्स कीमत लगभग ₹1.98 लाख बैठती है जो कि अमेरिका की कीमत के बराबर ही है।

लेकिन क्या यह दावा पूरी तरह सही है? इसके लिए हमने केंद्र सरकार (CBIC) के आधिकारिक टैक्स स्लैब और कस्टम नियमों की जांच की। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि वायरल दावे में कितनी सच्चाई है और असली गणित क्या कहता है।


क्या है वायरल दावे का सच?

आपको बता दें कि वायरल पोस्ट में किया गया गणितीय और टैक्स दरों का दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है। वायरल पोस्ट में 28% इंपोर्ट यानी कस्टम ड्यूटी लगने की बात कही गई है, जो कि गलत है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश केंद्रीय बजट 2024 के बाद से भारत में पूरी तरह से इंपोर्ट होने वाले स्मार्टफोन (CBU) पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) घटकर 15% कर दी गई है। सोशल वेलफेयर सरचार्ज (SWS) मिलाकर भी यह कुल प्रभावी ड्यूटी करीब 16.5% बैठती है, न कि 28%।

वही बात GST की करें तो स्मार्टफोन पर भारत में फिलहाल 18% GST लगता है।

वायरल पोस्ट में ₹2,99,900 की अंतिम एमआरपी से सीधे 18% और 28% को घटा दिया गया है, जबकि टैक्स का गणित हमेशा बेस प्राइस के ऊपर जुड़कर निकाला जाता है, न कि उल्टा घटाकर।

आधिकारिक सरकारी टैक्स दरों के हिसाब से असली गणित

यदि किसी स्मार्टफोन की बेसिक इंपोर्ट वैल्यू (CIF Value) मान ली जाए, तो भारत में टैक्स का कैलकुलेशन इस प्रकार काम करता है:

इंपोर्ट वैल्यू : मान लेते हैं बेस प्राइस ₹X है।

कस्टम ड्यूटी (BCD + SWS): बेस प्राइस पर लगभग 16.5% कस्टम ड्यूटी लगती है।

IGST (18%): कस्टम ड्यूटी जुड़ने के बाद जो कुल रकम बनती है, उस पर 18% GST लगाया जाता है।

यानी भारत में किसी भी इंपोर्टेड प्रीमियम स्मार्टफोन पर कुल टैक्स का बोझ उसकी बेस कीमत का लगभग 37% से 38% होता है।

फिर iPhone Duo भारत में इतना महंगा क्यों है?

अगर कुल सरकारी टैक्स 37-38% ही है, तो ₹3 लाख के फोन में लगभग ₹2,17,000 बेस वैल्यू और लगभग ₹82,000 टैक्स शामिल होता है। इसके बावजूद अमेरिका के मुकाबले भारत में इसकी कीमत अधिक होने की 3 मुख्य वजहें हैं:

1. लोकल मैन्युफैक्चरिंग न होना: एपल अपने कई स्टैंडर्ड मॉडल (जैसे- iPhone 15/16) अब भारत में असेंबल कर रहा है, जिससे उन पर इंपोर्ट ड्यूटी बच जाती है। लेकिन Ultra या Duo जैसे फ्लैगशिप और नए वेरिएंट्स पूरी तरह विदेश से इंपोर्ट किए जाते हैं, जिस पर पूरी कस्टम ड्यूटी चुकानी पड़ती है।

2. करेंसी में उतार-चढ़ाव: एपल भारतीय बाजार में कीमतें तय करते समय डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में होने वाले उतार-चढ़ाव का बफर मार्जिन जोड़कर रखता है।

3. सप्लाई चेन और लोकल लॉजिस्टिक्स: विदेश से इंपोर्ट करने पर लॉजिस्टिक्स, शिपिंग, इंश्योरेंस और स्थानीय रिटेलर-डिस्ट्रीब्यूटर मार्जिन भी अंतिम MRP में जुड़ते हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले प्री-टैक्स कैलकुलेशन अक्सर भ्रामक होते हैं जो गलत तरीके से कैलकुलेट किए जाते है। वैसे ये बात सच है कि भारत में इंपोर्ट ड्यूटी और GST लगने से प्रीमियम विदेशी फोन महंगे हो जाते हैं, लेकिन 28% कस्टम ड्यूटी वाला दावा पूरी तरह से गलत है। ऐसे में जब तक एपल ऐसे प्रीमियम मॉडल्स का प्रोडक्शन भारत में शुरू नहीं करता तब तक ग्राहकों को टैक्स और इंपोर्ट कॉस्ट का यह एक्स्ट्रा बोझ उठाना ही पड़ेगा।

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