नौकरी से परेशान होना आज के समय में कोई नई बात नहीं है। कई कर्मचारी रोज ऑफिस जाने, लंबे काम के घंटे और एक जैसी दिनचर्या से थक जाते हैं और उन्हें लगता है कि अब नौकरी बदल लेनी चाहिए। लेकिन मौजूदा जॉब मार्केट की तस्वीर कुछ और ही कहानी बता रही है। सोशल मीडिया पर एक महिला ने इसी मुद्दे पर लोगों का ध्यान खींचा और कहा कि नौकरी से नाराज होना अपनी जगह सही है, लेकिन इसे छोड़ने से पहले बाहर के हालात को भी देखना चाहिए। उनका कहना है कि जहां कुछ लोग अपनी मौजूदा नौकरी से परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ बड़ी संख्या में लोग लगातार आवेदन भेज रहे हैं और एक इंटरव्यू कॉल का इंतजार कर रहे हैं।
ऐसे में उनकी बात ने नौकरीपेशा लोगों और जॉब तलाश रहे उम्मीदवारों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने अपने अनुभव और मौजूदा हालात के जरिए लोगों को एक अलग नजरिया देखने की कोशिश की है।
50 से 200 आवेदन, फिर भी नहीं मिल रहा जवाब
Mridul Gupta ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करते हुए नौकरी के मौजूदा हालात पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि कई लोग रोजाना दर्जनों, यहां तक कि 50, 100 और 200 तक नौकरियों के लिए आवेदन कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कंपनियों की तरफ से कोई जवाब नहीं मिल रहा। उन्होंने यह भी कहा कि कई साल का अनुभव रखने वाले लोगों को भी एंट्री-लेवल पदों के लिए रिजेक्ट किया जा रहा है। ऐसे में नौकरी से परेशान होना अपनी जगह सही है, लेकिन मौजूदा जॉब मार्केट की स्थिति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
‘नौकरी पसंद न होना गलत नहीं’
गुप्ता ने साफ कहा कि किसी को अपनी नौकरी पसंद नहीं है या रोज के काम से थकान महसूस होती है, तो इसमें कुछ गलत नहीं है। हर व्यक्ति अपनी नौकरी से खुश हो, यह जरूरी भी नहीं। लेकिन उन्होंने लोगों से अपील की कि सुबह ऑफिस में लॉगिन करते समय शिकायत करने से पहले उन लोगों के बारे में भी सोचें, जो अपने इनबॉक्स को बार-बार सिर्फ एक इंटरव्यू कॉल की उम्मीद में चेक कर रहे हैं।
‘नौकरी होना भी अब किसी सौभाग्य से कम नहीं’
उनका कहना था कि किसी को अपनी नौकरी से प्यार करने की जरूरत नहीं है, लेकिन मौजूदा हालात में नौकरी होना अपने आप में एक ऐसी चीज है, जिसके लिए आभारी हुआ जा सकता है।
उनकी बात का मकसद लोगों को नौकरी में फंसे रहने की सलाह देना नहीं, बल्कि मौजूदा जॉब मार्केट की मुश्किल स्थिति को समझाना था।
सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा- ‘बिल्कुल सही बात’
Gupta के वीडियो पर कई लोगों ने उनकी बात से सहमति जताई। एक यूजर ने इसे जरूरी रियलिटी चेक बताया, जबकि दूसरे ने लिखा कि मौजूदा समय में नौकरी होना भी किसी विशेषाधिकार जैसा महसूस होता है।
कई लोगों ने अपने अनुभव भी साझा किए। यूजर्स ने बताया कि सही योग्यता और अनुभव होने के बावजूद इंटरव्यू तक पहुंचना मुश्किल हो गया है।
एक कमेंट में कहा गया, “जॉब मार्केट सच में बेहद मुश्किल है।” वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा कि बड़ी संख्या में योग्य लोग आज भी सिर्फ एक इंटरव्यू के मौके के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।