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बहन के फर्जी इलाज के नाम पर क्राउड फंडिंग! X पर ट्रेंड हो रहा जय सिंह राठौर कौन?

X पर मदद की एक अपील ने देखते ही देखते हजारों लोगों का ध्यान खींच लिया। एक नाबालिग बच्ची के इलाज के नाम पर डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा जुटाए जाने का दावा हुआ, लेकिन मेडिकल दस्तावेजों पर सवाल उठते ही पूरी कहानी ने यू-टर्न ले लिया। अस्पताल की चेतावनी के बाद अब कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं

Edited By: Anchal Jhaअपडेटेड Sep 23, 2026 पर 5:39 PM
बहन के फर्जी इलाज के नाम पर क्राउड फंडिंग! X पर ट्रेंड हो रहा जय सिंह राठौर कौन?
मदद के लिए लगाई गुहार से लेकर सवालों के घेरे तक पहुंचे जय सिंह राठौर

सोशल मीडिया पर मदद की एक अपील ने कुछ ही घंटों में सैकड़ों लोगों को भावुक कर दिया। X पर Jay Singh Rathore नाम के एक यूजर ने दावा किया कि उसकी 12 साल की छोटी बहन की आंखों की रोशनी खतरे में है और उसे तत्काल इलाज की जरूरत है। पोस्ट के साथ मेडिकल दस्तावेज भी साझा किए गए थे और लोगों से छोटी-छोटी रकम, यहां तक कि ₹10 या ₹20, देने की अपील की गई थी। अपील तेजी से वायरल हुई। अगले दिन Rathore ने दावा किया कि लोगों की मदद से ₹1.5 लाख से अधिक जुट चुके हैं। इसके बाद उन्होंने भुगतान से जुड़ी जानकारी हटाते हुए कहा कि जरूरत से ज्यादा रकम मिल चुकी है।

कहानी में आया अचानक मोड़

मामला तब बदल गया, जब सोशल मीडिया यूजर्स ने पोस्ट में लगाए गए मेडिकल दस्तावेजों पर सवाल उठाने शुरू किए। खास तौर पर Shroff Eye Centre के नाम और लेटरहेड वाले दस्तावेज चर्चा में आ गए। इसके बाद अस्पताल की ओर से एक सार्वजनिक चेतावनी सामने आई। अस्पताल ने कहा कि किसी ने कथित तौर पर उसके लेटरहेड का इस्तेमाल कर फर्जी मरीज रिकॉर्ड, प्रिस्क्रिप्शन और इलाज का अनुमान तैयार किया और आर्थिक सहायता के लिए लोगों तथा संस्थाओं से संपर्क किया। यही वो क्षण था, जब मदद की अपील से शुरू हुई कहानी संदेह और सवालों के घेरे में आ गई। मामला तब बदल गया,जब सोशल मीडिया यूजर्स ने पोस्ट किया की जिवन मरन सब वहीं सिमित है।

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