ISS Medical Emergency: 14 जनवरी को वापस लौट रहे एस्ट्रोनॉट, जानें कौन सी दवा साथ रखते हैं अंतरिक्षयात्री और नासा कैसे संभालता है हालात

ISS Medical Emergency: कुछ दिनों पहले आईएसएस पर एक अंतरिक्षयात्री की तबीयत खराब होने की जानकारी मिली थी। नासा ने जानकारी दी है कि ये यात्री 14 जनवरी को वापस लौट रहे हैं। आइए जानें आईएसएस पर मेडिकल एमर्जेंसी को नासा कैसे संभालता है और कौन सी दवाएं साथ लेकर जाते हैं एस्ट्रोनॉट

अपडेटेड Jan 12, 2026 पर 12:05 PM
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सभी यात्री स्पेसएक्स ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट से 15 जनवरी को कैलिफोर्लिया में लैंड करेंगे।

ISS Medical Emergency: अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) पर हाल ही में एक अंतरिक्ष यात्री की तबीयत बिगड़ने के बाद नासा को अपने क्रू-11 के सभी सदस्यों को मिशन के बीच से वापस बुलाना पड़ रहा है। आईएसएस के 25 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब मिशन अधूरा छोड़ कर अंतरिक्षयात्रियों को वापस लौटना पड़ रहा है। नासा ने बताया कि ये सभी 4 एस्ट्रोनॉट 14 जनवरी को वापस लौट रहे हैं। सभी यात्री स्पेसएक्स ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट से 15 जनवरी को कैलिफोर्लिया में लैंड करेंगे।

नासा के एस्ट्रोनॉट जेना कार्डमैन और माइक फिंके, जाक्सा (जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी) के एस्ट्रोनॉट किमिया यूई, और रोस्कोस्मोस के कॉस्मोनॉट ओलेग प्लाटोनोव गुरुवार, 15 जनवरी को सुबह लगभग 3:40 बजे कैलिफोर्निया के तट पर लैंड करेंगे। नासा ने प्राइवेसी का हवाला देते हुए बीमार एस्ट्रोनॉट के नाम का खुलासा नहीं किया है और बीमारी की गंभीरता पर भी कुछ नहीं कहा है। यह मिशन 25 साल के इतिहास में अपनी तरह का पहला मामला है। इससे पहले कभी किसी बीमारी की वजह से पूरे मिशन को बीच में नहीं रोका गया था।

अंतरिक्ष मिशन में मौजूद होते हैं फ्लाइट सर्जन

इस खबर ने पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों और स्पेस प्रेमियों को चिंता में डाल दिया है। लेकिन नासा के हर मिशन के लिए एक फ्लाइट सर्जन (स्पेस मेडिसिन डॉक्टर) रहता है, जो मिशन से पहले, मिशन के दौरान और मिशन के बाद अंतरिक्ष यात्रियों की सेहत पर नजर रखता है। इसके अलावा आईएसएस पर मजबूत मेडिकल स्टॉक और दवाइयां मौजूद हैं। क्रू को इनके इस्तेमाल की पूरी ट्रेनिंग दी जाती है। एक अंतरिक्ष यात्री में जब ब्लड क्लॉट (खून का थक्का) बनने की परेशानी हुई थी, तब नासा ने दवाइयों का इस्तेमाल इस तरह सीमित रखा ताकि अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित रूप से पृथ्वी तक लौट सके।


अगर आईएसएस पर इलाज संभव न हो, तो इमरजेंसी इवैक्यूएशन करने का विकल्प रहता है। इसके लिए सोयुज या क्रू ड्रैगन कैप्सूल लाइफबोट की तरह इस्तेमाल किए जाते हैं। हर अंतरिक्ष यात्री को मेडिकल रिस्पॉन्डर की ट्रेनिंग दी जाती है। उनके पास ट्रॉमा किट और अल्ट्रासाउंड मशीनें होती हैं जो आपात स्थिति में काम आती हैं।

ये दवाएं अपने साल लेकर जाते हैं एस्ट्रोनॉट

एस्ट्रोनॉट्स के पास एक खास मेडिकल किट होती है, जिसमें रोजमर्रा की बीमारियों से लेकर गंभीर दर्द तक की दवाएं होती हैं। नीचे उन दवाओं की लिस्ट दी गई है जो आईएसएस पर मौजूद रहती हैं:

पेनकिलर्स : एस्पिरिन, इबुप्रोफेन और एसिटामिनोफेन जैसी दवाएं सिरदर्द और शरीर के दर्द के लिए होती हैं।

मोशन सिकनेस : अंतरिक्ष में चक्कर आने या उल्टी रोकने के लिए विशेष पैच और दवाएं दी जाती हैं।

नींद की दवाएं : अंतरिक्ष में सोने का समय फिक्स नहीं होता, इसलिए नींद के लिए ‘मेलाटोनिन’ जैसी दवाएं रखी जाती हैं।

एंटीबायोटिक्स : किसी भी तरह के संक्रमण (Infection) को रोकने के लिए ब्रॉड-स्पेक्ट्रम एंटीबायोटिक्स मौजूद होती हैं।

एलर्जी की दवाएं : धूल या अन्य कारणों से होने वाली एलर्जी के लिए एंटी-हिस्टामाइन दवाएं साथ रखी जाती हैं।

प्राथमिक उपचार : इसमें पट्टियां, मलहम, आई-ड्रॉप्स और घाव साफ करने वाले लिक्विड शामिल होते हैं।

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